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कृष्णा के किनारे अधर में लटकी पेयजल परियोजनाएं
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शामली। कृष्णा नदी के किनारे के गांवों में ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल मुहैया कराने के लिए शुरू किया गया पेयजल परियोजनाओं का निर्माण पूरा नहीं हो सका है। इनमें से कई परियोजनाओं पर काम शुरू हुए एक साल होने को है। कार्य पूरा नहीं होने पर हाल ही में एनजीटी ने भी कड़ा रुख अपनाते हुए उत्तर प्रदेश शासन के मुख्य सचिव को कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। साथ ही दिसंबर तक परियोजनाओं की रिपोर्ट दाखिल करने को भी कहा है।
सहारनपुर जिले से आ रही कृष्णा नदी थानाभवन क्षेत्र के गांव चंदेनामा से शामली जनपद में प्रवेश करती है। करीब 25 ग्राम पंचायतें नदी के किनारे पर हैं। इन पंचायतों के साथ ही आसपास के कुल 29 गांवों में पेयजल दूषित पाया गया था। एनजीटी ने इन गांवों में शुद्ध पेयजल मुहैया कराने के आदेश दिए थे। इस पर शासन ने 29 ग्राम पंचायतों में पेयजल परियोजनाओं का निर्माण शुरू कराया। इनमें कई परियोजनाओं को एक साल पूरा हो चुका है जबकि कुछ को एक-दो महीने में पूरा हो जाएगा। एनजीटी में दाखिल की गई रिपोर्ट में जल निगम ने 29 में से सात परियोजनाओं को पूरा होना दर्शाया गया है लेकिन इनमें से भी पेयजल की आपूर्ति कहीं भी शुरू नहीं हुई। 15 परियोजनाओं में तो 50 प्रतिशत से भी कम काम हुआ है। जबकि कुछ ऐसी भी हैं जिनमें 85 से 90 प्रतिशत तक काम हो गया है। परियोजनाएं पूरी नहीं होने से ग्रामीणों को दूषित पानी पीने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
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यह है पेयजल परियोजनाओं में कार्य की स्थिति
जल निगम की रिपोर्ट के अनुसार शामली-शामला में 99 प्रतिशत, बुच्चाखेड़ी में में 95, इस्सोपुर खुरगान में 85, सोहजनी उमरपुर में 90, बरला जट में 90, भनेड़ा में 15, फतेहपुर में 48, गोगवान जलालपुर में 60, हिरनवाड़ा में 33, किवाना में 40, कुतुबगढ़ में 20, मालैंडी में 23, मतनावली में 58, रायपुर में 40, सोटा में 20, डांगरौल में 38, खवासपुर में 42, सल्फा में 65, सुन्ना में 08, लिसाड़ में 20, कनियान में 13, समसपुर में 54, खानपुर तलवा में 20, जमालपुर में 56 तथा शामली नगर पुनर्गठन परियोजना का 17 प्रतिशत काम हुआ है। इसके अतिरिक्त गांव भिक्की देह में कार्य बंद पड़ा है।
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इन्होंने कहा...
जल निगम के अधिशासी अभियंता राजेंद्र कुमार जैन का कहा है कि सात परियोजनाओं का काम पूरा हो चुका है। इसके अलावा ज्यादातर में पूरा होने के नजदीक है। कोरोना संक्रमण के चलते काम प्रभावित रहा था। जल्द ही काम पूरा कर लिया जाएगा। अधिकांश में ट्यूबवेल, पाइप लाइन का काम पूरा हो गया है। कुछ में विद्युत कनेक्शन ही होने हैं।
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सहारनपुर जिले से आ रही कृष्णा नदी थानाभवन क्षेत्र के गांव चंदेनामा से शामली जनपद में प्रवेश करती है। करीब 25 ग्राम पंचायतें नदी के किनारे पर हैं। इन पंचायतों के साथ ही आसपास के कुल 29 गांवों में पेयजल दूषित पाया गया था। एनजीटी ने इन गांवों में शुद्ध पेयजल मुहैया कराने के आदेश दिए थे। इस पर शासन ने 29 ग्राम पंचायतों में पेयजल परियोजनाओं का निर्माण शुरू कराया। इनमें कई परियोजनाओं को एक साल पूरा हो चुका है जबकि कुछ को एक-दो महीने में पूरा हो जाएगा। एनजीटी में दाखिल की गई रिपोर्ट में जल निगम ने 29 में से सात परियोजनाओं को पूरा होना दर्शाया गया है लेकिन इनमें से भी पेयजल की आपूर्ति कहीं भी शुरू नहीं हुई। 15 परियोजनाओं में तो 50 प्रतिशत से भी कम काम हुआ है। जबकि कुछ ऐसी भी हैं जिनमें 85 से 90 प्रतिशत तक काम हो गया है। परियोजनाएं पूरी नहीं होने से ग्रामीणों को दूषित पानी पीने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
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यह है पेयजल परियोजनाओं में कार्य की स्थिति
जल निगम की रिपोर्ट के अनुसार शामली-शामला में 99 प्रतिशत, बुच्चाखेड़ी में में 95, इस्सोपुर खुरगान में 85, सोहजनी उमरपुर में 90, बरला जट में 90, भनेड़ा में 15, फतेहपुर में 48, गोगवान जलालपुर में 60, हिरनवाड़ा में 33, किवाना में 40, कुतुबगढ़ में 20, मालैंडी में 23, मतनावली में 58, रायपुर में 40, सोटा में 20, डांगरौल में 38, खवासपुर में 42, सल्फा में 65, सुन्ना में 08, लिसाड़ में 20, कनियान में 13, समसपुर में 54, खानपुर तलवा में 20, जमालपुर में 56 तथा शामली नगर पुनर्गठन परियोजना का 17 प्रतिशत काम हुआ है। इसके अतिरिक्त गांव भिक्की देह में कार्य बंद पड़ा है।
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इन्होंने कहा...
जल निगम के अधिशासी अभियंता राजेंद्र कुमार जैन का कहा है कि सात परियोजनाओं का काम पूरा हो चुका है। इसके अलावा ज्यादातर में पूरा होने के नजदीक है। कोरोना संक्रमण के चलते काम प्रभावित रहा था। जल्द ही काम पूरा कर लिया जाएगा। अधिकांश में ट्यूबवेल, पाइप लाइन का काम पूरा हो गया है। कुछ में विद्युत कनेक्शन ही होने हैं।