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शिक्षा की गुणवत्ता परखने के लिए कवायद
अमर उजाला ब्यूरो, शामली
Updated Tue, 07 Nov 2017 11:33 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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शामली। प्राथमिक और जूनियर हाईस्कूलों में विद्यार्थियों को दी जा रही शिक्षा की गुणवत्ता जांचने के लिए एनसीईआरटी नेशनल अचीवमेंट सर्वे कराया जा रहा है। इसके तहत प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था की स्थिति, पढ़ाई के प्रति शिक्षकों की गंभीरता और शिक्षा का स्तर सुधारने को लेकर विभाग की सक्रियता के बारे में पता लगाया जाएगा। सर्वे में कक्षा तीन, पांच और आठ के विद्यार्थी शामिल होंगे। जिले में 13 नवंबर को परीक्षा होगी।
इस मसले पर कलक्ट्रेट सभागार में डीएम के निर्देशन में बैठक हुई। जिलाधिकारी ने सभी शिक्षा अधिकारियों व नोडल अधिकारियों को परीक्षा को निष्पक्षता के साथ कराने के निर्देश दिए। वहीं, प्रधानाचार्यों व अन्य शिक्षकों को परीक्षा कराने का प्रशिक्षण दिया गया। मानव संसाधन मंत्रालय सरकारी स्कूलों में कक्षा एक से आठ तक दी जा रही शिक्षा की गुणवत्ता की जांच कराना चाहता है।
मंत्रालय ने यह जिम्मेदारी एनसीईआरटी को सौंपी है। इसके लिए डायट प्राचार्य भीम सिंह को नोडल अधिकारी बनाया गया है। उन्होंने बताया कि पहली बार इतने बडे़ स्तर पर देश भर से सर्वे कराया जा रहा है। एनसीईआरटी ने जिले के करीब 173 स्कूलों को सर्वे में शामिल किया है, जिसमें 156 प्राथमिक व उच्च प्राथमिक और 17 माध्यमिक विद्यालयों का चयन हुआ है।
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बीएसए चंद्रशेखर ने बताया कि अचीवमेंट सर्वे की तैयारियां को लेकर मंगलवार को डीएम इंद्र विक्रम सिंह ने कलक्ट्रेट में बैठक ली। सीडीओ, बीडीओ, डीआईओएस, डायट प्राचार्य, एबीआरसी, एनपीआरसी, खंड शिक्षा अधिकारी और एडेड कॉलेजों के प्रधानाचार्यों ने भाग लिया। डीएम ने सभी को परीक्षा को निष्पक्षता के साथ कराने के निर्देश दिए हैं।
वहीं, परीक्षा के संबंध में निर्देश एवं प्रक्रिया के विषय में राज्य स्तर प्रशिक्षित सरोज तोमर, विनित कुमार और मीरा शर्मा ने प्रोजेक्टर के माध्यम से सभी को दिशा निर्देशों का प्रशिक्षण दिया। बताया गया कि सर्वे में एक विषय में 15 प्रश्न पूछे जाएंगे। प्राथमिक स्तर पर 45 तथा उच्च प्राथमिक स्तर 60 प्रश्नों की बुकलेट होगी।
जिसमें कक्षा 3 और 5 के बच्चों की ओएमआर सीट पर बताए गए उत्तर को सर्वेयर काला करेगा। जबकि कक्षा 8 के बच्चें ओएमआर सीट को स्वयं भरना होगा। वहीं, नोडल अधिकारी ने बताया कि कक्षा 3 और 5 के विद्यार्थियों से भाषा, गणित, पर्यावरण अध्ययन और 8 वंी के बच्चों से भाषा, गणित, पर्यावरण अध्ययन, सामाजिक विज्ञान पर आधारित वैकल्पिक प्रश्न पूछे जाएंगे।
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इस मसले पर कलक्ट्रेट सभागार में डीएम के निर्देशन में बैठक हुई। जिलाधिकारी ने सभी शिक्षा अधिकारियों व नोडल अधिकारियों को परीक्षा को निष्पक्षता के साथ कराने के निर्देश दिए। वहीं, प्रधानाचार्यों व अन्य शिक्षकों को परीक्षा कराने का प्रशिक्षण दिया गया। मानव संसाधन मंत्रालय सरकारी स्कूलों में कक्षा एक से आठ तक दी जा रही शिक्षा की गुणवत्ता की जांच कराना चाहता है।
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मंत्रालय ने यह जिम्मेदारी एनसीईआरटी को सौंपी है। इसके लिए डायट प्राचार्य भीम सिंह को नोडल अधिकारी बनाया गया है। उन्होंने बताया कि पहली बार इतने बडे़ स्तर पर देश भर से सर्वे कराया जा रहा है। एनसीईआरटी ने जिले के करीब 173 स्कूलों को सर्वे में शामिल किया है, जिसमें 156 प्राथमिक व उच्च प्राथमिक और 17 माध्यमिक विद्यालयों का चयन हुआ है।
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बीएसए चंद्रशेखर ने बताया कि अचीवमेंट सर्वे की तैयारियां को लेकर मंगलवार को डीएम इंद्र विक्रम सिंह ने कलक्ट्रेट में बैठक ली। सीडीओ, बीडीओ, डीआईओएस, डायट प्राचार्य, एबीआरसी, एनपीआरसी, खंड शिक्षा अधिकारी और एडेड कॉलेजों के प्रधानाचार्यों ने भाग लिया। डीएम ने सभी को परीक्षा को निष्पक्षता के साथ कराने के निर्देश दिए हैं।
वहीं, परीक्षा के संबंध में निर्देश एवं प्रक्रिया के विषय में राज्य स्तर प्रशिक्षित सरोज तोमर, विनित कुमार और मीरा शर्मा ने प्रोजेक्टर के माध्यम से सभी को दिशा निर्देशों का प्रशिक्षण दिया। बताया गया कि सर्वे में एक विषय में 15 प्रश्न पूछे जाएंगे। प्राथमिक स्तर पर 45 तथा उच्च प्राथमिक स्तर 60 प्रश्नों की बुकलेट होगी।
जिसमें कक्षा 3 और 5 के बच्चों की ओएमआर सीट पर बताए गए उत्तर को सर्वेयर काला करेगा। जबकि कक्षा 8 के बच्चें ओएमआर सीट को स्वयं भरना होगा। वहीं, नोडल अधिकारी ने बताया कि कक्षा 3 और 5 के विद्यार्थियों से भाषा, गणित, पर्यावरण अध्ययन और 8 वंी के बच्चों से भाषा, गणित, पर्यावरण अध्ययन, सामाजिक विज्ञान पर आधारित वैकल्पिक प्रश्न पूछे जाएंगे।