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Shamli News: समय सीमा सिर पर, शाहदरा-शामली रेल लाइन की डीपीआर अब भी अधूरी
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शामली। शाहदरा-शामली-टपरी 87.45 किलोमीटर रेलमार्ग के दोहरीकरण के लिए अंतिम सर्वे और विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने की समय सीमा 30 सितंबर 2026 को पूरी हो रही है, लेकिन डीपीआर तैयार करने का काम अभी अधूरा है। रेलवे अधिकारियों के अनुसार डीपीआर तैयार होने के बाद परियोजना की अनुमानित लागत की जानकारी स्पष्ट होगी।
वर्ष 2015 में कैराना के तत्कालीन भाजपा सांसद हुकुम सिंह ने तत्कालीन रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा से मुलाकात कर शाहदरा से शामली और टपरी तक रेलमार्ग के दोहरीकरण व विद्युतीकरण की मांग उठाई थी। वर्ष 2016 में दोहरीकरण और विद्युतीकरण के लिए 1500 करोड़ रुपये के बजट का प्रावधान किया गया था। करीब 750 करोड़ रुपये की लागत से शाहदरा से शामली तक विद्युतीकरण का कार्य वर्ष 2022 में पूरा हो चुका है, जबकि दोहरीकरण का कार्य बजट के अभाव में आगे नहीं बढ़ सका।
पिछले वर्ष अक्तूबर में केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के बड़ौत आगमन पर शाहदरा से शामली और टपरी तक अगले तीन साल में दोहरीकरण कराने की घोषणा की गई थी। इसके बाद पहले चरण में शाहदरा से शामली और दूसरे चरण में आगे के रेलमार्ग के दोहरीकरण की तैयारियां शुरू की गईं। उत्तर रेलवे के दिल्ली मंडल के इंजीनियरों को ड्रोन सर्वे और अंतिम सर्वे की जिम्मेदारी सौंपी गई।
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एक साल के दौरान शाहदरा से शामली तक 87.45 किलोमीटर रेलमार्ग का ड्रोन सर्वे और अंतिम सर्वे पूरा किया जा चुका है। अब दोहरीकरण की डीपीआर तैयार करने का कार्य चल रहा है।
उत्तर रेलवे दिल्ली मंडल के पीआरओ हिमांशु शेखर ने बताया कि शाहदरा-शामली 87.45 किलोमीटर रेलमार्ग के दोहरीकरण का कार्य 29 अक्तूबर 2025 को रेलवे बोर्ड दिल्ली से स्वीकृत हुआ था। 20 फरवरी 2026 को निर्माण एजेंसी को कार्य करने की स्वीकृति दी गई। रेलवे बोर्ड ने 30 सितंबर 2026 तक शाहदरा से शामली तक डीपीआर का कार्य पूरा करने के निर्देश दिए हैं।
निर्माण एजेंसी की ओर से डीपीआर तैयार की जा रही है, जो अभी अधूरी है। डीपीआर पूरी होने के बाद परियोजना की लागत समेत अन्य जानकारी स्पष्ट होगी।
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वर्ष 2015 में कैराना के तत्कालीन भाजपा सांसद हुकुम सिंह ने तत्कालीन रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा से मुलाकात कर शाहदरा से शामली और टपरी तक रेलमार्ग के दोहरीकरण व विद्युतीकरण की मांग उठाई थी। वर्ष 2016 में दोहरीकरण और विद्युतीकरण के लिए 1500 करोड़ रुपये के बजट का प्रावधान किया गया था। करीब 750 करोड़ रुपये की लागत से शाहदरा से शामली तक विद्युतीकरण का कार्य वर्ष 2022 में पूरा हो चुका है, जबकि दोहरीकरण का कार्य बजट के अभाव में आगे नहीं बढ़ सका।
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पिछले वर्ष अक्तूबर में केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के बड़ौत आगमन पर शाहदरा से शामली और टपरी तक अगले तीन साल में दोहरीकरण कराने की घोषणा की गई थी। इसके बाद पहले चरण में शाहदरा से शामली और दूसरे चरण में आगे के रेलमार्ग के दोहरीकरण की तैयारियां शुरू की गईं। उत्तर रेलवे के दिल्ली मंडल के इंजीनियरों को ड्रोन सर्वे और अंतिम सर्वे की जिम्मेदारी सौंपी गई।
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एक साल के दौरान शाहदरा से शामली तक 87.45 किलोमीटर रेलमार्ग का ड्रोन सर्वे और अंतिम सर्वे पूरा किया जा चुका है। अब दोहरीकरण की डीपीआर तैयार करने का कार्य चल रहा है।
उत्तर रेलवे दिल्ली मंडल के पीआरओ हिमांशु शेखर ने बताया कि शाहदरा-शामली 87.45 किलोमीटर रेलमार्ग के दोहरीकरण का कार्य 29 अक्तूबर 2025 को रेलवे बोर्ड दिल्ली से स्वीकृत हुआ था। 20 फरवरी 2026 को निर्माण एजेंसी को कार्य करने की स्वीकृति दी गई। रेलवे बोर्ड ने 30 सितंबर 2026 तक शाहदरा से शामली तक डीपीआर का कार्य पूरा करने के निर्देश दिए हैं।
निर्माण एजेंसी की ओर से डीपीआर तैयार की जा रही है, जो अभी अधूरी है। डीपीआर पूरी होने के बाद परियोजना की लागत समेत अन्य जानकारी स्पष्ट होगी।