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चुंबकीय क्षेत्र में गोंद से चिपकाने का नया तरीका विकसित
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सिंगापुर में वैज्ञानिको की टीम में शामिल शामली की बेटी रिचा चौधरी
- फोटो : SHAMLI
चुंबकीय क्षेत्र में गोंद से चिपकाने का नया तरीका विकसित
शामली। नानयांग टैक्नोलाजिक यूनिवर्सिटी सिंगापुर में वैज्ञानिकों की टीम में शामिल जिले की बेटी रिचा चौधरी ने चुंबकीय क्षेत्र का उपयोग करके गोंद चिपकाने का नया तरीका विकसित किया है। प्लास्टिक सरैमिक्स और लकड़ी को जोड़ने के लिए पारंपरिक गोंद को नमी, गर्मी और एक निश्चित तापमान चाहिए जबकि विकसित किया गया मैग्नोटोक्यूरिंग गोंद एक चुंबकीय क्षेत्र से गुजरकर चिपका सकता है।
शामली के काका नगर निवासी और आरके पीजी कालेज शामली के प्रोफेसर सतेंद्र कुमार आर्य की पुत्री रिचा चौधरी सिंगापुर में रिसर्च टीम में शामिल रहीं हैं। आरके कालेज शामली से एमएससी करने के बाद पूना से पीएचडी की। वह वर्ष 2019 से सिंगापुर में तीन सदस्यीय टीम में शोध कर रहीं हैं। रिचा चौधरी ने बताया कि दो सुरक्षित सतह चिपकाने के लिए क्रास लिंक और गोंद को बॉड करने की प्रक्रिया आवश्यक है, क्योंकि गोंद अपनी अंतिम ताकत प्राप्त करने के लिए क्रिस्टलीज और कठोर बनाता है। नया मैग्नेटोक्यूरिंग गोंद एक चुंबकीय क्षेत्र से गुजरकर चिपका सकता है। यह पर्यावरणीय परिस्थितियों में बहुत उपयोगी है।
उन्होंने बताया कि मैग्नेटोक्यूरिंग गोंद मैग्नोटिक नैनोपार्टिकल द्वारा बनाया गया है। यह खेल उपकरण, मोटर वाहन उत्पाद, इलेक्ट्रानिक्स ऊर्जा, एयरोस्पेस और चिकित्सा विनिर्माण प्रक्रिया में बेहद उपयोगी होगा।
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शामली। नानयांग टैक्नोलाजिक यूनिवर्सिटी सिंगापुर में वैज्ञानिकों की टीम में शामिल जिले की बेटी रिचा चौधरी ने चुंबकीय क्षेत्र का उपयोग करके गोंद चिपकाने का नया तरीका विकसित किया है। प्लास्टिक सरैमिक्स और लकड़ी को जोड़ने के लिए पारंपरिक गोंद को नमी, गर्मी और एक निश्चित तापमान चाहिए जबकि विकसित किया गया मैग्नोटोक्यूरिंग गोंद एक चुंबकीय क्षेत्र से गुजरकर चिपका सकता है।
शामली के काका नगर निवासी और आरके पीजी कालेज शामली के प्रोफेसर सतेंद्र कुमार आर्य की पुत्री रिचा चौधरी सिंगापुर में रिसर्च टीम में शामिल रहीं हैं। आरके कालेज शामली से एमएससी करने के बाद पूना से पीएचडी की। वह वर्ष 2019 से सिंगापुर में तीन सदस्यीय टीम में शोध कर रहीं हैं। रिचा चौधरी ने बताया कि दो सुरक्षित सतह चिपकाने के लिए क्रास लिंक और गोंद को बॉड करने की प्रक्रिया आवश्यक है, क्योंकि गोंद अपनी अंतिम ताकत प्राप्त करने के लिए क्रिस्टलीज और कठोर बनाता है। नया मैग्नेटोक्यूरिंग गोंद एक चुंबकीय क्षेत्र से गुजरकर चिपका सकता है। यह पर्यावरणीय परिस्थितियों में बहुत उपयोगी है।
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उन्होंने बताया कि मैग्नेटोक्यूरिंग गोंद मैग्नोटिक नैनोपार्टिकल द्वारा बनाया गया है। यह खेल उपकरण, मोटर वाहन उत्पाद, इलेक्ट्रानिक्स ऊर्जा, एयरोस्पेस और चिकित्सा विनिर्माण प्रक्रिया में बेहद उपयोगी होगा।
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