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कार नहीं मिली तो नहीं आई बारात 

Fri, 24 Mar 2017 12:48 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शामली
ब्यूरो/अमर उजाला, शामली Updated Fri, 24 Mar 2017 12:48 AM IST
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No car found if no car found
शादी - फोटो : demo pic
शामली के कैराना  में दहेज में बाइक के स्थान पर कार की मांग पूरी नहीं हुई तो दूल्हा बारात लेकर नहीं आया। बारात के नहीं आने पर लड़की के परिजनों सहित पूरे गांव की पंचायत हुई, जिसमें दहेज लोभियों को सबक सिखाए जाने की बात कही गई। 
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बृहस्पतिवार को गांव गंदराउ में अफसर की दो बेटियों की शादी होनी थी। एक बेटी की बारात हरियाणा के गढ़ी बेसक से आनी थी, जबकि दूसरी बेटी की बारात गंगोह क्षेत्र के गांव धलापड़ा से आनी थी। अफसर ने शादी में अपनी हैसियत से अधिक खर्चा करते हुए दोनों दूल्हों के लिए बाइक ला रखी थी। वहीं धलापड़ा निवासी दूल्हे को पता चला कि उसको दहेज में बाइक मिलेगी तो उसने ससुराल वालों से बोल दिया कि उसे बाइक नहीं कार चाहिए। लड़की के पिता ने कार देने में असमर्थता जताते हुए बाइक देने की बात कही। जिसके बाद बृहस्पतिवार को हरियाणा के गढ़ी बेसको से तो एक बेटी की बारात गंदराउ आ गई, जबकि धलापडे़ से आने वाली बारात का लोग इंतजार ही करते रहे। 

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दोपहर तक बारात के नहीं आने पर अफसर ने दूल्हे के पिता से बात की तो दूल्हे ने बिना कार मिले बारात लाने से साफ इंकार कर दिया। जिसके बाद अफसर ने दुखी मन से हरियाणा वाली बारात को विदा किया। दहेज लोभियों द्वारा कार के कारण बारात नहीं लाने पर जहां लड़की के परिजन दुखी रहे, वहीं पूरे गांव में रोष बना हुआ है। बाद में शाम के समय गांव में जिम्मेदार लोगों की मौजूदगी में पंचायत की गई, जिसमें सभी ग्रामीणों ने एक सुर में दहेज लोभियों को सबक सिखाने की बात कही। अफसर के पड़ोसी मेहताब ने बताया कि अफसर गांव में सीधा व्यक्ति है। उसके साथ बहुत ही बुरा किया गया है। जिस कारण सारे ग्रामीण उसके साथ हैं।

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