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Shamli News: फूलों से अपना जीवन महका रहे दभेड़ी के किसान
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शामली। जिले के किसान अब पारंपरिक खेती से आगे निकलकर उन्नत खेती की दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रहे हैं। फूलों की खेती से जहां किसानों का घर और जेब दोनों महक रहे हैं वहीं, पत्ता गोभी की खेती भी डबल मुनाफा दे रही है।
कस्बा जलालाबाद के गांव दभेड़ी निवासी किसान सुनील पाल 15 वर्षों से फूलों की खेती कर रहे हैं। उन्होंने परंपरागत फसलों के बजाय रजनीगंधा, सूरजमुखी और गेंदा की उन्नत खेती अपनाई है। सुनील पाल का कहना है कि फूलों की खेती में मेहनत के साथ-साथ समय पर सिंचाई, खाद प्रबंधन और सही तकनीक बेहद जरूरी है। उनकी आय बढ़ी तो क्षेत्र के अन्य किसान भी प्रेरित हो रहे हैं। यहां दिल्ली में फूलों को सप्लाई किया जाता है।
सुनील पाल ने गन्ने के साथ सहफसली में पत्ता गोभी की फसल उगाकर अपनी आय बढ़ा ली है। इसी गांव के किसान रोहतास भी पिछले करीब 20 वर्षों से लगभग 5 बीघा भूमि में फूलों की खेती कर रहे हैं। उन्होंने आधुनिक खेती से छह माह में दो से लेकर तीन लाख रुपये तक की आय प्राप्त की है। दभेड़ी के किसानों की यह पहल क्षेत्र में अन्य किसानों के लिए प्रेरणा बन रही है।
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कस्बा जलालाबाद के गांव दभेड़ी निवासी किसान सुनील पाल 15 वर्षों से फूलों की खेती कर रहे हैं। उन्होंने परंपरागत फसलों के बजाय रजनीगंधा, सूरजमुखी और गेंदा की उन्नत खेती अपनाई है। सुनील पाल का कहना है कि फूलों की खेती में मेहनत के साथ-साथ समय पर सिंचाई, खाद प्रबंधन और सही तकनीक बेहद जरूरी है। उनकी आय बढ़ी तो क्षेत्र के अन्य किसान भी प्रेरित हो रहे हैं। यहां दिल्ली में फूलों को सप्लाई किया जाता है।
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सुनील पाल ने गन्ने के साथ सहफसली में पत्ता गोभी की फसल उगाकर अपनी आय बढ़ा ली है। इसी गांव के किसान रोहतास भी पिछले करीब 20 वर्षों से लगभग 5 बीघा भूमि में फूलों की खेती कर रहे हैं। उन्होंने आधुनिक खेती से छह माह में दो से लेकर तीन लाख रुपये तक की आय प्राप्त की है। दभेड़ी के किसानों की यह पहल क्षेत्र में अन्य किसानों के लिए प्रेरणा बन रही है।
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