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जिले को मिलेंगी तीन और डायलिसिस मशीन
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जिले को मिलेंगी तीन और डायलिसिस मशीन
शामली। जिला अस्पताल में स्थापित डायलिसिस यूनिट को बहुत जल्द तीन और मशीन मिलने वाली हैं। इसके बाद यूनिट में मशीनों की संख्या बढ़कर छह हो जाएगी। मशीनें बढ़ने से गुर्दे के मरीजों को डायलिसिस कराने में और ज्यादा सुविधा मिलेंगी, उन्हें इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
गांव मुंडेट के निकट पूर्वी यमुना नहर के किनारे बने जिला अस्पताल में पिछले महीने 16 नवंबर को डायलिसिस यूनिट चालू की गई थी। यह यूनिट पीपीपी मॉडल के तहत एसकेज संजीवनी प्राइवेट लि. कंपनी द्वारा लगाई गई है। पहले दिन दो मशीनों से यूनिट चालू की गई थी। इसके बाद एक मशीन और मिली थी। दो मशीनों पर गुर्दे की बीमारी के सामान्य मरीजों की और एक मशीन पर अलग से हेपेटाइटिस-बी के मरीजों की डायलिसिस निशुल्क की जा रही है। इस यूनिट में डायलिसिस की दस मशीनें लगाई जानी प्रस्तावित हैं। फिलहाल मशीनों की संख्या कम होने के कारण मरीजों को इंतजार करना पड़ता है। एक मशीन पर एक दिन में तीन मरीजों की ही डायलिसिस हो पाती है। एक डायलिसिस में चार से पांच घंटे का समय लगता है।
जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. सफल कुमार ने बताया कि डायलिसिस यूनिट में तीन मशीनें और मिली हैं। उम्मीद है कि ये मशीनें इसी सप्ताह जिला अस्पताल में पहुंच जाएंगी। इसके बाद मरीजों को डायलिसिस कराने के लिए इंतजार नहीं करना पड़ेगा। उन्होंने बताया कि डायलिसिस कराने पर मरीजों को किसी तरह का शुल्क नहीं देना पड़ता। डायलिसिस यूनिट लगाने वाली कंपनी का अनुबंध राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन से हुआ है। वहीं से कंपनी को भुगतान होगा।
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138 लोगों की डायलिसिस हो चुकी है अभी तक
पिछले महीने 16 नवंबर से शुरू हुई डायलिसिस यूनिट से मरीजों को लाभ मिल रहा है। गुर्दे के मरीजों को डायलिसिस कराने के लिए पहले दूसरे शहरों में जाना पड़ता था। डॉ. सफल कुमार ने बताया कि अभी तक 138 डायलिसिस हो चुकी हैं। 22 लोगों में पांच हेपेटाइटिस-बी से संक्रमित हैं, जबकि बाकी 17 लोग गुर्दे के सामान्य मरीज हैं। मरीज की सप्ताह में दो बार व कुछ मरीजों की तीन बार डायलिसिस की जा रही है।
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शामली। जिला अस्पताल में स्थापित डायलिसिस यूनिट को बहुत जल्द तीन और मशीन मिलने वाली हैं। इसके बाद यूनिट में मशीनों की संख्या बढ़कर छह हो जाएगी। मशीनें बढ़ने से गुर्दे के मरीजों को डायलिसिस कराने में और ज्यादा सुविधा मिलेंगी, उन्हें इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
गांव मुंडेट के निकट पूर्वी यमुना नहर के किनारे बने जिला अस्पताल में पिछले महीने 16 नवंबर को डायलिसिस यूनिट चालू की गई थी। यह यूनिट पीपीपी मॉडल के तहत एसकेज संजीवनी प्राइवेट लि. कंपनी द्वारा लगाई गई है। पहले दिन दो मशीनों से यूनिट चालू की गई थी। इसके बाद एक मशीन और मिली थी। दो मशीनों पर गुर्दे की बीमारी के सामान्य मरीजों की और एक मशीन पर अलग से हेपेटाइटिस-बी के मरीजों की डायलिसिस निशुल्क की जा रही है। इस यूनिट में डायलिसिस की दस मशीनें लगाई जानी प्रस्तावित हैं। फिलहाल मशीनों की संख्या कम होने के कारण मरीजों को इंतजार करना पड़ता है। एक मशीन पर एक दिन में तीन मरीजों की ही डायलिसिस हो पाती है। एक डायलिसिस में चार से पांच घंटे का समय लगता है।
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जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. सफल कुमार ने बताया कि डायलिसिस यूनिट में तीन मशीनें और मिली हैं। उम्मीद है कि ये मशीनें इसी सप्ताह जिला अस्पताल में पहुंच जाएंगी। इसके बाद मरीजों को डायलिसिस कराने के लिए इंतजार नहीं करना पड़ेगा। उन्होंने बताया कि डायलिसिस कराने पर मरीजों को किसी तरह का शुल्क नहीं देना पड़ता। डायलिसिस यूनिट लगाने वाली कंपनी का अनुबंध राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन से हुआ है। वहीं से कंपनी को भुगतान होगा।
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138 लोगों की डायलिसिस हो चुकी है अभी तक
पिछले महीने 16 नवंबर से शुरू हुई डायलिसिस यूनिट से मरीजों को लाभ मिल रहा है। गुर्दे के मरीजों को डायलिसिस कराने के लिए पहले दूसरे शहरों में जाना पड़ता था। डॉ. सफल कुमार ने बताया कि अभी तक 138 डायलिसिस हो चुकी हैं। 22 लोगों में पांच हेपेटाइटिस-बी से संक्रमित हैं, जबकि बाकी 17 लोग गुर्दे के सामान्य मरीज हैं। मरीज की सप्ताह में दो बार व कुछ मरीजों की तीन बार डायलिसिस की जा रही है।