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Shamli News: डीएम आदेश के बावजूद बेसहारा गोवंश मुक्त नहीं हुआ जिला
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शामली/थानाभवन/कैराना/ऊन/बाबरी/जलालाबाद/झिंझाना। जिलाधिकारी रविंद्र सिंह के आदेश बावजूद जिले की सड़कों को बेसहारा गोवंशों से मुक्त नहीं किया जा सका है। डीएम ने 31 दिसंबर तक हर हाल में जिले की सड़कों को गोवंशों से मुक्त करने के निर्देश दिए थे। अमर उजाला टीम ने बुधवार का जिलेभर में पड़ताल की तो शामली से लेकर थानाभवन, कैराना, ऊन, बाबरी जलालाबाद, चौसाना, कांधला आदि में गोवंश सड़कों पर घूमते मिले। हालांकि झिंझाना में सड़क पर कोई भी गोवंश दिखाई नहीं दिया। लोगों ने कहा कि गोवंशों को पकड़ने के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति की जा रही है। गोवंश हादसों का सबब बन सकते हैं। पड़ताल के दौरान टीम को कुछ इस तरह का नजारा देखने को मिला..
स्थान : शामली शहर का कुड़ाना रोड
यहां पर सड़क किनारे ही एक टायर पेंचर की दुकान के पास कई गोवंश बैठे हुए थे। लोगों ने बताया कि आए दिन गोवंश यहां पर रहते हैं, मगर उन्हें पकड़ने को कोई भी गंभीर नहीं है।
-स्थान: शामली शहर का झिंझाना रोड
यहां पर खेतों में कई गोवंश जा रहे थे। इसके अलावा सड़क पर भी गाेवंशों का डेरा था। पकड़ने के लिए दूर-दर तक कोई दिखाई नहीं दे रहा था।
-स्थान : कैराना
बेसहारा गोवंश किसानों की फसलों को भी नुकसान पहुंचा रहे हैं। गांव मामौर निवासी मेहताब ने बताया कि शाम होेते ही उनके खेतोें में आवारा गोवंश आ जाते हैं। आवारा गोवंशों से फसलों को बचाना मुश्किल हो रहा है। पंजीठ निवासी पुष्कर सैनी ने बताया कि कैराना रोड पर उनके खेत हैं। किसी भी समय खेतों में गोवंश घुस आते हैं। कई बार तो गोवंशों की भगाने के दौरान वो उल्टा हमला करने के लिए दौड़ पड़ते हैं।
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-स्थान : जलालाबाद
कस्बे के मुख्य चौराहों, गलियों, बाजारों में बेसहारा गोवंश दिखाई दिए। लोगों ने बताया कि यहां पर गोवंशों को पकड़ने के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति की जा रही है। आए दिन गोवंश हादसों का भी सबब बनते हैं, मगर विभागीय अधिकारी कोई ध्यान नहीं दे रहे।
स्थान : ऊन
कस्बे व क्षेत्र में आवारा गोवंश खुलेआम घूम रहे हैं। गांव ढिंढाली, बझेड़ी हथछोया में गोवंश घूमते दिखाई दिए। पास से ही लोग भी गुजर रहे थे। खंड विकास अधिकारी उमाकांत मुद्गल ने बताया कि अभियान चलाकर आवारा गोवंश को पकड़कर गोशाला में भेजा जा रहा है।
...
स्थान : टंकी चौक, नई घास मंडी, दीन दयाल मार्केट, मेला ग्राउंड, चौक बाजार
इन स्थानों पर गोवंशों का जमावड़ा दिखाई दिया। कस्बे के सतीश तायल, कन्हैया सैनी, राजेश कुमार, दिनेश कुमार, राकेश गोयल, मेहरबान अली आदि ने बताया कि नगर पंचायत का एक दो दिन अभियान चला। इसके बाद बंद कर दिया गया। गोवंश कभी भी लोगों को शिकार बना सकते हैं।
स्थान: झिंझाना का मैन रोड
कोई भी आवारा गोवंश घूमता नहीं मिला। नगर पंचायत के लिपिक अशोक कुमार ने बताया कि गत सप्ताह पूर्व कस्बे से सभी आवारा गोवंशों को पड़कर गोशाला भिजवा दिया था।
स्थान: बाबरी का करौदा हाथी, हिरनवाड़ा, बाबरी लाडोमाजरी गांव
गांवों में गोवंश घूमते दिखाई दिए। इस पर किसी भी विभागीय कर्मचारी या अधिकारी की नजर नहीं गई। लोगों ने कहा कि अभियान के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति की गई। कैड़ी, महावतपुर, सूरजपुर में भी बेसहारा गोवंश नजर आए।
यह बोले लोग
कई हो चुके घायल
ढिंढाली के किसान जयप्रकाश का कहना है कि गोवंश किसानों व सड़क पर चलते हुए लोगों के ऊपर हमला करते हैं, कई लोगों को घायल कर चुके हैं। आवारा गोवंश को पकड़ने के लिए प्रार्थना पत्र भी दिए गए, लेकिन सभी गोवंशों को नहीं पकड़ा जा सका है।
बढ़ती जा रही संख्या
किसान बालिस्टर का कहना है कि आवारा गोवंशों की संख्या बढ़ती जा रही है, जो फसलों को बर्बाद करते हैं। गेहूं व चारे की फसल आवारा पशुओं ने बर्बाद कर दी है, जिस कारण किसान अत्यधिक ठंड में भी खेत का पहरा देने को मजबूर हैं।
इन्होंने कहा....
मातहतों को गोवंशों को पकड़कर गोशालाओं में भिजवाने के निर्देश दिए गए हैं। यदि अभी भी गोवंश सड़कों पर हैं तो संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी करते हुए कार्रवाई कराई जाएगी। प्रयास रहेगा कि सभी गोवंश जल्द गोशालाओं में हों। करीब 800 गोवंश चिह्नित किए थे, जिनमें से करीब 700 गोशाला पहुंचा दिए गए हैं।
रविंद्र सिंह, डीएम शामली
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स्थान : शामली शहर का कुड़ाना रोड
यहां पर सड़क किनारे ही एक टायर पेंचर की दुकान के पास कई गोवंश बैठे हुए थे। लोगों ने बताया कि आए दिन गोवंश यहां पर रहते हैं, मगर उन्हें पकड़ने को कोई भी गंभीर नहीं है।
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-स्थान: शामली शहर का झिंझाना रोड
यहां पर खेतों में कई गोवंश जा रहे थे। इसके अलावा सड़क पर भी गाेवंशों का डेरा था। पकड़ने के लिए दूर-दर तक कोई दिखाई नहीं दे रहा था।
-स्थान : कैराना
बेसहारा गोवंश किसानों की फसलों को भी नुकसान पहुंचा रहे हैं। गांव मामौर निवासी मेहताब ने बताया कि शाम होेते ही उनके खेतोें में आवारा गोवंश आ जाते हैं। आवारा गोवंशों से फसलों को बचाना मुश्किल हो रहा है। पंजीठ निवासी पुष्कर सैनी ने बताया कि कैराना रोड पर उनके खेत हैं। किसी भी समय खेतों में गोवंश घुस आते हैं। कई बार तो गोवंशों की भगाने के दौरान वो उल्टा हमला करने के लिए दौड़ पड़ते हैं।
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-स्थान : जलालाबाद
कस्बे के मुख्य चौराहों, गलियों, बाजारों में बेसहारा गोवंश दिखाई दिए। लोगों ने बताया कि यहां पर गोवंशों को पकड़ने के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति की जा रही है। आए दिन गोवंश हादसों का भी सबब बनते हैं, मगर विभागीय अधिकारी कोई ध्यान नहीं दे रहे।
स्थान : ऊन
कस्बे व क्षेत्र में आवारा गोवंश खुलेआम घूम रहे हैं। गांव ढिंढाली, बझेड़ी हथछोया में गोवंश घूमते दिखाई दिए। पास से ही लोग भी गुजर रहे थे। खंड विकास अधिकारी उमाकांत मुद्गल ने बताया कि अभियान चलाकर आवारा गोवंश को पकड़कर गोशाला में भेजा जा रहा है।
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स्थान : टंकी चौक, नई घास मंडी, दीन दयाल मार्केट, मेला ग्राउंड, चौक बाजार
इन स्थानों पर गोवंशों का जमावड़ा दिखाई दिया। कस्बे के सतीश तायल, कन्हैया सैनी, राजेश कुमार, दिनेश कुमार, राकेश गोयल, मेहरबान अली आदि ने बताया कि नगर पंचायत का एक दो दिन अभियान चला। इसके बाद बंद कर दिया गया। गोवंश कभी भी लोगों को शिकार बना सकते हैं।
स्थान: झिंझाना का मैन रोड
कोई भी आवारा गोवंश घूमता नहीं मिला। नगर पंचायत के लिपिक अशोक कुमार ने बताया कि गत सप्ताह पूर्व कस्बे से सभी आवारा गोवंशों को पड़कर गोशाला भिजवा दिया था।
स्थान: बाबरी का करौदा हाथी, हिरनवाड़ा, बाबरी लाडोमाजरी गांव
गांवों में गोवंश घूमते दिखाई दिए। इस पर किसी भी विभागीय कर्मचारी या अधिकारी की नजर नहीं गई। लोगों ने कहा कि अभियान के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति की गई। कैड़ी, महावतपुर, सूरजपुर में भी बेसहारा गोवंश नजर आए।
यह बोले लोग
कई हो चुके घायल
ढिंढाली के किसान जयप्रकाश का कहना है कि गोवंश किसानों व सड़क पर चलते हुए लोगों के ऊपर हमला करते हैं, कई लोगों को घायल कर चुके हैं। आवारा गोवंश को पकड़ने के लिए प्रार्थना पत्र भी दिए गए, लेकिन सभी गोवंशों को नहीं पकड़ा जा सका है।
बढ़ती जा रही संख्या
किसान बालिस्टर का कहना है कि आवारा गोवंशों की संख्या बढ़ती जा रही है, जो फसलों को बर्बाद करते हैं। गेहूं व चारे की फसल आवारा पशुओं ने बर्बाद कर दी है, जिस कारण किसान अत्यधिक ठंड में भी खेत का पहरा देने को मजबूर हैं।
इन्होंने कहा....
मातहतों को गोवंशों को पकड़कर गोशालाओं में भिजवाने के निर्देश दिए गए हैं। यदि अभी भी गोवंश सड़कों पर हैं तो संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी करते हुए कार्रवाई कराई जाएगी। प्रयास रहेगा कि सभी गोवंश जल्द गोशालाओं में हों। करीब 800 गोवंश चिह्नित किए थे, जिनमें से करीब 700 गोशाला पहुंचा दिए गए हैं।
रविंद्र सिंह, डीएम शामली