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खस्ताहाल हो गया करोड़ी-गोहरनी मिनी बाईपास
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दिल्ली- शामली, सहारनपुर हाईवे को जोड्ने वाला करोड़ी गोहरनी खस्ताहाल मार्ग।
- फोटो : SHAMLI
खस्ताहाल हो गया करोड़ी-गोहरनी मिनी बाईपास
शामली। तीन हाईवे को जोड़ने वाले करोड़ी-गोहरनी मार्ग की हालत काफी खस्ता है। मिनी बाईपास के रूप में प्रयोग होने वाले इस मार्ग से वाहनों का गुजरना मुश्किल है। करीब साढ़े तीन किलोमीटर की लंबाई और ढाई मीटर चौड़ाई वाले इस मार्ग के चौड़ीकरण के लिए प्रयास हुए थे, लेकिन वह भी सफल नहीं हो पाए। आलम यह है कि जगह-जगह गड्ढों के कारण मार्ग पूरी तरह बदहाल हो चुका है।
भैंसवाल- माजरा रोड से दिल्ली-सहारनपुर मार्ग को जोड़ने वाला 3.5 किमी लंबाई और 2.5 मीटर चौड़ाई वाला करोड़ी- गोहरनी मार्ग शामली जिला बनने के बाद ग्रामीण सड़क शामली के मिनी बाईपास के रूप में काम कर रहा है। यह मेरठ-करनाल और पानीपत-खटीमा हाईवे को भी जोड़ता है। सहारनपुर और मुजफ्फरनगर से आने वाले सभी भारी वाहनों को करोडी़-गोहरनी मार्ग, भैंसवाल रोड से गढ़ीपुख्ता रोड, पूर्वी यमुना नहर रोड से होकर मेरठ- करनाल फोरलेन और पानीपत- खटीमा पर निकाला जाता है। हरिद्वार कांवड़ मेला और शहर में जाम लगने से बाहर से आने वाले भारी वाहन इस मार्ग का प्रयोग करते हैैं। प्रदेश के गन्ना मंत्री सुरेश राणा ने तीन साल पहले इस ग्रामीण मार्ग की छह मीटर चौड़ा कराने के लिए प्रस्ताव भिजवाया था। शासन से इस मार्ग के चौड़ीकरण के लिए धनराशि अवमुक्त नहीं हो पाई। भारी वाहनों के गुुजरने से करोड़ी- गोहरनी मार्ग खस्ताहाल है। दिल्ली-सहारनपुर हाईवे को जोड़ने वाले करोड़ी- गोहरनी मार्ग चौराहे तक चलने लायक नहीं है। शहर के भैंसवाल रोड से लेकर एक किमी केएस कालेज तक सड़क पूरी तरह खत्म हो चुकी है। लोकनिर्माण विभाग के सहायक अभियंता विनय कुमार मित्तल ने बताया कि करोड़ी- गोहरनी ग्रामीण मार्ग है। सहारनपुर हाईवे निर्माण के लिए प्रयोग किए जाने वाले डंपर इस ग्रामीण मार्ग से गुजरने से दो माह पूर्व लोक निर्माण विभाग ने पेंचवर्क कराया गया था, लेकिन मार्ग पर ज्यादा वाहन गुजरने से मार्ग की हालत खस्ता हो गई है। भारी वाहनों पर अंकुश लगाने के लिए हाईट बैरियर लगाए गए थे, जो भारी वाहनों द्वारा क्षतिग्रस्त कर दिए गए हैं। ग्रामीण मार्गों की मरम्मत के लिए बजट बहुत कम आता है। कम बजट आने से सभी सड़कों के पेंचवर्क मरम्मत का कार्य पूरा नहीं हो पाता है। अधिशासी अभियंता रविंद्र सिंह का कहना है कि करोड़ी-गोहरनी मार्ग का गड्ढा मुक्ति का कार्य बरसात के बाद कराया जाएगा।
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शामली। तीन हाईवे को जोड़ने वाले करोड़ी-गोहरनी मार्ग की हालत काफी खस्ता है। मिनी बाईपास के रूप में प्रयोग होने वाले इस मार्ग से वाहनों का गुजरना मुश्किल है। करीब साढ़े तीन किलोमीटर की लंबाई और ढाई मीटर चौड़ाई वाले इस मार्ग के चौड़ीकरण के लिए प्रयास हुए थे, लेकिन वह भी सफल नहीं हो पाए। आलम यह है कि जगह-जगह गड्ढों के कारण मार्ग पूरी तरह बदहाल हो चुका है।
भैंसवाल- माजरा रोड से दिल्ली-सहारनपुर मार्ग को जोड़ने वाला 3.5 किमी लंबाई और 2.5 मीटर चौड़ाई वाला करोड़ी- गोहरनी मार्ग शामली जिला बनने के बाद ग्रामीण सड़क शामली के मिनी बाईपास के रूप में काम कर रहा है। यह मेरठ-करनाल और पानीपत-खटीमा हाईवे को भी जोड़ता है। सहारनपुर और मुजफ्फरनगर से आने वाले सभी भारी वाहनों को करोडी़-गोहरनी मार्ग, भैंसवाल रोड से गढ़ीपुख्ता रोड, पूर्वी यमुना नहर रोड से होकर मेरठ- करनाल फोरलेन और पानीपत- खटीमा पर निकाला जाता है। हरिद्वार कांवड़ मेला और शहर में जाम लगने से बाहर से आने वाले भारी वाहन इस मार्ग का प्रयोग करते हैैं। प्रदेश के गन्ना मंत्री सुरेश राणा ने तीन साल पहले इस ग्रामीण मार्ग की छह मीटर चौड़ा कराने के लिए प्रस्ताव भिजवाया था। शासन से इस मार्ग के चौड़ीकरण के लिए धनराशि अवमुक्त नहीं हो पाई। भारी वाहनों के गुुजरने से करोड़ी- गोहरनी मार्ग खस्ताहाल है। दिल्ली-सहारनपुर हाईवे को जोड़ने वाले करोड़ी- गोहरनी मार्ग चौराहे तक चलने लायक नहीं है। शहर के भैंसवाल रोड से लेकर एक किमी केएस कालेज तक सड़क पूरी तरह खत्म हो चुकी है। लोकनिर्माण विभाग के सहायक अभियंता विनय कुमार मित्तल ने बताया कि करोड़ी- गोहरनी ग्रामीण मार्ग है। सहारनपुर हाईवे निर्माण के लिए प्रयोग किए जाने वाले डंपर इस ग्रामीण मार्ग से गुजरने से दो माह पूर्व लोक निर्माण विभाग ने पेंचवर्क कराया गया था, लेकिन मार्ग पर ज्यादा वाहन गुजरने से मार्ग की हालत खस्ता हो गई है। भारी वाहनों पर अंकुश लगाने के लिए हाईट बैरियर लगाए गए थे, जो भारी वाहनों द्वारा क्षतिग्रस्त कर दिए गए हैं। ग्रामीण मार्गों की मरम्मत के लिए बजट बहुत कम आता है। कम बजट आने से सभी सड़कों के पेंचवर्क मरम्मत का कार्य पूरा नहीं हो पाता है। अधिशासी अभियंता रविंद्र सिंह का कहना है कि करोड़ी-गोहरनी मार्ग का गड्ढा मुक्ति का कार्य बरसात के बाद कराया जाएगा।
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