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Shamli News: डीआईजी ने कोतवाली का किया वार्षिक निरीक्षण, दिए निर्देश
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कैराना कोतवाली में महिला हेल्प डेक्स पर जानकारी लेते डीआईजी अभिषेक सिंह-संवाद
- फोटो : चंबल सेंचुरी में मछलियां पकड़ते मछुआरे।
कैराना। सहारनपुर रेंज के डीआईजी अभिषेक सिंह ने कोतवाली का वार्षिक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने मेंस, मालखाना, महिला हेल्प डेस्क, बेरक, कंप्यूटर कक्ष आदि का निरीक्षण करते हुए आवश्यक दिशा निर्देश दिए।
रविवार को दोपहर करीब दो बजे डीआईजी कोतवाली पहुंचे। उन्हें गार्ड ऑफ आनर दिया गया। इसके बाद उन्होंने मेस और बैरक का निरीक्षण किया। बैरक में जहां पर खराब हुए फोल्डिंग पलंग बदलवाने के निर्देश दिए। महिला हेल्प डेस्क में रजिस्टर चैक करते हुए महिला पीड़ितों के बारे में जानकारी ली। उन्होंने महिला कांस्टेबल से पूछा कि पीड़िता की समस्या का समाधान हुआ या नहीं। इस पर महिला कांस्टेबल जवाब नहीं दे पाई।
डीआईजी ने कहा कि समाधान होने के बाद पीड़िता से फोन करके समाधान का फीड बैक क्यों नहीं लिया। उन्होंने महिला हेल्प डेस्क के स्टाफ को चेतावनी देते हुए कहा कि प्रत्येक पीड़ित महिला की समस्या का समाधान कराने के बाद उससे फोन करके जरूर पूछा जाए कि अब कोई समस्या तो नहीं है। अगर इसमें लापरवाही सामने आती है तो कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद उन्होंने शस्त्रों के निरीक्षण करने के दौरान एक कांस्टेबल से पंप गन लोड करके दिखाने को कहा।
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कांस्टेबल सही तरीके से जानकारी नहीं दे पाया, जिसके बाद डीआईजी ने कहा कि पुलिस का सबसे अच्छा हथियार पंप गन है। इसे चलाने के लिए सभी को ट्रेनिंग दी जाए। इसके बाद डीआईजी ने कंप्यूटर कक्ष का निरीक्षण किया। बाद में उन्होंने हिस्ट्रीशीटर, गैंगस्टरों, टाॅप टेन अपराधियों के बारे में जानकारी ली और लंबित विवेचनाओं को जल्द पूरा करने व अपराधियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इस दौरान एसपी रामसेवक गौतम, एएसपी संतोष कुमार आदि मौजूद रहे।
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रविवार को दोपहर करीब दो बजे डीआईजी कोतवाली पहुंचे। उन्हें गार्ड ऑफ आनर दिया गया। इसके बाद उन्होंने मेस और बैरक का निरीक्षण किया। बैरक में जहां पर खराब हुए फोल्डिंग पलंग बदलवाने के निर्देश दिए। महिला हेल्प डेस्क में रजिस्टर चैक करते हुए महिला पीड़ितों के बारे में जानकारी ली। उन्होंने महिला कांस्टेबल से पूछा कि पीड़िता की समस्या का समाधान हुआ या नहीं। इस पर महिला कांस्टेबल जवाब नहीं दे पाई।
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डीआईजी ने कहा कि समाधान होने के बाद पीड़िता से फोन करके समाधान का फीड बैक क्यों नहीं लिया। उन्होंने महिला हेल्प डेस्क के स्टाफ को चेतावनी देते हुए कहा कि प्रत्येक पीड़ित महिला की समस्या का समाधान कराने के बाद उससे फोन करके जरूर पूछा जाए कि अब कोई समस्या तो नहीं है। अगर इसमें लापरवाही सामने आती है तो कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद उन्होंने शस्त्रों के निरीक्षण करने के दौरान एक कांस्टेबल से पंप गन लोड करके दिखाने को कहा।
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कांस्टेबल सही तरीके से जानकारी नहीं दे पाया, जिसके बाद डीआईजी ने कहा कि पुलिस का सबसे अच्छा हथियार पंप गन है। इसे चलाने के लिए सभी को ट्रेनिंग दी जाए। इसके बाद डीआईजी ने कंप्यूटर कक्ष का निरीक्षण किया। बाद में उन्होंने हिस्ट्रीशीटर, गैंगस्टरों, टाॅप टेन अपराधियों के बारे में जानकारी ली और लंबित विवेचनाओं को जल्द पूरा करने व अपराधियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इस दौरान एसपी रामसेवक गौतम, एएसपी संतोष कुमार आदि मौजूद रहे।