फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Shamli News ›   Despite the sunshine, the weather remains cool

धूप निकलने के बाद भी मौसम में ठिठुरन बरकरार

Thu, 17 Dec 2020 12:20 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Thu, 17 Dec 2020 12:20 AM IST
विज्ञापन
Despite the sunshine, the weather remains cool
शामली मेरठ मार्ग पर कोहरे में गुजरते वाहन - फोटो : SHAMLI
शामली। बूंदाबांदी और पड़ोसी जिलों में ओलावृष्टि के पांच दिन बाद भी जिले में शीत लहर का असर जारी है। रात में पाला पड़ने के बाद बुधवार सुबह कोहरा छाया रहा। दिन में धूप निकलने के बाद भी मौसम में ठिठुरन बरकरार रही।
विज्ञापन

सुबह हल्के बादल और कोहरा छाए रहने से दिन का पारा स्थिर रहा। जबकि रात के पारा में एक डिग्री बढ़ोतरी हुई है। दिन का तापमान 17 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान छह डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। धूप निकलने के बावजूद 14 किमी प्रति घंटे की हवा चलने से लोग ठिठुरते रहे। कृषि विज्ञान केंद्र बघरा के निदेशक डॉ. पीके सिंह ने बताया कि पहाड़ों में बर्फबारी होने से पाला पड़ रहा है। शुक्रवार को रात का चार डिग्री तापमान रहने से इस सर्दी का सबसे ठंडा मौसम होगा। रविवार-सोमवार, मंगलवार को बादल और धूप निकलने से मौसम मिश्रित रहेगा।
विज्ञापन

पाले से सब्जियां हुईं प्रभावित, गन्ने की पत्तियां हुईं पीली
शामली। रात में पाला पड़ने से फसलों को भी नुकसान पहुंचने लगा है। जिससे किसानों की परेशानी बढ़ गई है। किसानों का कहना है कि पाला पड़ने से आलू में झुलसा रोग लग सकता है और गेहूं एवं सरसों की फसल पर भी असर आ सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

जलालाबाद निवासी किसान राकेश सैनी ने बताया कि पाला पड़ने से आलू की फसल को नुकसान पहुंचेगा, क्योंकि पाला पड़ने पर आलू की फसल के पत्ते गल जाते हैं , जिससे आलू की फसल कमजोर होने लगती हैं।
वहीं, किसान दर्शन रावड़ा का कहना है कि खेत में बैंगन की फसल लगाई है। ठंड से तो फसल को काफी नुकसान नहीं हुआ। मगर जैसे जैसे पाला पड़ना शुरू हो रहा है। उससे फसल को नुकसान पहुंचाना शुरू हो गया है। इसका असर पैदावार पर पड़ेगा। सचिन सैनी ने बताया कि खेत में आलू की फसल लगाई है। वैसे तो ठंड के मौसम में फसल अच्छी होती है। पाला पड़ने से आलू के पत्ते सूखने शुरू हो जाते हैं। इससे आलू की मोटाई नहीं बढ़ पाती। वहीं, किसान मोहम्मद रजा हुसैन का कहना है कि बैंगन की फसल लगा रखी है, परंतु ठंड बढ़ जाने से बैंगन का आने वाला फूल मुरझा कर गिर रहा है दवाई भी कर रहा हूं परंतु कोई लाभ नहीं हो रहा है ठंड के कारण फसल को नुकसान है।

कृषि विज्ञान केंद्र शामली के कृषि वैज्ञानिक डॉ. विकास मलिक का कहना है कि पाले पड़ने से शलजम, गाजर, मूली, टमाटर बैंगन, फूल गोभी, बंद गोभी प्रभावित होनी शुरू हो गई हैं। फूल गोभी के फूल की चमक कम हो गई है। बंद गोभी के ऊपर के पत्ते खराब होने लगे हैं। आलू की फसल में पछेती झुलसा रोग आने से उसका आकार कम हो रहा है। शरद कालीन गन्ने की बुआई होने के बाद ईख की पत्ती का रंग पीला पड़ गया है। ईख की पत्ती पीली होने से हरे चारा का संकट खड़ा हो सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed