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Shamli News: गर्मी के मौसम में बढ़े डायलिसिस के मरीज, ओपीडी में डेढ़ गुना हुई
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शामली। जिला अस्पताल में गर्मी के मौसम में डायलिसिस के मरीजों की संख्या बढ़ गई है। पहले औसतन आठ मरीजों की एक दिन में डायलिसिस हो रही थी। अब 10 से 12 मरीजों की रोज डायलिसिस हो रही है। अस्पताल में मरीजों के लिए डायलिसिस की निशुल्क सुविधा उपलब्ध है। उधर, गर्मी में ओपीडी में मरीजों की संख्या भी बढ़ गई है। बुध्वार को भी ओपीडी में कई चिकित्सक नदारद रहे। उधर, गर्मी में अधिक भार बढ़ने के कारण जिले में रोजाना करीब छह ट्रांसफार्मर फुंक रहे हैं।
जिला अस्पताल में करीब दो साल से पीपीपी मोड पर चल रही डायलिसिस यूनिट में मरीजों को निशुल्क सुविधा दी जाती है। डायलिसिस के लिए चार मशीनें लगी हैं। एक मरीज की डायलिसिस होने में तीन से चार घंटे का समय लगता है। गर्मी का मौसम शुरू होते ही डायलिसिस के मरीजों की संख्या बढ़ गई है। गर्मी से पहले एक दिन में औसतन आठ मरीजों की डायलिसस होती थी, लेकिन गर्मी बढ़ने के साथ ही डायलिसस के मरीज भी बढ़ गए हैं। अब एक दिन में 10 से 12 मरीजों की डायलिसिस हो रही है। तकनीशियन अर्जुन सिंह ने बताया कि चार मशीनों पर मरीजों की डायलिसिस हो रही है, उनके यहां 30 मरीजों की डायलिसिस चल रही है। एक मरीज की सप्ताह में दो से तीन बार डायलिसिस होती है।
उधर, गर्मी के मौसम में जिला अस्पताल की ओपीडी में भी मरीजों की संख्या बढ़ गई है। पहले 800 के आसपास मरीज आ रहे थे। जब से गर्मी बढ़ी है, तब से मरीजों की संख्या 1200 से ज्यादा चल रही है। ज्यादातर मरीज गर्मी के कारण बुखार, नजला, खांसी और खाज-खुजली के आ रहे हैं। मरीजों को इलाज के लिए पर्ची बनवाने से लेकर ओपीडी में चिकित्सक को दिखाने के लिए लंबी लाइन में लगना पड़ रहा है।
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बुधवार को जिला अस्पताल में ओपीडी में मरीजों की भीड़ लगी थी, लेकिन कई चिकित्सक नदारद थे। त्वचा रोग विशेषज्ञ, नेत्र रोग विशेषज्ञ आदि ओपीडी से दोपहर के समय नदारद रहे। वरिष्ठ परामर्शदाता डॉ. अशोक कुमार को अवकाश पर बताया गया। जिला अस्पताल की सीएमएस डॉ. अंजू जोधा भी लखनऊ गई थीं, वह दोपहर में अस्पताल पहुंची। सीएमएस ने बताया कि वह लखनऊ गई थीं और दोपहर में आई हैं। ओपीडी में कौन चिकित्सक नहीं था, इसकी जानकारी की जाएगी।
-आठ घंटे बाधित रही आपूर्ति
उधर, गर्मी के कारण विद्युत आपूर्ति की व्यवस्था भी चरमराती जा रही है। एक दिन में करीब छह ट्रांसफार्मर जिले में फुंक रहे हैं। बुधवार को सुबह कस्बा बनत में ट्रांसफार्मर में आग लगी और दोपहर में सीएचसी की आवासीय कॉलोनी में लगे ट्रांसफार्मर में आग लग गई। दोनों स्थानों पर दमकल की गाड़ी ने पहुंचकर आग को बुझाया। ट्रांसफार्मर फुंकने से उस क्षेत्र की विद्युत आपूर्ति ठप रहने से लोगों को गर्मी से जूझना पड़ा। करीब आठ घंटे तक आपूर्ति बाधित रही। शाम के समय विद्युतकर्मियों ने ट्रांसफार्मर को बदलकर आपूर्ति को चालू कराया। इस दौरान करीब पांच घंटे विद्युत आपूर्ति बाधित रही। अवर अभियंता सौरव कुमार ने बताया कि ट्रांसफार्मर को बदलकर विद्युत आपूर्ति चालू करा दी है। सुहेल, रामबीर और अनुज ने ऊर्जा निगम के अधिकारियों से सूचना मिलते ही आपूर्ति सुचारू कराने की मांग की है।
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इन्होंने कहा...
गर्मी के कारण अधिक लोड होने से हर रोज बिजली ट्रांसफार्मर फुंक रहे हैं। प्रयास है कि फुंके ट्रांसफार्मरों को जल्द से जल्द सही कराया जाए। इसके लिए हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया गया है। सूचना मिलते ही लोगों की समस्याओं का समाधान कराया जा रहा है।
-नरेश कुमार, अधीक्षण अभियंता, शामली।
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जिला अस्पताल में करीब दो साल से पीपीपी मोड पर चल रही डायलिसिस यूनिट में मरीजों को निशुल्क सुविधा दी जाती है। डायलिसिस के लिए चार मशीनें लगी हैं। एक मरीज की डायलिसिस होने में तीन से चार घंटे का समय लगता है। गर्मी का मौसम शुरू होते ही डायलिसिस के मरीजों की संख्या बढ़ गई है। गर्मी से पहले एक दिन में औसतन आठ मरीजों की डायलिसस होती थी, लेकिन गर्मी बढ़ने के साथ ही डायलिसस के मरीज भी बढ़ गए हैं। अब एक दिन में 10 से 12 मरीजों की डायलिसिस हो रही है। तकनीशियन अर्जुन सिंह ने बताया कि चार मशीनों पर मरीजों की डायलिसिस हो रही है, उनके यहां 30 मरीजों की डायलिसिस चल रही है। एक मरीज की सप्ताह में दो से तीन बार डायलिसिस होती है।
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उधर, गर्मी के मौसम में जिला अस्पताल की ओपीडी में भी मरीजों की संख्या बढ़ गई है। पहले 800 के आसपास मरीज आ रहे थे। जब से गर्मी बढ़ी है, तब से मरीजों की संख्या 1200 से ज्यादा चल रही है। ज्यादातर मरीज गर्मी के कारण बुखार, नजला, खांसी और खाज-खुजली के आ रहे हैं। मरीजों को इलाज के लिए पर्ची बनवाने से लेकर ओपीडी में चिकित्सक को दिखाने के लिए लंबी लाइन में लगना पड़ रहा है।
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बुधवार को जिला अस्पताल में ओपीडी में मरीजों की भीड़ लगी थी, लेकिन कई चिकित्सक नदारद थे। त्वचा रोग विशेषज्ञ, नेत्र रोग विशेषज्ञ आदि ओपीडी से दोपहर के समय नदारद रहे। वरिष्ठ परामर्शदाता डॉ. अशोक कुमार को अवकाश पर बताया गया। जिला अस्पताल की सीएमएस डॉ. अंजू जोधा भी लखनऊ गई थीं, वह दोपहर में अस्पताल पहुंची। सीएमएस ने बताया कि वह लखनऊ गई थीं और दोपहर में आई हैं। ओपीडी में कौन चिकित्सक नहीं था, इसकी जानकारी की जाएगी।
-आठ घंटे बाधित रही आपूर्ति
उधर, गर्मी के कारण विद्युत आपूर्ति की व्यवस्था भी चरमराती जा रही है। एक दिन में करीब छह ट्रांसफार्मर जिले में फुंक रहे हैं। बुधवार को सुबह कस्बा बनत में ट्रांसफार्मर में आग लगी और दोपहर में सीएचसी की आवासीय कॉलोनी में लगे ट्रांसफार्मर में आग लग गई। दोनों स्थानों पर दमकल की गाड़ी ने पहुंचकर आग को बुझाया। ट्रांसफार्मर फुंकने से उस क्षेत्र की विद्युत आपूर्ति ठप रहने से लोगों को गर्मी से जूझना पड़ा। करीब आठ घंटे तक आपूर्ति बाधित रही। शाम के समय विद्युतकर्मियों ने ट्रांसफार्मर को बदलकर आपूर्ति को चालू कराया। इस दौरान करीब पांच घंटे विद्युत आपूर्ति बाधित रही। अवर अभियंता सौरव कुमार ने बताया कि ट्रांसफार्मर को बदलकर विद्युत आपूर्ति चालू करा दी है। सुहेल, रामबीर और अनुज ने ऊर्जा निगम के अधिकारियों से सूचना मिलते ही आपूर्ति सुचारू कराने की मांग की है।
इन्होंने कहा...
गर्मी के कारण अधिक लोड होने से हर रोज बिजली ट्रांसफार्मर फुंक रहे हैं। प्रयास है कि फुंके ट्रांसफार्मरों को जल्द से जल्द सही कराया जाए। इसके लिए हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया गया है। सूचना मिलते ही लोगों की समस्याओं का समाधान कराया जा रहा है।
-नरेश कुमार, अधीक्षण अभियंता, शामली।