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Shamli News: मौसम की मार...गले और कान दर्द के मरीज बढ़े
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- जिला अस्पताल में हर रोज पहुंच रहे 30 से 32 मरीज
- चिकित्सक दे रहे सावधानी बरतने की सलाह
संवाद न्यूज एजेंसी
शामली। मौसम में बदलाव व कड़ाके की ठंड से जिला अस्पताल में कान और गले के मरीजों की संख्या बढ़ गई है। यहां कान में रुखापन के साथ दर्द, सनसनाहट और भारीपन होने की समस्याएं लेकर मरीज आ रहे हैं। इसके साथ ही मरीजों के गले में जकड़न के साथ दर्द होने के भी मामले सामने आ रहे हैं।
जिला अस्पताल की ओपीडी में नाक, कान व गला रोग विभाग में कान व गले के दर्द से पीड़ित 30 से 32 मरीज पिछले एक सप्ताह से प्रतिदिन आ रहे हैं। विशेषज्ञ उन्हें बचाव व परेशानी होने पर चिकित्सक से दिखाने की सलाह दे रहे हैं। ठंड के मौसम में कई प्रकार की बीमारियां सामने आ रही हैं। इसमें सर्दी, जुकाम से कान में दर्द व सुनाई नहीं देने जैसी दिक्कतें सामने आ रही है। सर्दी के कारण कान में भारीपन, झनझनाहट, दर्द और सुनने में परेशानी हो रही है।
जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ.किशोर कुमार आहूजा का कहना है कि सर्द और धूल भरी हवा के कारण कान की नली में सूखापन और जलन होती है। इससे बैक्टीरिया और फंगस पनपने लगते हैं। बच्चों में सर्दी जुकाम बार-बार होने से नाक और कान को जोड़ने वाली नली प्रभावित होती है और संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है।
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-- इस तरह से करें बचाव
सीएमएस के अनुसार, ठंड के मौसम में कानों को ढक कर रखें। सर्दी जुकाम होने पर समय पर इलाज कराएं। कान में तेल या कोई भी दवा बिना डॉक्टर की सलाह के न डालें। नहाते समय पानी कान में जाने से बचाएं। बच्चों के कान में कुछ भी डालने से रोकें। प्रदूषण से बचने के लिए बाहर निकलते समय सावधानी बरतें। प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए पौष्टिक आहार लें। सीएमएस का कहना है कि कान में हल्की सी भी परेशानी होने पर नजदीकी ईएनटी विशेषज्ञ से परामर्श जरूर लें, ताकि समय रहते सही इलाज हो सके और सुनने की क्षमता सुरक्षित रह सके।
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- चिकित्सक दे रहे सावधानी बरतने की सलाह
संवाद न्यूज एजेंसी
शामली। मौसम में बदलाव व कड़ाके की ठंड से जिला अस्पताल में कान और गले के मरीजों की संख्या बढ़ गई है। यहां कान में रुखापन के साथ दर्द, सनसनाहट और भारीपन होने की समस्याएं लेकर मरीज आ रहे हैं। इसके साथ ही मरीजों के गले में जकड़न के साथ दर्द होने के भी मामले सामने आ रहे हैं।
जिला अस्पताल की ओपीडी में नाक, कान व गला रोग विभाग में कान व गले के दर्द से पीड़ित 30 से 32 मरीज पिछले एक सप्ताह से प्रतिदिन आ रहे हैं। विशेषज्ञ उन्हें बचाव व परेशानी होने पर चिकित्सक से दिखाने की सलाह दे रहे हैं। ठंड के मौसम में कई प्रकार की बीमारियां सामने आ रही हैं। इसमें सर्दी, जुकाम से कान में दर्द व सुनाई नहीं देने जैसी दिक्कतें सामने आ रही है। सर्दी के कारण कान में भारीपन, झनझनाहट, दर्द और सुनने में परेशानी हो रही है।
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जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ.किशोर कुमार आहूजा का कहना है कि सर्द और धूल भरी हवा के कारण कान की नली में सूखापन और जलन होती है। इससे बैक्टीरिया और फंगस पनपने लगते हैं। बच्चों में सर्दी जुकाम बार-बार होने से नाक और कान को जोड़ने वाली नली प्रभावित होती है और संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है।
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सीएमएस के अनुसार, ठंड के मौसम में कानों को ढक कर रखें। सर्दी जुकाम होने पर समय पर इलाज कराएं। कान में तेल या कोई भी दवा बिना डॉक्टर की सलाह के न डालें। नहाते समय पानी कान में जाने से बचाएं। बच्चों के कान में कुछ भी डालने से रोकें। प्रदूषण से बचने के लिए बाहर निकलते समय सावधानी बरतें। प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए पौष्टिक आहार लें। सीएमएस का कहना है कि कान में हल्की सी भी परेशानी होने पर नजदीकी ईएनटी विशेषज्ञ से परामर्श जरूर लें, ताकि समय रहते सही इलाज हो सके और सुनने की क्षमता सुरक्षित रह सके।