{"_id":"616dc228c867a166fc34f118","slug":"due-to-inflation-it-is-also-difficult-to-dye-and-paint-shamli-news-mrt561226211","type":"story","status":"publish","title_hn":"महंगाई की मार, रंगाई-पुताई कराना भी दुश्वार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
महंगाई की मार, रंगाई-पुताई कराना भी दुश्वार
विज्ञापन
पेंट व्यापारी शुभम
- फोटो : SHAMLI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
महंगाई की मार, रंगाई-पुताई कराना भी दुश्वार
शामली। दिवाली की तैयारियां घर-घर शुरू हो चुकी हैं। घरों की साफ - सफाई के साथ ही रंगाई-पुताई काम भी शुरू हो चुका है। लेकिन इस बार रंगाई पुताई पर भी महंगाई का रंग चढ़ा हुआ है। इस बार पेंट्स के दामों में 10 से 15 फीसदी तक इजाफा हुआ है। पेंट्स विक्रेताओं के अनुसार पिछले साल की अपेक्षा इस साल पेंट्स, प्लास्टिक कलर्स आदि के दामों में 10-15 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी हुई है। इसका कारण पेट्रोलियम पदार्थों का दाम बढ़ना बताया जा रहा है।
मजदूरों ने बढ़ाई अपनी मजदूरी
दीवार, खिड़की और दरवाजे के रंग-रोगन का मेहनताना पिछले वर्ष 400 रुपये प्रतिदिन तक था। इस बार यह 600 तक पहुंच गया है। त्योहार के दौरान बढ़ते काम के चलते मजदूरों का मिलना भी मुश्किल हो रहा है।
गहरे और चमकदार रंग किए जा रहे पसंद
पेंट विक्रेता शुभम अग्रवाल के अनुसार नई पीढ़ी अलग चमक और भिन्न और गहरे रंगों को पसंद कर रहा है। इन रंगों से कमरों में रोशनी की अधिकता रहती है। दुकानदारों के मुताबिक प्लास्टिक पेंट हल्की रोशनी में भी घर को चमक से भर देते हैं। बदले दौर में लोगों की पसंद प्लास्टिक पेंट बन गया है। संपन्न एवं स्तरीय लोग परंपरागत रंगों से हटकर मनचाहा रंग बनवा रहे हैं। पेंट कारोबार के लिए नवरात्र से दीपावली तक का समय अच्छा होता है।
विज्ञापन
पेट्रोलियम पदार्थों की वजह से बढ़ दाम
विक्रेता शुभम अग्रवाल के मुताबिक गत वर्ष की तुलना में रंगाई-पुताई का काम 15 प्रतिशत तक महंगा हो गया है। पेट्रो पदार्थों की मूल्य वृद्धि के चलते डिस्टेंपर, इमल्सन पेंट, इनेमिल, प्राइमर आदि के दामों में इजाफा हुआ है। इतना ही नहीं संबंधित अन्य सामान और मेहनताना भी महंगा हुआ है।
दाम पिछले साल और इस साल रुपये प्रति लीटर
ऑयल पेंट इमल्सन पेंट प्लास्टिक पेंट
220-235 115-130 215-230
नोट:- अलग-अलग ब्रांड के पेंट की कीमतों में अंतर हो सकता है।
विज्ञापन
शामली। दिवाली की तैयारियां घर-घर शुरू हो चुकी हैं। घरों की साफ - सफाई के साथ ही रंगाई-पुताई काम भी शुरू हो चुका है। लेकिन इस बार रंगाई पुताई पर भी महंगाई का रंग चढ़ा हुआ है। इस बार पेंट्स के दामों में 10 से 15 फीसदी तक इजाफा हुआ है। पेंट्स विक्रेताओं के अनुसार पिछले साल की अपेक्षा इस साल पेंट्स, प्लास्टिक कलर्स आदि के दामों में 10-15 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी हुई है। इसका कारण पेट्रोलियम पदार्थों का दाम बढ़ना बताया जा रहा है।
मजदूरों ने बढ़ाई अपनी मजदूरी
दीवार, खिड़की और दरवाजे के रंग-रोगन का मेहनताना पिछले वर्ष 400 रुपये प्रतिदिन तक था। इस बार यह 600 तक पहुंच गया है। त्योहार के दौरान बढ़ते काम के चलते मजदूरों का मिलना भी मुश्किल हो रहा है।
विज्ञापन
गहरे और चमकदार रंग किए जा रहे पसंद
पेंट विक्रेता शुभम अग्रवाल के अनुसार नई पीढ़ी अलग चमक और भिन्न और गहरे रंगों को पसंद कर रहा है। इन रंगों से कमरों में रोशनी की अधिकता रहती है। दुकानदारों के मुताबिक प्लास्टिक पेंट हल्की रोशनी में भी घर को चमक से भर देते हैं। बदले दौर में लोगों की पसंद प्लास्टिक पेंट बन गया है। संपन्न एवं स्तरीय लोग परंपरागत रंगों से हटकर मनचाहा रंग बनवा रहे हैं। पेंट कारोबार के लिए नवरात्र से दीपावली तक का समय अच्छा होता है।
विज्ञापन
पेट्रोलियम पदार्थों की वजह से बढ़ दाम
विक्रेता शुभम अग्रवाल के मुताबिक गत वर्ष की तुलना में रंगाई-पुताई का काम 15 प्रतिशत तक महंगा हो गया है। पेट्रो पदार्थों की मूल्य वृद्धि के चलते डिस्टेंपर, इमल्सन पेंट, इनेमिल, प्राइमर आदि के दामों में इजाफा हुआ है। इतना ही नहीं संबंधित अन्य सामान और मेहनताना भी महंगा हुआ है।
दाम पिछले साल और इस साल रुपये प्रति लीटर
ऑयल पेंट इमल्सन पेंट प्लास्टिक पेंट
220-235 115-130 215-230
नोट:- अलग-अलग ब्रांड के पेंट की कीमतों में अंतर हो सकता है।

शामली के वीवी इन्टर कॉलेज रोड स्थित पेंट्स की दुकान- फोटो : SHAMLI