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कोर्ट में पेश कर जेल भेजा पलविंदर
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, शामली
Updated Tue, 29 Nov 2016 12:00 AM IST
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Terrorist
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
शामली। पंजाब की नाभा जेल ब्रेक कर आतंकियों को फरार कराने के मास्टर माइंड पलविंदर उर्फ पिंदा को गिरफ्तार कर पुलिस ने कोर्ट में पेश कर दिया। न्यायालय ने 14 दिन के न्यायिक रिमांड पर उसे जेल भेज दिया है। आईजी जोन अजय आनंद ने बताया कि नाभा जेल से आतंकियों को फरार कराने में पलविंदर सहित 14 बदमाश शामिल रहे थे। वारदात को अंजाम देने के लूटी गई चार कारों का इस्तेमाल किया गया था।
सोमवार दोपहर कैराना कोतवाली में प्रेसवार्ता के दौरान मेरठ जोन के पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) अजय आनंद ने बताया कि रविवार सुबह जब नाभा जेल ब्रेक कर आतंकियों को फरार कराया गया, तो उसके बाद उत्तर प्रदेश में भी फरार आतंकियों की गिरफ्तारी के लिए अलर्ट जारी हो गया था। पुलिस को फार्च्यूनर कार का नंबर दोपहर में मालूम चला था, जिसके बाद हरियाणा सीमा से सटे बागपत और शामली जिले के बॉर्डर पर सघन चेकिंग कराई गई।
शाम करीब साढ़े पांच बजे कैराना थाने के सिपाही शहजाद और दीपांशु त्यागी ने चेकिंग के दौरान पानीपत की ओर से आती उसी नंबर की फार्च्यूनर को रोका, तो फार्च्यूनर से उतरकर युवक भाग निकला। कैराना के बाजार में पीछा करके सिपाहियों ने उसे पकड़ लिया था। गिरफ्तार आरोपी पलविंदर उर्फ पिंदा पुत्र रेशम सिंह जालंधर के थाना लोहिया के गांव निहालूगढ़ का रहने वाला है।
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पूर्व में पलविंदर भी नाभा जेल में बंद था, तो प्रेमा ने उसे पुलिस कस्टडी से फरार कराया था। उसी का बदला चुकाने के लिए प्रेमा से बातचीत के बाद प्लानिंग करके नाभा जेल ब्रेक कर छह आतंकियों को फरार कराने में पलविंदर ने मास्टर माइंड की भूमिका निभाई। फरारी की प्लानिंग दो महीने पूर्व फिरोजपुर के मुदकी गांव में बनी थी।
आईजी अजय आनंद ने बताया कि नाभा जेल ब्रेक करने के लिए चार बदमाश पुलिस की वर्दी में थे, जबकि एक बदमाश को अभियुक्त और पांच बदमाश मुलाकाती के रूप में जेल में दाखिल हुए थे।
वहीं, छह बदमाश जेल के बाहर रैकी करते रहे थे। नाभा जेल से फरार होने के बाद सभी बदमाश चारों कारों से सवार होकर अलग अलग दिशा में निकल गए थे। पलविंदर और उसकी फार्च्यूनर में सवार चार लोग कैथल की तरफ से करनाल और फिर पानीपत पहुंचे थे। फार्च्यूनर में खालसा लिबरेशन फ्रंट का चीफ हरमिंदर उर्फ मिन्टू भी था, जिसे कैथल नाका के पास छोड़ दिया था।
फार्च्यूनर की टक्कर मारकर पलविंदर ने कैथल नाका भी तोड़ दिया था। वहीं, बाकी लोगों को पानीपत से ऑटो में बैठाकर रवाना किया गया था। इसके बाद फार्च्यूनर में रखे हथियारों को ठिकाने लगाने के उद्देश्य से पलविंदर अकेला ही पानीपत से कैराना और शामली होते हुए देहरादून जा रहा था।
देहरादून में किए के मकान में रह रहा था पलविंदर
आईजी जोन ने बताया कि पलविंदर कई महीने से देहरादून में किराए के मकान में रह रहा था। उत्तराखंड पुलिस की मदद से उस मकान पर छापा मारा गया, तो वहां फर्जी पहचान पत्र और पहचान पत्र बनाने के उपकरण मिले। नाभा जेल ब्रेक कर आतंकियों को फरार कराने की प्लानिंग पलविंदर और जेल में बंद प्रेमा के बीच बातचीत के बाद बनी थी। एक लड़की (पलविंदर की प्रेमिका) का नाम भी जानकारी में आ रहा है, जो प्लानिंग से जुड़ी रही। फरारी की प्लानिंग पंजाब के मुदकी गांव में बनाई गई थी।
फार्च्यूनर से बरामद हथियार और सामान
पलविंदर से बरामद फार्च्यूनर में नाभा जेल पर पुलिस से लूटी एसएलआर रायफल के अलावा पंप एक्शन रायफल, 315 बोर रायफल, 30 बोर रायफल के अलावा 12 बोर के 238 कारतूस, 315 के 69, एसएलआर कारतूस 7, 32 बोर के 90 और 38 बोर के 40 कारतूस (कुल 444 कारतूस) सहित चार मोबाइल फोन और दो वायरलेस सैट (वॉकी टॉकी) व चार्जर तथा कुछ फर्जी आईडी कार्ड भी बरामद हुए।
जेल ब्रेक में शामिल बदमाश
आईजी जोन ने बताया कि नाभा जेल ब्रेक करने में पलविंदर सहित 14 बदमाश शामिल रहे। जिनमें प्रेमा निवासी जालंधर, हैरी निवासी बटाला, गोपी गसारपुरिया निवासी बटाला, बाबा, मणि निवासी मुदकी, खान निवासी मांगेवाल, चन्ना निवासी होशियारपुर, सुक्खा, भिक्कर निवासी मुदकी, गोपी कोडा निवासी खडूर साहिब तथा दो अन्य।
लूटी गई कारों से अंजाम दी वारदात
आतंकियों को फरार कराने में चार कारों को इस्तेमाल हुआ, जिसमें लुधियाना से लूटी स्विफ्ट, लुधियाना से लूटी फार्च्यूनर, जीरकपुर से लूटी वरना, मोहाली से लूटी क्रेटा, मोहाली से लूटी स्विफ्ट का इस्तेमाल किया गया था।
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सोमवार दोपहर कैराना कोतवाली में प्रेसवार्ता के दौरान मेरठ जोन के पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) अजय आनंद ने बताया कि रविवार सुबह जब नाभा जेल ब्रेक कर आतंकियों को फरार कराया गया, तो उसके बाद उत्तर प्रदेश में भी फरार आतंकियों की गिरफ्तारी के लिए अलर्ट जारी हो गया था। पुलिस को फार्च्यूनर कार का नंबर दोपहर में मालूम चला था, जिसके बाद हरियाणा सीमा से सटे बागपत और शामली जिले के बॉर्डर पर सघन चेकिंग कराई गई।
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शाम करीब साढ़े पांच बजे कैराना थाने के सिपाही शहजाद और दीपांशु त्यागी ने चेकिंग के दौरान पानीपत की ओर से आती उसी नंबर की फार्च्यूनर को रोका, तो फार्च्यूनर से उतरकर युवक भाग निकला। कैराना के बाजार में पीछा करके सिपाहियों ने उसे पकड़ लिया था। गिरफ्तार आरोपी पलविंदर उर्फ पिंदा पुत्र रेशम सिंह जालंधर के थाना लोहिया के गांव निहालूगढ़ का रहने वाला है।
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पूर्व में पलविंदर भी नाभा जेल में बंद था, तो प्रेमा ने उसे पुलिस कस्टडी से फरार कराया था। उसी का बदला चुकाने के लिए प्रेमा से बातचीत के बाद प्लानिंग करके नाभा जेल ब्रेक कर छह आतंकियों को फरार कराने में पलविंदर ने मास्टर माइंड की भूमिका निभाई। फरारी की प्लानिंग दो महीने पूर्व फिरोजपुर के मुदकी गांव में बनी थी।
आईजी अजय आनंद ने बताया कि नाभा जेल ब्रेक करने के लिए चार बदमाश पुलिस की वर्दी में थे, जबकि एक बदमाश को अभियुक्त और पांच बदमाश मुलाकाती के रूप में जेल में दाखिल हुए थे।
वहीं, छह बदमाश जेल के बाहर रैकी करते रहे थे। नाभा जेल से फरार होने के बाद सभी बदमाश चारों कारों से सवार होकर अलग अलग दिशा में निकल गए थे। पलविंदर और उसकी फार्च्यूनर में सवार चार लोग कैथल की तरफ से करनाल और फिर पानीपत पहुंचे थे। फार्च्यूनर में खालसा लिबरेशन फ्रंट का चीफ हरमिंदर उर्फ मिन्टू भी था, जिसे कैथल नाका के पास छोड़ दिया था।
फार्च्यूनर की टक्कर मारकर पलविंदर ने कैथल नाका भी तोड़ दिया था। वहीं, बाकी लोगों को पानीपत से ऑटो में बैठाकर रवाना किया गया था। इसके बाद फार्च्यूनर में रखे हथियारों को ठिकाने लगाने के उद्देश्य से पलविंदर अकेला ही पानीपत से कैराना और शामली होते हुए देहरादून जा रहा था।
देहरादून में किए के मकान में रह रहा था पलविंदर
आईजी जोन ने बताया कि पलविंदर कई महीने से देहरादून में किराए के मकान में रह रहा था। उत्तराखंड पुलिस की मदद से उस मकान पर छापा मारा गया, तो वहां फर्जी पहचान पत्र और पहचान पत्र बनाने के उपकरण मिले। नाभा जेल ब्रेक कर आतंकियों को फरार कराने की प्लानिंग पलविंदर और जेल में बंद प्रेमा के बीच बातचीत के बाद बनी थी। एक लड़की (पलविंदर की प्रेमिका) का नाम भी जानकारी में आ रहा है, जो प्लानिंग से जुड़ी रही। फरारी की प्लानिंग पंजाब के मुदकी गांव में बनाई गई थी।
फार्च्यूनर से बरामद हथियार और सामान
पलविंदर से बरामद फार्च्यूनर में नाभा जेल पर पुलिस से लूटी एसएलआर रायफल के अलावा पंप एक्शन रायफल, 315 बोर रायफल, 30 बोर रायफल के अलावा 12 बोर के 238 कारतूस, 315 के 69, एसएलआर कारतूस 7, 32 बोर के 90 और 38 बोर के 40 कारतूस (कुल 444 कारतूस) सहित चार मोबाइल फोन और दो वायरलेस सैट (वॉकी टॉकी) व चार्जर तथा कुछ फर्जी आईडी कार्ड भी बरामद हुए।
जेल ब्रेक में शामिल बदमाश
आईजी जोन ने बताया कि नाभा जेल ब्रेक करने में पलविंदर सहित 14 बदमाश शामिल रहे। जिनमें प्रेमा निवासी जालंधर, हैरी निवासी बटाला, गोपी गसारपुरिया निवासी बटाला, बाबा, मणि निवासी मुदकी, खान निवासी मांगेवाल, चन्ना निवासी होशियारपुर, सुक्खा, भिक्कर निवासी मुदकी, गोपी कोडा निवासी खडूर साहिब तथा दो अन्य।
लूटी गई कारों से अंजाम दी वारदात
आतंकियों को फरार कराने में चार कारों को इस्तेमाल हुआ, जिसमें लुधियाना से लूटी स्विफ्ट, लुधियाना से लूटी फार्च्यूनर, जीरकपुर से लूटी वरना, मोहाली से लूटी क्रेटा, मोहाली से लूटी स्विफ्ट का इस्तेमाल किया गया था।