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कैराना तहसील के नौ गांवो में सर्वे आफ इंडिया ने किया ड्रोन फ्लाइंग सर्वे

Tue, 05 Jul 2022 12:03 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Tue, 05 Jul 2022 12:03 AM IST
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Drone survey of nine villages of Kairana tehsil
संवाद न्यूज एजेंसी
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कैराना। तहसील क्षेत्र के नौ गांवों के मकानों की घरौनी बनाने के लिए देहरादून से सर्वे आफ इंडिया की टीम आई। उसने ड्रोन से सर्वे शुरू कर दिया। ड्रोन द्वारा सभी नौ गांवों के मानचित्र बनाने के बाद हल्का लेखपाल डोर-टू-डोर सर्वे करके घरौनी के लिए अभिलेखों में मकान मालिकों का नाम दर्ज करेंगे।
सरकार द्वारा घरौनी तैयार कर मकान मालिकों को दी जाएगी। इसके लिए तहसील के 101 गांवों में से 71 का सर्वे पहले हो चुका है। सोमवार को तहसील के नौ गांव जंधेडी, नंगला राई अहतमाल, मवी अहतमाल, मामौर बिना अहतमाल, कांधला उत्तरी, कांधला पूर्वी, गंगेरू पूर्वी, गंगेरू पश्चिमी व गंगेरू उत्तरी के ड्रोन से सर्वेक्षण के लिए सर्वे आफ इंडिया के चार सदस्यों की टीम कैराना पहुंची। टीम द्वारा गांवों में ड्रोन से सर्वे शुरू किया गया। टीम ड्रोन से गांवों की आबादी का मानचित्र बनाएगी। मानचित्र सर्वे आफ इंडिया से सत्यापित होने के बाद पुन: तहसील भेजा जाएगा। इसके बाद हल्का लेखपाल मानचित्र के अनुसार गांवों में डोर टू डोर जाकर मकान मालिक का डाटा अपने सर्वर में फीड करेंगे। इसके बाद आपत्तियां ली जाएंगी।
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यदि किसी मकान के नंबर पर कोई विवाद अथवा कोर्ट में विचाराधीन होगा तो उसकी घरौनी बनाना रोक दिया जाएगा। आपत्ति के निस्तारण के बाद ही घरौनी बनेगी। जिस प्रकार कृषि भूमि के लिए खतौनी बनती है उसी प्रकार मकानों के लिए प्रशासन द्वारा घरौनी तैयार करके मालिकाना हक दिया जाएगा। वहीं, तहसीलदार प्रियंका जायसवाल ने बताया कि तहसील के नौ गांवों में ड्रोन से सर्वे कराया जा रहा है। इसके बाद लेखपाल मानचित्र के हिसाब से गांवों में डोर टू डोर जाकर मकान मालिक के नाम दर्ज करेंगे। उन्हें बाद में घरौनी दी जाएगी।
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घरौनी से फायदे
तहसीलदार प्रियंका जायसवाल ने बताया कि गांवों में मकानों के बैनामे रजिस्टर नहीं होते थे। शासन द्वारा गांव की आबादी में मकानों के मालिकों को घरौनी दी जाएगी। इसका प्रयोग ग्रामीण बैंक के लोन अथवा निवास प्रमाणपत्र व अन्य प्रमाणपत्र लेने में कर सकेंगे। इससे आपसी विवाद भी कम होंगे।
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