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माता-पिता पर सबसे ज्यादा भरोसा करें बेटियां
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शामली अमर उजाला अपराजिता द्वारा आयोजित ऑनलाइन सेमिनार में जानकारी देतीं डॉक्टर मृदुला जैन।
- फोटो : SHAMLI
शामली। अमर उजाला के अभियान अपराजिता 100 मिलियन स्माइल एवं भारतीय जैन संघटना की ओर से आयोजित ऑनलाइन स्मार्ट गर्ल कार्यशाला में बेटियों को अच्छे संवाद एवं रिश्तों का अर्थ सिखाया गया। छात्राओं को बताया कि स्वर, आवाज का उतार-चढ़ाव, चेहरे के भाव, इशारे आदि ध्यान रखने की आवश्यकता है। जैसे-जैसे हम बड़े हो रहे हैं, संवाद की सहजता में बदलाव आता है। उसी के साथ माता-पिता और बच्चों में पीढ़ी का अंतर नजर आने लगता है।
कार्यशाला के दूसरे दिन का शुभारंभ भारतीय जैन संघटना के प. उप्र के अध्यक्ष मोहित जैन ने किया। प्रशिक्षक डॉ. मृदुला जैन ने संवाद एवं रिश्तों का मतलब सिखाया। कहा कि बेटियों को अपने माता-पिता पर सबसे ज्यादा भरोसा होना चाहिए। अपनी एक-एक बात उन्हें बतानी चाहिए। उससे विश्वास मजबूत होगा। अपनी गलती महसूस होने पर तुरंत क्षमा मांगें। अपने संवाद से किसी को दुख ना पहुंचे इस बात का ध्यान रखे। खुले मन से प्रशंसा करें, पिछले सहयोग को याद रखें और कृतज्ञता व्यक्त करने का स्वभाव बनाएं। यदि आपके माता-पिता आपके अच्छे दोस्त हैं और वे आप पर विश्वास करते हैं तो आप कोई भी जंग जीत सकती हैं। कार्यक्रम में प्रतिभाग करने वाली नेहा जैन ने बताया कि माता पिता से बात करते हुए संकोच नहीं करना चाहिए। इशिका जैन, मानसी जैन, रिद्धि, लवदी जैन ने प्रतिभाग किया।
कार्यशाला में शामिल होकर परिस्थितियों से जूझने की शक्ति मिलती है। यह काफी प्रेरणादायक साबित हो रही है। - अपूर्वा चौहान
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जीवन में संवाद का बड़ा महत्व है। हम जाने-अनजाने में अपनी बातों से दूसरों को कष्ट पहुंचाते हैं या फिर स्वयं की छवि खराब करते हैं। वाणी पर संयम बेहद जरूरी है। - हितिका जैन
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परिवार के लोग सच्चे मित्र होते हैं। माता-पिता हमेशा अपनी संतान का हित चाहते हैं। इसलिए उनसे कोई भी बात छिपानी नहीं चाहिए। - महिमा जैन
यदि कोई गलती हो जाती है तो उसे स्वीकार करना चाहिए। अपनी गलती की क्षमा मांग लें। इससे रिश्ते अच्छे बने रहते हैं। - समृद्धि पहाड़े
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अमर उजाला और भारतीय जैन संघटना की कार्यशाला में जीवन के महत्वपूर्ण बिंदुओं को समझने का अवसर मिलता है जो जीवनभर काम आते हैं। - लब्धि जैन
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अच्छा संवाद और रिश्ते जीवन की बेहतरीन उपलब्धियां हैं। इन्हें बनाए रखने से जीवन की परेशानियों से बचा जा सकता है। - नंदिनी खेड़ा
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रिश्तों में विश्वास बेहद महत्वपूूर्ण होता है। यह विश्वास तभी बनता है जब संवाद अच्छा होता है। इसलिए एक-दूसरे से बेहतर संवाद बनाए रखें। - दीक्षा सेठी
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कार्यशाला के दूसरे दिन का शुभारंभ भारतीय जैन संघटना के प. उप्र के अध्यक्ष मोहित जैन ने किया। प्रशिक्षक डॉ. मृदुला जैन ने संवाद एवं रिश्तों का मतलब सिखाया। कहा कि बेटियों को अपने माता-पिता पर सबसे ज्यादा भरोसा होना चाहिए। अपनी एक-एक बात उन्हें बतानी चाहिए। उससे विश्वास मजबूत होगा। अपनी गलती महसूस होने पर तुरंत क्षमा मांगें। अपने संवाद से किसी को दुख ना पहुंचे इस बात का ध्यान रखे। खुले मन से प्रशंसा करें, पिछले सहयोग को याद रखें और कृतज्ञता व्यक्त करने का स्वभाव बनाएं। यदि आपके माता-पिता आपके अच्छे दोस्त हैं और वे आप पर विश्वास करते हैं तो आप कोई भी जंग जीत सकती हैं। कार्यक्रम में प्रतिभाग करने वाली नेहा जैन ने बताया कि माता पिता से बात करते हुए संकोच नहीं करना चाहिए। इशिका जैन, मानसी जैन, रिद्धि, लवदी जैन ने प्रतिभाग किया।
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कार्यशाला में शामिल होकर परिस्थितियों से जूझने की शक्ति मिलती है। यह काफी प्रेरणादायक साबित हो रही है। - अपूर्वा चौहान
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जीवन में संवाद का बड़ा महत्व है। हम जाने-अनजाने में अपनी बातों से दूसरों को कष्ट पहुंचाते हैं या फिर स्वयं की छवि खराब करते हैं। वाणी पर संयम बेहद जरूरी है। - हितिका जैन
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परिवार के लोग सच्चे मित्र होते हैं। माता-पिता हमेशा अपनी संतान का हित चाहते हैं। इसलिए उनसे कोई भी बात छिपानी नहीं चाहिए। - महिमा जैन
यदि कोई गलती हो जाती है तो उसे स्वीकार करना चाहिए। अपनी गलती की क्षमा मांग लें। इससे रिश्ते अच्छे बने रहते हैं। - समृद्धि पहाड़े
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अमर उजाला और भारतीय जैन संघटना की कार्यशाला में जीवन के महत्वपूर्ण बिंदुओं को समझने का अवसर मिलता है जो जीवनभर काम आते हैं। - लब्धि जैन
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अच्छा संवाद और रिश्ते जीवन की बेहतरीन उपलब्धियां हैं। इन्हें बनाए रखने से जीवन की परेशानियों से बचा जा सकता है। - नंदिनी खेड़ा
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रिश्तों में विश्वास बेहद महत्वपूूर्ण होता है। यह विश्वास तभी बनता है जब संवाद अच्छा होता है। इसलिए एक-दूसरे से बेहतर संवाद बनाए रखें। - दीक्षा सेठी