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हॉस्टल से 50 किमी दूर यूक्रेन के एयरबेस पर धमाकों के बाद नहीं आई नींद

Sun, 27 Feb 2022 12:50 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sun, 27 Feb 2022 12:50 AM IST
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Didn't sleep after the blasts at Ukraine's airbase, 50 km from the hostel
शामली : जलालाबाद में यूक्रेन में फंसे छात्र इशू सिद्धार्थ पाल के परिजनों से वार्ता करते शामली वि? - फोटो : SHAMLI
हॉस्टल से 50 किमी दूर यूक्रेन के एयरबेस पर धमाकों के बाद नहीं आई नींद
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कैराना (शामली)। यूक्रेन में अपने भविष्य को बनाने के लिए एमबीबीएस की पढ़ाई करने गया छात्र हिमांशु चौहान हॉस्टल में करीब 500 भारतीय छात्रों के साथ फंसा हुआ है। रात के समय हॉस्टल से करीब 50 किमी दूर यूक्रेन के एयरबेस पर रूस के हवाई हमलों के धमाके सुने। दोपहर के समय पोल्टावा में एयर डिफेंस ने रूस के ड्रोन को शूटआउट किया जिसके बाद छात्रों में दहशत है।
कैराना क्षेत्र के ऊंचागांव निवासी किसान रविंद्र चौहान का छोटा बेटा हिमांशु चौहान पिछले साल दिसंबर महीने में यूक्रेन में एमबीबीएस प्रथम वर्ष की पढ़ाई करने के लिए गया था। हिमांशु चौहान ने यूक्रेन के पोल्टावा स्टेट यूनिवर्सिटी में एडमिशन लिया था। तभी से हिमांशु चौहान यूनिवर्सिटी के हॉस्टल में रहकर पढ़ाई कर रहा है। लेकिन 3 दिन पहले इमरजेंसी सायरन के बाद रूस व यूक्रेन के बीच अचानक जंग छिड़ गई। जिस कारण हिमांशु चौहान अपने हॉस्टल के अंदर करीब 500 भारतीय छात्रों के साथ फंस गया।
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हिमांशु चौहान ने व्हाट्सअप काल के दौरान बताया कि यूक्रेन समय के अनुसार रात करीब 12 बजे उनके हॉस्टल से करीब 50 किलोमीटर की दूरी पर उनके ही जिले के माईरहोर्ड एयरबेस पर रूस ने अटैक किया। इस दौरान धमाकों की आवाज से सभी छात्र भयभीत हो गए। इसके बाद शनिवार दोपहर में उनको तेज धमाका सुनाई दिया तो उन्होंने टीचर से पूछा। टीचर ने अधिकारियों से बात करने के बाद बताया कि पोल्टावा एयर डिफेंस ने रूस के ड्रोन को शूटआउट किया है। इसके बाद से सभी साथी डरे हुए है।
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वहीं भारत सरकार द्वारा यूक्रेन में फंसे भारतीय छात्रों को निकालने की बात पर हिमांशु चौहान ने कहा कि जो छात्र दूसरे देशों की सीमा के नजदीक हैं, उन्हें सबसे पहले बाहर निकाला जा रहा है। जहां पर वह मौजूद हैं, वहां से पोलैंड का बॉर्डर करीब 1000 किलोमीटर दूर हैं। जहां पैदल जाना नामुमकिन हैं। इसके अलावा रसिया का बॉर्डर 400 किलोमीटर दूर हैं, लेकिन वहां पर युद्ध चल रहा है। दोनों देशों की सेना वहां मौजूद हैं। यहां से भी निकलना बहुत मुश्किल है। छात्र के भाई रजत चौहान का कहना है कि उनकी एंबेसी में बात हुई थी। वहां से बताया गया है कि उन्हीं छात्रों को सबसे पहले बाहर निकाला जा रहा है, जो यूक्रेन की सीमा में लगते हुए देशों के बॉर्डर के नजदीक हैं। उसका भाई हॉस्टल में मौजूद है और अभी खाने पीने का स्टॉक भी उसके पास हैं। उनको भी थोड़ी तसल्ली इसी बात से है कि वह हॉस्टल में अभी सेफ हैं, लेकिन वो चाहते हैं कि जल्द से जल्द भारत सरकार उसके भाई व अन्य छात्रों को भी सुरक्षित उनके घर पहुंचाए।
युद्ध से पहले लगा लिया था खाने-पीने का स्टॉक
छात्र हिमांशु चौहान ने बताया कि रूस यूक्रेन के बीच तनाव को देखते हुए उन्होंने कुछ दिन पहले खाने पीने के सामान का स्टॉक लगा लिया था। अब उनके पास मात्र 10 दिन का खाने का स्टॉक बचा हुआ हैं। एटीएम के अंदर पैसे नहीं हैं। जहां एटीएम मशीनों में पैसे हैं तो वहां पर छात्र व अन्य लोगों की लंबी लाइनें लगी रहती है।
यूक्रेन में फंसे छात्र इशू व ईशा के परिवार से मिलने पहुंचे विधायक
जलालाबाद। कस्बे के मोहल्ला मोहमदीगंज निवासी डॉ. धर्मवीर पाल व भाजपा महिला मोर्चा की जिला अध्यक्ष कुसुमलता पाल के आवास पर पहुंचकर विधायक तेजेंद्र निर्वाल ने परिवार को ढांढस बंधाया। कहा कि यूक्रेन में फंसे सभी भारतीय छात्रों को सरकार सुरक्षित ला रही है। परिजनों के बीच में बैठकर यूक्रेन में फंसे छात्र इशू से वीडियो कॉल के माध्यम से बातचीत की और उसका हाल जाना। इशू ने बताया की 50-50 बच्चों के बैच बनाकर उन्हें बस से भेज रहे हैं। उसे बस मिल गई है। वह सुरक्षित है और जल्द ही घर वापस आएगा। वहीं दूसरी छात्रा ईशा पुत्री डॉ. सोमनाथ पचीसिया ने अपने पिता को कॉल पर बताया की वह सुरक्षित है और छात्रों के साथ बस का इंतजार कर रही है। ईशा के पिता ने बताया कि जल्द ही उसको बस मिल जाएगी। दोनों छात्रों के माता-पिता दिन रात सभी बच्चों की सलामती के पूजा पाठ कर रहे हैं।

प्रशासन ने जारी किए हेल्पलाइन नंबर
शामली। प्रशासन ने यूक्रेन में फंसे छात्रों और उनके परिजनों के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं। एडीएम संतोष कुमार सिंह ने बताया कि यूक्रेन में उत्पन्न आपातकालीन परिस्थितियों के मद्देनजर वहां सभी कामर्शियल फ्लाइट बंद है। यूक्रेन का एयर स्पेस भी बंद है। यूक्रेन की राजधानी कीव स्थित भारतीय दूतावास में मौजूद सभी भारतीयों को संभावित मदद पहुंचाने के लिए प्रयासरत है। वहां फंसे लोगों की जानकारी इन हेल्पलाइन नंबरों पर कॉल करके दे सकते हैं।
विदेश मंत्रालय के हेल्पलाइन नंबर
+911123012113, +911123014104, +911123012113
नई दिल्ली कंट्रोल का रूम नंबर
1800118797
ईमेल आईडी
situationroom@mea.gov.in
उत्तर प्रदेश राज्य कंट्रोल रूम का हेल्पलाइन नंबर
0522-1070, मोबाइल नंबर-9454441081
ईमेल आईडीrahat@nic.in
जिला आपदा प्रबन्ध प्राधिकरण शामली कार्यालय के कंट्रोल रूम नंबर 01398-270203, मोबाइल नंबर-8445972674
ईमेल आईडी-ddmashm@gmail.com
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