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मुल्की की मौत का रहस्य जानने पहुंची खुफिया टीम

Tue, 06 Dec 2016 12:09 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, शामली
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, शामली Updated Tue, 06 Dec 2016 12:09 AM IST
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Unravel the mystery of the death of civil intelligence team reached
जांच - फोटो : demopic
कैराना। पचास साल पूर्व तीन लोगों की हत्या के मामले में फांसी की सजा पाए मुल्की की मौत का रहस्य जानने खुफिया विभाग की टीम कैराना पहुंची और जांच की। 1968 में मुल्की चलती ट्रेन से कूद कर फरार हो गया था, जिसके बाद सरकार ने उसके पाकिस्तान चले जाने की बात पर जमीन को श़त्रु संपत्ति घोषित कर दिया था, जबकि परिजन मुल्की की मौत हिंदुस्तान में ही होने का दावा कर रहे हैं।
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 सन् 1963 में ग्राम तीतरवाड़ा में तीन लोगों की निर्मम हत्या कर दी गई थी। जिसमें तीतरवाडा निवासी मुल्की को पुलिस ने जेल भेजा था। हत्या के आरोप में पहले मुजफ्फरनगर व बाद में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मुल्की को फांसी की सजा सुना दी थी। इसके बाद सन 1968 में हत्यारा मुल्की इलाहाबाद जाते समय पुलिस को चकमा देकर चलती ट्रेन से कूद कर फरार हो गया था।
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जिसके बाद से पुलिस हत्यारे मुल्की का कोई पता नहीं लगा पायी थी। बाद में प्रशासन ने घोषणा कर दी थी कि मुल्की भाग कर पाकिस्तान चला गया तथा पाकिस्तान में ही उसकी मौत हो गई। प्रशासन ने मुल्की की तीतरवाड़ा में स्थित 9 बीघा जमीन को शत्रु संपत्ति घोषित कर दिया था। वर्तमान में उक्त जमीन को मुल्की का भतीजा जमशेद बो रहा है।
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जमशेद ने एसडीएम कोर्ट में दावा कर रखा है कि मुल्की की मौत पाकिस्तान में नहीं हुई है, बल्कि पानीपत में अपनी रिश्तेदारी में मौत हिंदुस्तान में हुई थी, इस कारण उसकी संपत्ति को शत्रु संपत्ति घोषित नहीं किया जाए। सोमवार को उक्त मामले में खुफिया विभाग की टीम कैराना पहुंची। खुफिया विभाग की टीम ने तीतरवाडा व आसपास के क्षेत्र में जाकर जानकारी जुटाना शुरू कर दी कि मुल्की की मौत 50 साल पहले हिन्दुस्तान में हुई थी या पाकिस्तान मेें जाकर हुई। 
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