{"_id":"68360e1bdec49e2c370ab22c","slug":"do-not-panic-due-to-digital-arrest-inform-the-police-immediately-shamli-news-c-26-1-sal1002-142748-2025-05-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"Shamli News: डिजिटल अरेस्ट से न घबराएं, तुरंत पुलिस को बताएं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Shamli News: डिजिटल अरेस्ट से न घबराएं, तुरंत पुलिस को बताएं
विज्ञापन
शामली। साइबर के शातिर लोगों से नए-नए तरीकों से ऑनलाइन ठगी कर रहे हैं। साइबर ठग व्हाट्सएप कॉल कर डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाकर ठगी करने की कोशिश करते हैं। पुलिस का कहना है कि डिजिटल अरेस्ट से बिल्कुल न घबराएं। अगर कोई ऐसा करता है तो उसकी सूचना तुरंत पुलिस को या साइबर सेल को दें।
साइबर के ठग लोगों को व्हाट्सएप कॉल करते हैं। व्हाटसएप की डीपी पर पुलिस की वर्दी वाले किसी व्यक्ति की फोटो होती है। काॅल करने वाले लोगों को बताते है कि उनके पुत्र, परिचित या रिश्तेदार किसी गलत कार्य में पुलिस ने पकड़ लिया है। अगर उसे जेल जाने से बचाना है तो कुछ खर्चा करना पड़ेगा। अगर कोई इस झांसे में आता है तो साइबर ठग बैंक खाता नंबर बताकर उसमें पैसे मंगाते हैं।
साइबर सेल प्रभारी संजीव भटनागर ने बताया कि डिजिटल अरेस्ट के मामले सामने आते रहते हैं। डिजिटल अरेस्ट कानून में कोई शब्द नहीं है। लोगों को इससे नहीं घबराना चाहिए। अगर कोई इस तरह की काॅल करता है तो उसके झांसे में न आए। पहले अपने परिजन व परिचित से फोन पर बात करें और इसकी जानकारी पुलिस या साइबर सेल को दें। साइबर सेल ऐसे मामलों में कार्रवाई करेगी।
विज्ञापन
केस एक : कस्बा बनत निवासी महिला के पास पिछले दिनों व्हाट्सएप कॉल आई कि उसका भाई एयरपोर्ट पर कस्टम विभाग ने पकड़ लिया है। साइबर ठग ने महिला से 80 हजार रुपये की ठगी कर ली थी। महिला ने इसकी शिकायत आदर्श मंडी थाना पुलिस से की थी।
केस दो : हनुमान रोड निवासी सत्यवीर के पास छह माह पहले व्हाट्सएप कॉल आई थी। कॉल करने वाले ने अपने को पुलिस अधिकारी बताते हुए कहा था कि उसका पुत्र गलत कार्य में पकड़ा गया है। अगर उसे बचाना चाहते हैं तो उनके बताए हुआ बैंक अकाउंट में पैसे भेज दें। सत्यवीर ने अपने पुत्र से बात की तो वह अपनी ड्यूटी पर मिला। जागरूकता के कारण ठगी होने से बच गई।
विज्ञापन
साइबर के ठग लोगों को व्हाट्सएप कॉल करते हैं। व्हाटसएप की डीपी पर पुलिस की वर्दी वाले किसी व्यक्ति की फोटो होती है। काॅल करने वाले लोगों को बताते है कि उनके पुत्र, परिचित या रिश्तेदार किसी गलत कार्य में पुलिस ने पकड़ लिया है। अगर उसे जेल जाने से बचाना है तो कुछ खर्चा करना पड़ेगा। अगर कोई इस झांसे में आता है तो साइबर ठग बैंक खाता नंबर बताकर उसमें पैसे मंगाते हैं।
विज्ञापन
साइबर सेल प्रभारी संजीव भटनागर ने बताया कि डिजिटल अरेस्ट के मामले सामने आते रहते हैं। डिजिटल अरेस्ट कानून में कोई शब्द नहीं है। लोगों को इससे नहीं घबराना चाहिए। अगर कोई इस तरह की काॅल करता है तो उसके झांसे में न आए। पहले अपने परिजन व परिचित से फोन पर बात करें और इसकी जानकारी पुलिस या साइबर सेल को दें। साइबर सेल ऐसे मामलों में कार्रवाई करेगी।
विज्ञापन
केस एक : कस्बा बनत निवासी महिला के पास पिछले दिनों व्हाट्सएप कॉल आई कि उसका भाई एयरपोर्ट पर कस्टम विभाग ने पकड़ लिया है। साइबर ठग ने महिला से 80 हजार रुपये की ठगी कर ली थी। महिला ने इसकी शिकायत आदर्श मंडी थाना पुलिस से की थी।
केस दो : हनुमान रोड निवासी सत्यवीर के पास छह माह पहले व्हाट्सएप कॉल आई थी। कॉल करने वाले ने अपने को पुलिस अधिकारी बताते हुए कहा था कि उसका पुत्र गलत कार्य में पकड़ा गया है। अगर उसे बचाना चाहते हैं तो उनके बताए हुआ बैंक अकाउंट में पैसे भेज दें। सत्यवीर ने अपने पुत्र से बात की तो वह अपनी ड्यूटी पर मिला। जागरूकता के कारण ठगी होने से बच गई।