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दिल्ली-शामली रेल मार्ग का हाल: पिंक बुक में शामिल होने के बावजूद नहीं हो सका दोहरीकरण
Sat, 10 Apr 2021 02:19 PM IST
कपिल kapil
अमर उजाला नेटवर्क, शामली
अमर उजाला नेटवर्क, शामली
Published by: कपिल kapil
Updated Sat, 10 Apr 2021 02:19 PM IST
सार
- पिंक बुक में शामिल होने के बावजूद नहीं हो सका दोहरीकरण
- इस रूट के दोहरीकरण को लेकर गंभीर नजर नहीं आता रेलवे
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रेल मार्ग
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
दिल्ली-शामली-टपरी रेलवे लाइन के दोहरीकरण का प्रस्ताव रेलवे की पिंक बुक में शामिल है, लेकिन इसके लिए बजट जारी नहीं हुआ है। वित्तीय वर्ष 2021-22 के केंद्रीय बजट में रेलवे लाइन के दोहरीकरण के लिए एक हजार रुपये का बजट रखा गया है। इसके बावजूद रेलवे इस रूट के दोहरीकरण को लेकर गंभीर नजर नहीं आता और इसे गैर उत्पादक मानते हुए दोहरीकरण से बच रहा है।
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दिल्ली के शाहदरा से बागपत, बड़ौत, शामली होते हुए टपरी तक रेलवे लाइन के दोहरीकरण का प्रस्ताव 2015 में तत्कालीन रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने स्वीकृत किया था। 155.24 किलोमीटर लंबी रेलवे लाइन के दोहरीकरण के इस प्रस्ताव को 2016-17 के बजट में भी शामिल कर लिया गया था। इसके बाद इसकी विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार की गई। कार्य की लागत लगभग 1214 करोड़ रुपये का आंकलन किया गया। इसके बावजूद इस परियोजना पर काम शुरू नहीं हुआ। अग्रवाल मित्र मंडल के सचिव अनुज मित्तल लगातार इस परियोजना को लेकर रेलवे के अधिकारियों को पत्र लिख रहे हैं और ऑनलाइन शिकायतें कर रहे हैं। उन्होंने रेलवे बोर्ड को की शिकायत में दोहरीकरण के संबंध में जानकारी चाही थी। पूछा था कि रेलवे लाइन के दोहरीकरण और विद्युतीकरण के लिए क्या-क्या कार्य हो चुके हैं। इसमें जवाब में रेलवे भवन दिल्ली के ईडी वर्क्स एससी जैन ने उन्हें ऑनलाइन जवाब भेजा, जिसमें कहा गया है कि परियोजना की विस्तृत रिपोर्ट तैयार हो गई थी। रिपोर्ट की जांच के बाद पाया गया है कि इस परियोजना को पूरा करने की आवश्यकता नहीं है। इसलिए इसे फिलहाल पूर्ण नहीं करने का निर्णय लिया गया है।
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रेलवे अधिकारी के इस जवाब के बाद साफ हो गया था कि रेलवे लाइन के दोहरीकरण की फिलहाल कोई उम्मीद नहीं बची है। हालांकि नए बजट में फिर से इस प्रोजेक्ट को पिंक बुक में शामिल किया गया है लेकिन बजट मात्र एक हजार रुपये ही रखा गया है। अनुज मित्तल का कहना है कि रेलवे लाइन का दोहरीकरण नहीं होने से इस रूट पर स्थित बागपत, बड़ौत, शामली के निवासियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। यह परियोजना पूरी हो जाती तो रूट पर नई ट्रेनें मिलने की उम्मीद थी। इससे क्षेत्र के विकास को पंख लगते और रेलवे यात्रियों को सुविधाएं मिलती।
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शामली तक हो चुका है विद्युतीकरण
दिल्ली-शामली-टपरी रेलवे लाइन का विद्युतीकरण कार्य शामली तक पूरा हो चुका है। रेलवे सुरक्षा आयुक्त सुरेंद्र पाठक करीब 15 दिन पहले विद्युत ट्रेन का ट्रायल कर चुके हैं। शामली से टपरी तक का विद्युतीकरण जून तक पूरा होने की बात कही जा रही है।
1973 में शुरू हुआ था दिल्ली-शामली-टपरी रेलवे रूट
दिल्ली- शामली-टपरी रेलवे का शुभारंभ वर्ष 1973 में हुआ था। तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने खेकड़ा में इसका उद्घाटन किया था। तब इस पर कोयले का इंजन वाली ट्रेनें चलाई गई थी। वर्ष 1990 के बाद उन ट्रेनों को मार्ग से हटा दिया गया था। डीजल इंजन वाली ट्रेन शुरू कर दी गई थी। देश में कोरोना संक्रमण के चलते मार्च माह 2020 में लॉकडाउन लागू कर दिया गया था। तभी मार्ग के सभी ट्रेनों को बंद कर दिया गया था। रेलवे प्रशासन ने ट्रेनों का आवागमन बंद होते ही मार्ग पर इलेक्ट्रॉनिक ट्रेनें दौड़ने के लिए इलेक्ट्रिक लाइन बिछाने का काम शुरू कर दिया था।
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