फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Shamli News ›   Daughters are awakened while sitting at home

बेटियां घर बैठे जगा रही जागरुकता की अलख

Wed, 13 May 2020 10:27 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Wed, 13 May 2020 10:27 PM IST
विज्ञापन
Daughters are awakened while sitting at home
रोहित अग्रवाल
विज्ञापन

शामली। कोराना की जंग में गांव, कस्बों की बेटियां भी पीछे नहीं है। वह भी आधुनिक तकनीक के जरिए लोगों को जागरुक करने में जुटी हैं। विश्वविद्यालय स्तर पर ऑनलाइन प्रशिक्षण लेने के बाद ये अपने घर बैठे ही लोगों तक लाभकारी जानकारियां पहुंचा रही हैं। लोगों को प्रेरित कर आयुष और मानव संसाधन मंत्रालय की मुहिम को आगे बढ़ाकर आम लोगों की फौज तैयार करने का प्रयास कर रही है। पेश है कि इन बेटियों के प्रयास पर रिपोर्ट
दीक्षा एप की ट्रेनिंग से जुटाई जानकारी
गांव वकीलगढ़ निवासी बीए सेकंड ईयर की छात्रा प्रियंका कहती हैं कि उन्होंने गॉट दीक्षा एप पर प्रशिक्षण लिया। आयुष मंत्रालय के विशेषज्ञों द्वारा तैयार डिजिटल स्टडी सामग्री इतनी रोचक और प्रभावशाली है कि एक कोविड-19 योद्धा के तौर पर दूसरों को भी कई अहम जानकारियां देने में सक्षम हैं।
विज्ञापन

ग्रामीण महिलाओं में जागरुकता का बीड़ा उठाया
मोहम्मदपुर राई गांव की जायमा कहती हैं कि लॉकडाउन के दौरान आधुनिक तकनीक के माध्यम जूम एप के जरिए ही ऑनलाइन एनएसएस प्रशिक्षण लिया है। इसका फायदा हुआ कि वह घर बैठे ही कई गर्भवती महिलाओं को डायट चार्ट, संक्रमण से बचाव के टिप्स आदि जानकारियां उपलब्ध करा रही हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

----
20 को डाउनलोड करा दिया एप
कांधला की इति जैन कहती हैं कोरोना संक्रमण में आरोग्य सेतु एप बेहद कारगर साबित हो रहा है। इस एप के जरिए बहुत से छिपे कोरोना पॉजिटिव लोगों का पता लगाया जा सकता है। उसने यह एप डाउनलोड किया है। अब तक 20 से ज्यादा लोगों को एप डाउनलोड करा चुकी है।
--
आरोग्य एप से मात खाएगा कोरोना
थानाभवन की एनएसएस वालियंटर मानसी कहती हैं कि आरोग्य एप जैसी तकनीकों के माध्यम से योग ध्यान और आयुर्वेद की जीवन शैली से कोरोना वायरस को मात दे सकते हैं। जरूरी है कि ये एप हर किसी के मोबाइल में हो। वो खुद 27 लोगों को प्रेरित कर चुकी है।
------
60 लोगों को मोटिवेट कर चुकी सौभाग्या
शामली निवासी बीटेक प्रथम वर्ष की छात्रा सौभाग्या कहती हैं कि कोरोना संक्रमण के दौर में आयुष और मानव संसाधन विकास मंत्रालय के आई गॉट दीक्षा प्लेटफार्म, आरोग्य सेतु एप, और आयुष कवच एप इसका उदाहरण है। वह अब तक 60 से ज्यादा लोगों को मोटिवेट कर चुकी है।

कोट
लॉकडाउन के समय में विवि स्तर पर तकनीक का इस्तेमाल कर प्रदेश में करीब 12 हजार से अधिक कोरोना योद्धा बनाए जा चुके हैं, जिन्हें ऑनलाइन प्रशिक्षण दिया गया जो अब अपने गांव-कस्बों में ही लोगों को इस संक्रमण से बचाने को जागरुकता फैला रहे हैं।
डॉ. अजय बाबू शर्मा, स्टेट कॉर्डिनेटर रासेयो कार्यक्रम
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed