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जिले में पिटता रहा है खाकी का इकबाल
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, शामली
Updated Mon, 05 Dec 2016 12:19 AM IST
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attack
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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कैराना। दबिश डालने गई खाकी पर किए गए हमले से जिले भर की पुलिस में हड़कंप मच गया, लेकिन शामली पुलिस पर हुआ प्राणघातक हमला पहली बार नहीं हुआ। गत वर्षों में कई बार खाकी पर जानलेवा हमले किए गए हैं, लेकिन आज तक ज्यादातर मामलों में राजनीतिक हस्तक्षेप के चलते को कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हो सकी।
रविवार को ग्राम पांवटी कला में पुलिस केवल धोखाधडी के वांछित को पकड़ने गई थी। 11 जुलाई 2016 को पुलिस ग्राम तीतरवाड़ा में पुलिस एक पार्टी के नेता के घर नोटिस चस्पा करने गई थी। जहां पर आरोपियों ने पुलिस पर ही हमला कर दिया था। मामले में पुलिस ने 30 आरोपियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया था, लेकिन आज तक पुलिस 30 में से केवल एक ही आरोपी को जेल भेज पायी है।
इसके अलग 20 सितंबर 2016 को गांव गंदराउ में रेत खनन पर छापा मारने गई पुलिस को रेत माफियाओं ने दौड़ा-दौड़ा कर पीटा था। पुलिस ने गंदराऊ के 32 लोगों के विरुद्ध संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज किया, लेकिन आरोपियों की गिरफ्तारी शुन्य रही।
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झिंझाना में करीब तीन साल पूर्व तत्कालीन थाना प्रभारी बीपी सिंह अवैध रेत खनन रोकने गए थे। इस दौरान माफियाओं ने पुलिस पर हमला कर दिया था। इस मामले में एसओ बीपी सिंह को पीट-पीट कर अधमरा कर दिया था, मुकदमा भी दर्ज किया गया, लेकिन आज तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई।
गांव जंधेडी में चार साल पूर्व दबिश डालने गई पुलिस पर जानलेवा हमला किया गया था। इसमें एक दरोगा के पैर में चोट आई थी। जिसमें पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया था।
शामली में फव्वारा चौक पर सिपाही पर हमला किया गया था। मामले में सपा नेता के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया, लेकिन आज तक इस प्रकरण में आरोपी की गिरफ्तारी तक नहीं हो सकी है।
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रविवार को ग्राम पांवटी कला में पुलिस केवल धोखाधडी के वांछित को पकड़ने गई थी। 11 जुलाई 2016 को पुलिस ग्राम तीतरवाड़ा में पुलिस एक पार्टी के नेता के घर नोटिस चस्पा करने गई थी। जहां पर आरोपियों ने पुलिस पर ही हमला कर दिया था। मामले में पुलिस ने 30 आरोपियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया था, लेकिन आज तक पुलिस 30 में से केवल एक ही आरोपी को जेल भेज पायी है।
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इसके अलग 20 सितंबर 2016 को गांव गंदराउ में रेत खनन पर छापा मारने गई पुलिस को रेत माफियाओं ने दौड़ा-दौड़ा कर पीटा था। पुलिस ने गंदराऊ के 32 लोगों के विरुद्ध संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज किया, लेकिन आरोपियों की गिरफ्तारी शुन्य रही।
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झिंझाना में करीब तीन साल पूर्व तत्कालीन थाना प्रभारी बीपी सिंह अवैध रेत खनन रोकने गए थे। इस दौरान माफियाओं ने पुलिस पर हमला कर दिया था। इस मामले में एसओ बीपी सिंह को पीट-पीट कर अधमरा कर दिया था, मुकदमा भी दर्ज किया गया, लेकिन आज तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई।
गांव जंधेडी में चार साल पूर्व दबिश डालने गई पुलिस पर जानलेवा हमला किया गया था। इसमें एक दरोगा के पैर में चोट आई थी। जिसमें पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया था।
शामली में फव्वारा चौक पर सिपाही पर हमला किया गया था। मामले में सपा नेता के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया, लेकिन आज तक इस प्रकरण में आरोपी की गिरफ्तारी तक नहीं हो सकी है।