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Shamli News: इंटर-स्नातक छात्रों के बैंक खातों को किराए पर लेकर ठगी कर रहे शातिर

Mon, 14 Apr 2025 12:46 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Mon, 14 Apr 2025 12:46 AM IST
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Cunning people are cheating by renting the bank accounts of inter-graduate students
शामली का साइबर थाना। संवाद
शामली। अभी तक साइबर ठग मजदूर और किसानों के खाते ही किराए पर लेकर साइबर ठगी कर रहे थे, लेकिन साइबर ठगी के दो मामलों की जांच में साइबर पुलिस की जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है।
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जांच में पता चला कि साइबर ठग अब कक्षा 12वीं और स्नातक छात्रों को जल्द अमीर बनाने का सब्जबाग दिखाकर उनके खाते खुलवाकर 10 से लेकर 20 हजार में किराए पर लेकर ठगी कर रहे हैं। साइबर पुलिस की जांच में यह चौकाने वाली जानकारी सामने आई है। पुलिस ने दिल्ली और छत्तीसगढ़ और मेवात के छात्राें और साइबर ठगों को चिन्हित किया है। जिले में हर माह 8 से 9 साइबर ठगी के मामले साइबर थाने पर दर्ज किए जाते हैं।
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n शामली से इन स्थानों पर खातों में ट्रांसफर कराई रकम : हरियाणा के मेवात, छत्तीसगढ़ के जबलपुर, छत्तीसगढ़ के बक्सर, राजस्थान के अजमेर, गंगापपुर सिटी, सवाई माधोपुर, बिहार के पटना, दिल्ली के सरोजनी नगर, चंडीगढ़ दिल्ली के बल्लभगढ़ आदि में लोगों के खाते में रकम ट्रांसफार्मर कराने के मामले सामने जांच में सामने आए हैं। गुजरात के सूरत और अहमदाबाद में भी दो छात्रों के खातों में ही रुपये भेजे जाने की बात सामने आई। छह माह में 30 लोगों को खातों में रुपये आने पर नोटिस जारी किए जा चुके हैं। मेवात के दो आरोपी किए गिरफ्तार किए गए हैं।
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n खाताधारक फंसते हैं, शातिर बच निकलते हैं : जब ठग किसी को झांसे में लेकर खाते में रुपये ट्रांसफर कराते हैं तो पीड़ित ऑनलाइन साइबर क्राइम पोर्टल या पुलिस से शिकायत करते हैं। शिकायत के बाद सबसे पहले खाते को ट्रेस किया जाता है। पकड़े जाने के डर से साइबर ठग कमीशन पर या किराये पर खाते लेते हैं। इन खातों का संचालन अपने हाथ में लेकर उनमें ठगी की रकम डलवाते और निकालते हैं। जब पुलिस खातों की जांच करती है तो फंसता वह है जिसका वास्तव में खाता होता है। पुलिस खाताधारक तक तो पहुंच जाती है लेकिन साइबर ठग अधिकतर मामलों में पुलिस पकड़ से बाहर रहते हैं क्योंकि अधिकांश मामलों में यह ठग की सामने आने की बजाय ऑनलाइन तरीके से ही लोगों को झांसा देकर खाता किराए पर लेते हैं।
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