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नियम विरुद्ध कर दी पैमाइश
अमर उजाला ब्यूरो, शामली
Updated Tue, 23 Aug 2016 12:12 AM IST
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कलक्ट्रेट में डीएम से शिकायत करने पहुंचे भूरा गांव के लोग।
- फोटो : अमर उजाला
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शामली में कैराना तहसील क्षेत्र के गांव भूरा के ग्रामीणों ने कलक्ट्रेट में प्रदर्शन कर तहसील कर्मियों पर साठगांठ कर नियम विरुद्ध विवादित कृषि भूमि की पैमाइश करने का आरोप लगाया। ग्रामीणों ने बताया कि मामला न्यायालय में विचाराधीन है। इसके बावजूद तहसील कर्मियों ने दूसरे पक्ष के लोगों को लाभ पहुंचाने के लिए पैमाइश कर दी और फसल नष्ट करने का आदेश दे दिया।
सोमवार दोपहर कलक्ट्रेट पहुंचे गांव भूरा निवासी छोटा, प्रकाश, भूला, साधू, बलवंत, राजकुमार, फकीरा, सतपाल, नरेश और मदन ने अपर जिलाधिकारी को शिकायत पत्र देकर कहा कि रविवार को कैराना तहसील के कर्मियों ने गांव में पहुंचकर कृषि भूमि की पैमाइश कराई। उक्त भूमि का आवंटन 1988 में हरिजनों के पक्ष में हो चुका है। उसके बाद वर्ष 2014 में कुछ अपात्र लोगों के नाम भूमि आवंटित कर दी गई, जिसके खिलाफ न्यायालय में वाद चल रहा है।
आरोप है कि रविवार को जब तहसील कर्मियों की टीम पैमाइश कराने पहुंची, तो उन्होंने विरोध किया। इस पर उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया। साथ ही उनके खेत में खड़ी फसल नष्ट करने का आदेश दे दिया।
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ग्रामीणों ने बताया कि विपक्षी दूसरे समुदाय से हैं। यदि उनको लाभ पहुंचाने के लिए मनमाने ढंग से उनकी फसल नष्ट कराई जाती है, तो उससे तनाव की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।
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सोमवार दोपहर कलक्ट्रेट पहुंचे गांव भूरा निवासी छोटा, प्रकाश, भूला, साधू, बलवंत, राजकुमार, फकीरा, सतपाल, नरेश और मदन ने अपर जिलाधिकारी को शिकायत पत्र देकर कहा कि रविवार को कैराना तहसील के कर्मियों ने गांव में पहुंचकर कृषि भूमि की पैमाइश कराई। उक्त भूमि का आवंटन 1988 में हरिजनों के पक्ष में हो चुका है। उसके बाद वर्ष 2014 में कुछ अपात्र लोगों के नाम भूमि आवंटित कर दी गई, जिसके खिलाफ न्यायालय में वाद चल रहा है।
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आरोप है कि रविवार को जब तहसील कर्मियों की टीम पैमाइश कराने पहुंची, तो उन्होंने विरोध किया। इस पर उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया। साथ ही उनके खेत में खड़ी फसल नष्ट करने का आदेश दे दिया।
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ग्रामीणों ने बताया कि विपक्षी दूसरे समुदाय से हैं। यदि उनको लाभ पहुंचाने के लिए मनमाने ढंग से उनकी फसल नष्ट कराई जाती है, तो उससे तनाव की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।