पुलिस की निगरानी में होगा सराफा बाजार में व्यापार
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सर्राफा बाजारों में रोजाना करोड़ों रुपये का लेनदेन होता है। दिन में बाजारों में भीड़-भाड़ रहती है, लेकिन अमूमन रात्रि सात बजे के बाद बाजार खाली होने के चलते सराफा दुकानें सुनसान हो जाती है। मथुरा में अभी दो दिन पूर्व ही शाम के समय एक सराफा व्यापारी के यहां डकैती डाली गई थी। बदमाशों ने इस दौरान विरोध करने पर सराफा सहित दो की गोली मारकर हत्या कर दी थी। घटना को लेकर शासन भी सख्त है। इस तरह की घटना दोबारा न हो और व्यापारी वर्ग स्वयं को सुरक्षित महसूस करे, इसके लिए यूपी पुलिस को सराफा बाजार में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं। इस मामले में बृहस्पतिवार को पुलिस अधीक्षक डॉ. अजयपाल शर्मा ने सभी थानाध्यक्षों को निर्देश दिए हैं कि सराफा बाजार में सुरक्षा व्यवस्था चौकस की जाए। कप्तान के आदेश के बाद थानाध्यक्षों ने अपने-अपने थानाक्षेत्र में सराफा बाजारों का चिह्नीकरण शुरू कर दिया है। पुलिस बल तैनात किए जाने की कवायद शुरू कर दी गई है।
कैराना में सराफा व्यापारियों से हुई कई वारदातें
जिले में तीन साल पहले कैराना में सराफा व्यापारी सुरेश चंद वर्मा से अंगूठी लेने आए बदमाश मौका पाकर अंगूठी लेकर फरार हो गए थे। यहीं नहीं कैराना के सराफा व्यापारी रामअवतार वर्मा से 24 मार्च को दो लाख की रंगदारी मांगी गई थी। हालांकि फुरकान को पुलिस ने पकड़कर भेज दिया था। इससे पूर्व सर्राफा व्यापारी वैभव मित्तल के यहां पर दो साल पूर्व 32 ताले खोलकर चोरों ने पचास लाख की चोरी की वारदात को अंजाम दिया था। एक साल पूर्व अज्ञात महिला ठग ने जयपाल और बिट्टू के यहां से जेवरात चुरा लिए थे।