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वीरान पड़ी शूटिंग रेंज, लॉकडाउन में घर बैठे खिलाड़ी
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शामली में वीरान पड़ा शामली राइफल क्लब शूटिंग रेंज।
- फोटो : SHAMLI
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शामली। जनपद में निशानेबाजी का हुनर किसी से छिपा नहीं है। निशानेबाजी में यहां के होनहार खिलाड़ियों ने प्रतिभा के दम पर नेशनल और इंटरनेशनल कंपीटिशन में अपना लोहा मनवाया है। निशानेबाजी के दम पर भविष्य संवारने का सपना संजोने वाले युवा खिलाड़ी लॉकडाउन में घर पर बैठे हैं। शूटिंग रेंज बंद होने के कारण खिलाड़ियों की प्रैक्टिस भी थम गई है। वैसे तो पूरे साल ही शूटिंग रेंज पर प्रैक्टिस करने वाले खिलाड़ियों की चहल-पहल रहती है, लेकिन स्कूल-कालेजों में गर्मियों की छुट्टी होते ही समर कैंप चलते थे और शूटिंग रेंज पर खिलाड़ियों की भीड़ लग जाती थी। खिलाड़ियों की चहल पहल से गुलजार रहने वाली शूटिंग रेंज लॉकडाउन में वीरान पड़ी है। लॉकडाउन में घर पर बैठे निशानेबाज खिलाड़ियों से बातचीत की गई तो उनका कहना था कि उम्मीद है कि जल्द ही कोरोना खत्म होगा और वे फिर से शूटिंग रेंज पर जाकर अपनी प्रैक्टिस शुरू करेंगे।
भारतीय टीम में सलेक्शन की चल रही थी तैयारी
गांव टिटौली निवासी अक्षय कुमार ने बताया कि वह इस साल नेशनल लेवल के कंपीटिशन में प्रतिभाग कर तीन पदक जीत चुका है। अब वह भारतीय टीम में सलेक्शन के लिए शूटिंग रेंज पर जाकर रोज छह से सात घंटे प्रैक्टिस कर रहा था, लेकिन दो माह से लॉकडाउन की वजह से शूटिंग रेंज बंद होने के कारण वह घर पर ही है। उसकी प्रैक्टिस बाधित हो गई।
स्टेट कंपीटिशन के लिए प्रैक्टिस करता था
गांव बेहड़ा निवासी रचित कुमार ने बताया कि सब जूनियर वर्ग में वह स्टेट कंपीटिशन की तैयारी कर रहा था। जुलाई या अगस्त माह में कंपीटिशन होना था, लेकिन लॉकडाउन की वजह से उसकी तैयारी बीच में ही रुक गई। लॉकडाउन की वजह से वह शूटिंग रेंज पर प्रैक्टिस नहीं कर पा रहा है।
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शूटिंग के रास्ते डीयू में दाखिले की तैयारी
गांव कसेरवा निवासी विकल्प देशवाल का कहना है कि उसका सपना दिल्ली यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन करना है। वह शूटिंग के माध्यम से दिल्ली यूनिवर्सिटी में एडमिशन के लिए दिनरात तैयारी कर रहा था, लेकिन लॉकडाउन ने सब कुछ बेकार कर दिया। अब कहीं पर प्रेक्टिस नहीं चल रही है।
छह से सात घंटे रोज चल रही थी प्रैक्टिस
गांव टिटौली निवासी सब जूनियर वर्ग की नेशनल शूटर आस्था चौधरी ने बताया कि वह इस साल इंडिया टीम में सलेक्शन के लिए लॉकडाउन से पहले छह से सात घंटे रोज की प्रैक्टिस कर रही थी। जब से लॉकडाउन हुआ है, तब से शूटिंग रेंज बंद है और उसकी प्रैक्टिस भी बीच में ही बाधित हो गई। उसे उम्मीद है जल्द ही कोरोना महामारी खत्म होगी और फिर से उसकी प्रैक्टिस शुरू होगी।
दो माह से बंद चल रही शूटिंग रेंज
झिंझाना रोड पर स्थित शामली शूटिंग रेंज के कोच मुकेश चौधरी का कहना है कि जब से लॉकडाउन हुआ है तब से शूटिंग रेंज बंद है। लॉकडाउन से पहले उनकी रेंज पर करीब 75 खिलाड़ी प्रेक्टिस कर रहे थे। स्कूल-कालेजा में गर्मी की छुट्टी होते ही रेंज पर प्रेक्टिस करने वाले खिलाड़ियों की संख्या बढ़ जाती थी, लेकिन इस बार लॉकडाउन की वजह से सब बंद चल रहा है।
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भारतीय टीम में सलेक्शन की चल रही थी तैयारी
गांव टिटौली निवासी अक्षय कुमार ने बताया कि वह इस साल नेशनल लेवल के कंपीटिशन में प्रतिभाग कर तीन पदक जीत चुका है। अब वह भारतीय टीम में सलेक्शन के लिए शूटिंग रेंज पर जाकर रोज छह से सात घंटे प्रैक्टिस कर रहा था, लेकिन दो माह से लॉकडाउन की वजह से शूटिंग रेंज बंद होने के कारण वह घर पर ही है। उसकी प्रैक्टिस बाधित हो गई।
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स्टेट कंपीटिशन के लिए प्रैक्टिस करता था
गांव बेहड़ा निवासी रचित कुमार ने बताया कि सब जूनियर वर्ग में वह स्टेट कंपीटिशन की तैयारी कर रहा था। जुलाई या अगस्त माह में कंपीटिशन होना था, लेकिन लॉकडाउन की वजह से उसकी तैयारी बीच में ही रुक गई। लॉकडाउन की वजह से वह शूटिंग रेंज पर प्रैक्टिस नहीं कर पा रहा है।
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शूटिंग के रास्ते डीयू में दाखिले की तैयारी
गांव कसेरवा निवासी विकल्प देशवाल का कहना है कि उसका सपना दिल्ली यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन करना है। वह शूटिंग के माध्यम से दिल्ली यूनिवर्सिटी में एडमिशन के लिए दिनरात तैयारी कर रहा था, लेकिन लॉकडाउन ने सब कुछ बेकार कर दिया। अब कहीं पर प्रेक्टिस नहीं चल रही है।
छह से सात घंटे रोज चल रही थी प्रैक्टिस
गांव टिटौली निवासी सब जूनियर वर्ग की नेशनल शूटर आस्था चौधरी ने बताया कि वह इस साल इंडिया टीम में सलेक्शन के लिए लॉकडाउन से पहले छह से सात घंटे रोज की प्रैक्टिस कर रही थी। जब से लॉकडाउन हुआ है, तब से शूटिंग रेंज बंद है और उसकी प्रैक्टिस भी बीच में ही बाधित हो गई। उसे उम्मीद है जल्द ही कोरोना महामारी खत्म होगी और फिर से उसकी प्रैक्टिस शुरू होगी।
दो माह से बंद चल रही शूटिंग रेंज
झिंझाना रोड पर स्थित शामली शूटिंग रेंज के कोच मुकेश चौधरी का कहना है कि जब से लॉकडाउन हुआ है तब से शूटिंग रेंज बंद है। लॉकडाउन से पहले उनकी रेंज पर करीब 75 खिलाड़ी प्रेक्टिस कर रहे थे। स्कूल-कालेजा में गर्मी की छुट्टी होते ही रेंज पर प्रेक्टिस करने वाले खिलाड़ियों की संख्या बढ़ जाती थी, लेकिन इस बार लॉकडाउन की वजह से सब बंद चल रहा है।