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डेंगू संभावित 64 मरीज मिले, पांच घरों में मिला लार्वा
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कैराना के डेंगू व टाइफाइड प्रभावित बीनड़ा गांव में हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर मरीजों की जांच करती
- फोटो : SHAMLI
डेंगू संभावित 64 मरीज मिले, पांच घरों में मिला लार्वा
शामली। जिले में संचारी रोग नियंत्रण माह में बुखार का प्रकोप कम नहीं हुआ है। अक्तूबर में सबसे अधिक 13 केस और मलेरिया के दस केस मिले हैं। जिले में अब तक 29 मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई है और मलेरिया के केस बढ़कर 74 हो गए हैं। इनके अलावा डेंगू संभावित 55 मरीजों के सैंपल एलाइजा जांच के लिए सहारनपुर मेडिकल भेजे गए हैं। शासन के निर्देश पर एक अक्तूबर से 31 अक्तूबर तक विशेष संचारी रोग नियंत्रण माह में बुखार व अन्य संचारी रोगों की रोकथाम व बचाव के लिए जागरूकता अभियान चलाया गया। स्वास्थ्य विभाग के साथ अन्य 10 विभागों को भी इस अभियान में शामिल किया गया। इसके बाद भी जिले में बुखार का प्रकोप कम नहीं हुआ।
अक्तूबर में मलेरिया के दस नए मरीज सामने आए। इन्हें मिलाकर अब जिले में मलेरिया के मरीजों की संख्या 74 हो गई है। इस महीने में सबसे अधिक 13 मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई। सितंबर व अक्तूबर में डेंगू के 14 केस सामने आए थे जबकि इससे पहले दो केस थे। अब जिले में 29 मरीजों में डेंगू की पुष्टि हो चुकी है। इसके अलावा जिले में सरकारी व निजी अस्पतालों में लिए गए डेंगू संभावित 55 मरीजों के रक्त सैंपल बुधवार को सहारनपुर मेडिकल में एलाइजा जांच के लिए भेजे गए हैं। इनकी रिपोर्ट दो दिन में आने की उम्मीद है।
जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. विनय कुमार ने बताया कि अब तक 109 सैंपलों की एलाइजा जांच में 29 मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई है, जबकि मलेरिया के 74 केस मिले हैं। उन्होंने बताया कि जहां पर बुखार के केस सामने आ रहे हैं, वहां पर स्वास्थ्य कैंप लगाकर मरीजों की जांच कर दवा उपलब्ध कराई जा रही है। साथ ही ग्रामीणों को रोगों से बचाव व उपचार की जानकारी दी जा रही है।
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बीनड़ा में पहुंची स्वास्थ्य टीम, डेंगू संभावित नौ मरीजों के लिए सैंपल
शामली/कैराना। गांव बीनड़ा में बुखार के प्रकोप के चलते बुधवार को जिला मलेरिया विभाग और सीएचसी कैराना की टीम ने पहुंची। स्वास्थ्य टीम ने शिविर लगाकर 75 मरीजों की जांच कर दवा का वितरण किया। इस दौरान डेंगू के लक्षण वाले नौ मरीजों के सैंपल लिए। पांच घरों में लार्वा ब्रीडिंग पाया गया, जिसे टीम ने तत्काल नष्ट किया गया।
कैराना क्षेत्र के गांव बीनड़ा में कई दिन से बुखार का प्रकोप चल रहा है। डेंगू, टायफाइड व पीलिया आदि रोगों से कई लोगों की मौत होने से ग्रामीणों में दहशत बनी है। बुधवार को जिला मलेरिया विभाग और सीएचसी कैराना की टीम गांव बीनड़ा पहुंची। स्वास्थ्य टीम ने गांव के हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर स्वाथ्य शिविर लगाकर मरीजों की जांच की। जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. विनय कुमार ने बताया कि शिविर में 75 मरीजों की जांच कर दवा उपलब्ध कराई गई। इस दौरान डेंगू संभावित नौ मरीजों के रक्त सैंपल लिए गए, जिन्हें एलाइजा जांच के लिए सहारनपुर भेजा जाएगा।
29 मरीजों की रक्त पट्टिका से जांच की गई, जिसमें किसी मरीज में मलेरिया की पुष्टि नहीं हुई। इसके अलावा लगभग 82 घरों में जांच की गई, जिनमें पांच घरों में लार्वा ब्रीडिंग होना पाया, जिसे एंटी लार्वा का छिड़काव कर नष्ट कराया गया। गांव में एंटी लार्वा कीटनाशक का छिड़काव व फोगिंग कराई गई और पानी के चार सैंपल लिए गए। ग्रामीणों को पंपलेट का वितरण कर रोगों से बचाव की जानकारी दी गई। जिला मलेरिया अधिकारी का कहना है कि गांव में जिन लोगों की मौत हुई है, उनके परिजनों से जानकारी ली गई, जिसमें उनकी मौत डेंगू से न होकर अन्य कारण से होना पाया गया।
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शामली। जिले में संचारी रोग नियंत्रण माह में बुखार का प्रकोप कम नहीं हुआ है। अक्तूबर में सबसे अधिक 13 केस और मलेरिया के दस केस मिले हैं। जिले में अब तक 29 मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई है और मलेरिया के केस बढ़कर 74 हो गए हैं। इनके अलावा डेंगू संभावित 55 मरीजों के सैंपल एलाइजा जांच के लिए सहारनपुर मेडिकल भेजे गए हैं। शासन के निर्देश पर एक अक्तूबर से 31 अक्तूबर तक विशेष संचारी रोग नियंत्रण माह में बुखार व अन्य संचारी रोगों की रोकथाम व बचाव के लिए जागरूकता अभियान चलाया गया। स्वास्थ्य विभाग के साथ अन्य 10 विभागों को भी इस अभियान में शामिल किया गया। इसके बाद भी जिले में बुखार का प्रकोप कम नहीं हुआ।
अक्तूबर में मलेरिया के दस नए मरीज सामने आए। इन्हें मिलाकर अब जिले में मलेरिया के मरीजों की संख्या 74 हो गई है। इस महीने में सबसे अधिक 13 मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई। सितंबर व अक्तूबर में डेंगू के 14 केस सामने आए थे जबकि इससे पहले दो केस थे। अब जिले में 29 मरीजों में डेंगू की पुष्टि हो चुकी है। इसके अलावा जिले में सरकारी व निजी अस्पतालों में लिए गए डेंगू संभावित 55 मरीजों के रक्त सैंपल बुधवार को सहारनपुर मेडिकल में एलाइजा जांच के लिए भेजे गए हैं। इनकी रिपोर्ट दो दिन में आने की उम्मीद है।
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जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. विनय कुमार ने बताया कि अब तक 109 सैंपलों की एलाइजा जांच में 29 मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई है, जबकि मलेरिया के 74 केस मिले हैं। उन्होंने बताया कि जहां पर बुखार के केस सामने आ रहे हैं, वहां पर स्वास्थ्य कैंप लगाकर मरीजों की जांच कर दवा उपलब्ध कराई जा रही है। साथ ही ग्रामीणों को रोगों से बचाव व उपचार की जानकारी दी जा रही है।
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बीनड़ा में पहुंची स्वास्थ्य टीम, डेंगू संभावित नौ मरीजों के लिए सैंपल
शामली/कैराना। गांव बीनड़ा में बुखार के प्रकोप के चलते बुधवार को जिला मलेरिया विभाग और सीएचसी कैराना की टीम ने पहुंची। स्वास्थ्य टीम ने शिविर लगाकर 75 मरीजों की जांच कर दवा का वितरण किया। इस दौरान डेंगू के लक्षण वाले नौ मरीजों के सैंपल लिए। पांच घरों में लार्वा ब्रीडिंग पाया गया, जिसे टीम ने तत्काल नष्ट किया गया।
कैराना क्षेत्र के गांव बीनड़ा में कई दिन से बुखार का प्रकोप चल रहा है। डेंगू, टायफाइड व पीलिया आदि रोगों से कई लोगों की मौत होने से ग्रामीणों में दहशत बनी है। बुधवार को जिला मलेरिया विभाग और सीएचसी कैराना की टीम गांव बीनड़ा पहुंची। स्वास्थ्य टीम ने गांव के हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर स्वाथ्य शिविर लगाकर मरीजों की जांच की। जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. विनय कुमार ने बताया कि शिविर में 75 मरीजों की जांच कर दवा उपलब्ध कराई गई। इस दौरान डेंगू संभावित नौ मरीजों के रक्त सैंपल लिए गए, जिन्हें एलाइजा जांच के लिए सहारनपुर भेजा जाएगा।
29 मरीजों की रक्त पट्टिका से जांच की गई, जिसमें किसी मरीज में मलेरिया की पुष्टि नहीं हुई। इसके अलावा लगभग 82 घरों में जांच की गई, जिनमें पांच घरों में लार्वा ब्रीडिंग होना पाया, जिसे एंटी लार्वा का छिड़काव कर नष्ट कराया गया। गांव में एंटी लार्वा कीटनाशक का छिड़काव व फोगिंग कराई गई और पानी के चार सैंपल लिए गए। ग्रामीणों को पंपलेट का वितरण कर रोगों से बचाव की जानकारी दी गई। जिला मलेरिया अधिकारी का कहना है कि गांव में जिन लोगों की मौत हुई है, उनके परिजनों से जानकारी ली गई, जिसमें उनकी मौत डेंगू से न होकर अन्य कारण से होना पाया गया।

कैराना के डेंगू व टाइफाइड प्रभावित बीनड़ा गांव में एंटी लार्वा का छिड़काव करता कर्मचारी।- फोटो : SHAMLI

कैराना के डेंगू व टाइफाइड प्रभावित बीनड़ा गांव में सफाई करते कर्मचारी।- फोटो : SHAMLI