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जनपद में पहुंची डीएपी, किल्लत होगी दूर
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जनपद में पहुंचा डीएपी, किल्लत होगी दूर
शामली। डीएपी की चल रही किल्लत अब दूर हो गई है। जनपद में डीएपी खाद 2544 मीट्रिक टन प्राप्त हो गया है। डीएपी मालगाड़ी से शामली पहुंचा और कृषि विभाग के अधिकारियों ने इसे समितियों पर भेजना शुरू कर दिया है। अब किसानों को डीएपी के लिए नहीं भटकना पड़ेगा। मंगलवार से समितियों से वितरण शुरू हो जाएगा।
जनपद में डीएपी खाद की काफी किल्लत चल रही थी और कई समितियों पर तो डीएपी खत्म होने का नोटिस चस्पा कर दिया गया था। किसान बिना डीएपी के ही लौट रहे थे और उनको फसल की बुवाई करने में भी काफी दिक्कत आ रही थी। गन्ने की कटाई के बाद गेहूं की बुवाई शुरू हो जाती है और इसमें डीएपी की जरूरत होती है। कृषि विभाग के अधिकारी भी शुक्रवार तक डीएपी आने की बात कह रहे थे, लेकिन रविवार तक भी जिले में नहीं पहुंची। सोमवार को दिल्ली से मालगाड़ी से डीएपी शामली भेजा गया। 2544 मीट्रिक टन डीएपी कृषि विभाग के अधिकारियों ने प्राप्त कर लिया।
कृषि विभाग के अधिकारियों ने डीएपी आने के बाद राहत की सांस ली और खाद को ट्रकों से समितियों पर भिजवाना शुरू कर दिया है। कृषि विभाग के अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही एक हजार मीट्रिक टन डीएपी और आने की उम्मीद है। इस दौरान जिला कृषि अधिकारी प्रदीप कुमार यादव, सहायक आयुक्त सहकारिता राजवीर सिंह, पीसीएफ जिला प्रबंधक देवेंद्र कुमार, इफको हेड सतीश कुमार मौजूद रहे।
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शामली। डीएपी की चल रही किल्लत अब दूर हो गई है। जनपद में डीएपी खाद 2544 मीट्रिक टन प्राप्त हो गया है। डीएपी मालगाड़ी से शामली पहुंचा और कृषि विभाग के अधिकारियों ने इसे समितियों पर भेजना शुरू कर दिया है। अब किसानों को डीएपी के लिए नहीं भटकना पड़ेगा। मंगलवार से समितियों से वितरण शुरू हो जाएगा।
जनपद में डीएपी खाद की काफी किल्लत चल रही थी और कई समितियों पर तो डीएपी खत्म होने का नोटिस चस्पा कर दिया गया था। किसान बिना डीएपी के ही लौट रहे थे और उनको फसल की बुवाई करने में भी काफी दिक्कत आ रही थी। गन्ने की कटाई के बाद गेहूं की बुवाई शुरू हो जाती है और इसमें डीएपी की जरूरत होती है। कृषि विभाग के अधिकारी भी शुक्रवार तक डीएपी आने की बात कह रहे थे, लेकिन रविवार तक भी जिले में नहीं पहुंची। सोमवार को दिल्ली से मालगाड़ी से डीएपी शामली भेजा गया। 2544 मीट्रिक टन डीएपी कृषि विभाग के अधिकारियों ने प्राप्त कर लिया।
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कृषि विभाग के अधिकारियों ने डीएपी आने के बाद राहत की सांस ली और खाद को ट्रकों से समितियों पर भिजवाना शुरू कर दिया है। कृषि विभाग के अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही एक हजार मीट्रिक टन डीएपी और आने की उम्मीद है। इस दौरान जिला कृषि अधिकारी प्रदीप कुमार यादव, सहायक आयुक्त सहकारिता राजवीर सिंह, पीसीएफ जिला प्रबंधक देवेंद्र कुमार, इफको हेड सतीश कुमार मौजूद रहे।
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