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Shamli News: जिंदगी बचाने की जद्दोजहद में उमड़ा जनसैलाब
Sun, 03 Mar 2024 01:32 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
Updated Sun, 03 Mar 2024 01:32 AM IST
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शामली। झिंझाना में गन्ने से लदा ट्रक पलटने की घटना की जानकारी कस्बे में तेजी से फैल गई। देखते ही देखते मौके पर हजारों लोगों की भीड़ जमा हो गई। लोग ट्रक के नीचे दबे लोगों की जिंदगी बचाने की जद्दोजहद में जुट गए। लोगों की मदद से ही पुलिस ट्रक के नीचे दबे पांचों लोगों को बाहर निकाल पाई। हालांकि तब तक तीन जिंदगी खत्म हो गई।
कस्बे में गन्ने से लदे ट्रक पलटने के बाद कई लोगों के दबने की सूचना जिसने भी सुनी वहीं मौके की तरफ दौड़ पड़ा। लोगों की भीड़ ट्रक के गन्ने हटाकर बचाव कार्य में जुट गई। लोगों की एक ही कोशिश थी कि जल्दी से जल्दी गन्ने को हटाकर ट्रक के नीचे दबे लोगों को निकाला जाए ताकि उन सभी की जिंदगी बच जाए। लोगों की इस जद्दोजहद के बीच ही अधिकारियों का अमला मौके पर पहुंचा। इसके बाद जेसीबी व क्रेन को मौके पर मंगाया गया। पहले क्रेन व जेसीबी से ट्रक को सीधा करने का प्रयास किया गया, लेकिन जब ट्रक सीधा नहीं हुआ तो उसे क्रेन से खींचकर हटाया गया। इसके बाद गन्ने हटाकर उसके नीचे दबे पांच लोगों को बाहर निकाला और उन्हें अस्पताल भिजवाने में मदद की। हालांकि अस्पताल में परिवार के तीन लोगों की मौत हो गई। एसपी अभिषेक ने कहा कि बचाव कार्य में लोगों का भी पूरा सहयोग रहा है।
सड़कों पर बे रोकटोक दौड़ रहे ओवरलोड वाहन बन रहे हादसे का सबब
शामली/झिंझाना/ऊन। जिले में सड़कों पर ओवरलोड ट्रक बेरोक टोक सड़कों पर दौड़ रहे हैं, लेकिन उनके विरुद्ध कोई प्रभावी कार्रवाई न होने से हादसे का सबब बन रहे हैं। पूर्व में भी ओवरलोड वाहन पलटने की घटनाएं हो चुकी है, लेकिन इनसे कोई सबक नहीं ले रहा है।
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जिले में सड़कों पर ओवरलोड गन्ने के वाहन खुलेआम दौड़ रहे हैं। इनमें गन्ने का ओवर लोड ट्रक हो या अन्य माल से लदे ट्रैक्टर-ट्राला। सड़कों पर थाने व पुलिस चौकियों के सामने से ओवरलोड वाहन सड़कों पर दिन रात चल रहे हैं, लेकिन उन्हें कोई रोकने टोकने वाला नहीं है या फिर जिम्मेदार अधिकारी इस तरफ से अनदेखा कर रहे हैं। झिंझाना में ओवरलोड गन्ने का ट्रक पलटने की पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी इस मोड़ पर अक्सर गन्ने के ट्रक या अन्य वाहन पलटने की घटनाएं हो चुकी है। इसके बाद भी ओवरलोड वाहनों पर रोक नहीं लग पाई है। लोगों का कहना है कि अगर पुलिस-प्रशासन ओवरलोड वाहनों पर कार्रवाई करें तो इस तरह की घटना होने से बच सकती है।
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तीन बहनों का इकलौता भाई था अजय
ट्रक के नीचे दबकर मरे अजय तीन बहनों का इकलौता भाई था। वह कक्षा नौ में राष्ट्रीय शिक्षा सदर इंटर कॉलेज में पढ़ता था। हादसे में दस साल की बहन की मौत होने के बाद अब दो बहन रह गई है, जिनका रो-रोकर बुरा हाल बना हुआ है। ग्रामीणों ने बताया कि अजय के पिता जोनी व उसके भाई के पास करीब पांच बीघा जमीन है। परिवार मजदूरी कर परिवार का पालन पोषण करता है। हादसे में घायल मृतक अजय की मां संगीता भी बेहोशी की हालत में है और बेसुध है। उसे इकलौते बेटे व एक बेटी की मौत होने की जानकारी नहीं दी गई है। घायल छात्रा पायल इंटर की परीक्षा देने के बाद घर जा रही थी। उसने गांव के पड़ोस की ट्रैक्टर देखकर वह भी उसके साथ जाने के लिए वहां पहुंच गई थी। हादसे के दौरान एक अन्य महिला भी इनके साथ थी, जिसने भागकर जान बचाई। बताया गया है कि हादसे के वक्त अजय, जानकी व उनकी दादी ट्रैक्टर पर बैठै थे जबकि संगीता बुग्गी पर बैठी थी। जिस समय ट्रक पलटने लगा तो किसी महिला ने शोर मचाया, जिस पर संगीता बुग्गी से नीचे उतर गई थी, लेकिन अपने बच्चों को बचाने के लिए वह फिर से ट्रैक्टर की तरफ दौड़ी और दबकर घायल हो गई।
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हादसे से पहले मौके पर खड़ी थी लोगों की भीड़,
जिस जगह गन्ने से लदा ट्रक पलटने की घटना हुई, उससे कुछ समय पहले ही वहां पर लोगों की भीड़ खड़ी थी। ऊन मार्ग पर शाम के समय लोग घर जाने के लिए वाहनाें की इंतजार में खड़े थे। बताया गया है कि ट्रक के पहुंचने से पहले ही लोग वाहनों में सवार होकर वहां से चले गए,वरना हादसा और गंभीर हो सकता था।
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संजीव शर्मा
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कस्बे में गन्ने से लदे ट्रक पलटने के बाद कई लोगों के दबने की सूचना जिसने भी सुनी वहीं मौके की तरफ दौड़ पड़ा। लोगों की भीड़ ट्रक के गन्ने हटाकर बचाव कार्य में जुट गई। लोगों की एक ही कोशिश थी कि जल्दी से जल्दी गन्ने को हटाकर ट्रक के नीचे दबे लोगों को निकाला जाए ताकि उन सभी की जिंदगी बच जाए। लोगों की इस जद्दोजहद के बीच ही अधिकारियों का अमला मौके पर पहुंचा। इसके बाद जेसीबी व क्रेन को मौके पर मंगाया गया। पहले क्रेन व जेसीबी से ट्रक को सीधा करने का प्रयास किया गया, लेकिन जब ट्रक सीधा नहीं हुआ तो उसे क्रेन से खींचकर हटाया गया। इसके बाद गन्ने हटाकर उसके नीचे दबे पांच लोगों को बाहर निकाला और उन्हें अस्पताल भिजवाने में मदद की। हालांकि अस्पताल में परिवार के तीन लोगों की मौत हो गई। एसपी अभिषेक ने कहा कि बचाव कार्य में लोगों का भी पूरा सहयोग रहा है।
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सड़कों पर बे रोकटोक दौड़ रहे ओवरलोड वाहन बन रहे हादसे का सबब
शामली/झिंझाना/ऊन। जिले में सड़कों पर ओवरलोड ट्रक बेरोक टोक सड़कों पर दौड़ रहे हैं, लेकिन उनके विरुद्ध कोई प्रभावी कार्रवाई न होने से हादसे का सबब बन रहे हैं। पूर्व में भी ओवरलोड वाहन पलटने की घटनाएं हो चुकी है, लेकिन इनसे कोई सबक नहीं ले रहा है।
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जिले में सड़कों पर ओवरलोड गन्ने के वाहन खुलेआम दौड़ रहे हैं। इनमें गन्ने का ओवर लोड ट्रक हो या अन्य माल से लदे ट्रैक्टर-ट्राला। सड़कों पर थाने व पुलिस चौकियों के सामने से ओवरलोड वाहन सड़कों पर दिन रात चल रहे हैं, लेकिन उन्हें कोई रोकने टोकने वाला नहीं है या फिर जिम्मेदार अधिकारी इस तरफ से अनदेखा कर रहे हैं। झिंझाना में ओवरलोड गन्ने का ट्रक पलटने की पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी इस मोड़ पर अक्सर गन्ने के ट्रक या अन्य वाहन पलटने की घटनाएं हो चुकी है। इसके बाद भी ओवरलोड वाहनों पर रोक नहीं लग पाई है। लोगों का कहना है कि अगर पुलिस-प्रशासन ओवरलोड वाहनों पर कार्रवाई करें तो इस तरह की घटना होने से बच सकती है।
तीन बहनों का इकलौता भाई था अजय
ट्रक के नीचे दबकर मरे अजय तीन बहनों का इकलौता भाई था। वह कक्षा नौ में राष्ट्रीय शिक्षा सदर इंटर कॉलेज में पढ़ता था। हादसे में दस साल की बहन की मौत होने के बाद अब दो बहन रह गई है, जिनका रो-रोकर बुरा हाल बना हुआ है। ग्रामीणों ने बताया कि अजय के पिता जोनी व उसके भाई के पास करीब पांच बीघा जमीन है। परिवार मजदूरी कर परिवार का पालन पोषण करता है। हादसे में घायल मृतक अजय की मां संगीता भी बेहोशी की हालत में है और बेसुध है। उसे इकलौते बेटे व एक बेटी की मौत होने की जानकारी नहीं दी गई है। घायल छात्रा पायल इंटर की परीक्षा देने के बाद घर जा रही थी। उसने गांव के पड़ोस की ट्रैक्टर देखकर वह भी उसके साथ जाने के लिए वहां पहुंच गई थी। हादसे के दौरान एक अन्य महिला भी इनके साथ थी, जिसने भागकर जान बचाई। बताया गया है कि हादसे के वक्त अजय, जानकी व उनकी दादी ट्रैक्टर पर बैठै थे जबकि संगीता बुग्गी पर बैठी थी। जिस समय ट्रक पलटने लगा तो किसी महिला ने शोर मचाया, जिस पर संगीता बुग्गी से नीचे उतर गई थी, लेकिन अपने बच्चों को बचाने के लिए वह फिर से ट्रैक्टर की तरफ दौड़ी और दबकर घायल हो गई।
हादसे से पहले मौके पर खड़ी थी लोगों की भीड़,
जिस जगह गन्ने से लदा ट्रक पलटने की घटना हुई, उससे कुछ समय पहले ही वहां पर लोगों की भीड़ खड़ी थी। ऊन मार्ग पर शाम के समय लोग घर जाने के लिए वाहनाें की इंतजार में खड़े थे। बताया गया है कि ट्रक के पहुंचने से पहले ही लोग वाहनों में सवार होकर वहां से चले गए,वरना हादसा और गंभीर हो सकता था।
संजीव शर्मा