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शामली में मां-बेटी की गला घोंटकर हत्या
Thu, 03 Jan 2019 11:55 PM IST
NAVEEN GUPTA
ब्यूरो, अमर उजाला/ शामली
ब्यूरो, अमर उजाला/ शामली
Published by: NAVEEN GUPTA
Updated Thu, 03 Jan 2019 11:55 PM IST
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झिंझाना क्षेत्र के गांव हरिनगर बिड़ौली में घटना के बारे में जानकारी लेते एसपी अजय कुमार।
- फोटो : अमर उजाला
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शामली के झिंझाना थानाक्षेत्र के गांव हरिनगर बिड़ौली में बुधवार की रात एक महिला और उसकी बेटी की जूते के फीते से गला घोंटकर हत्या कर दी गई। हत्या के बाद दो युवक दोनों के शवों को दो बोरे में डालकर ले जा रहे थे, इसी दौरान पड़ोस की एक महिला ने शोर मचा दिया, जिस पर युवक बोरे को सड़क पर फेंककर फरार हो गए। डीआईजी और एसपी ने भी गांव में पहुंचे और घटना की जानकारी ली।
मरने वाली महिला कमला (50) पत्नी स्वर्गीय सहंसरपाल और उसकी बेटी सोनू (23) अकेली एक मकान में रहती थी। सोनू शामली के वीवी इंटर कॉलेज में कक्षा-12 की छात्रा थी। जीवन यापन के लिए कमला ने घर में ही आटा चक्की लगाई हुई थी। बुधवार रात करीब दो बजे पड़ोसी मोहर सिंह की पत्नी मुकेश ने सड़क पर कुछ आहट सुनी। उसने उठकर देखा तो दो युवक कंधे पर दो बोरे ले जा रहे है। उसने समझा कि चोर कमला की चक्की से आटा चोरी कर ले जा रहे हैं, जिस पर उसने शोर मचा दिया। गांव में जाग हो गई। कमला का भतीजा सतीश भी मौके पर पहुंच गया थाना झिंझाना पुलिस को सूचना दी।
बोरे खोलकर देखे गए तो उनमें मां-बेटी के शव थे। गले पर फीते के निशान थे जिससे आशंका जताई जा रही रही है कि फीतों से ही गला घोंटकर हत्या की गई है। घर में पानी के दो गिलास भी मिले है, पुलिस का मानना है कि हत्यारे पहले से ही परिवार के परिचित थे। डीआईजी शरद सचान और एसपी अजय कुमार ने बताया कि हत्या की वजह स्पष्ट नहीं है, लेकिन कई बिंदुओं पर जांच की जा रही है। कुछ अहम जानकारियां मिली हैं। जल्द ही केस का खुलासा हो जाएगा। मृतक कमला का बेटा भी कुछ साल से लापता है, जिस का आज तक कोई सुराग नहीं लगा है। मृत महिला के भतीजे ने घटना की रिपोर्ट अज्ञात में दर्ज कराई है।
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मां-बेटी की हत्या से गम और गुस्सा
झिंझाना (शामली)। हरिनगर बिड़ौली गांव में मां और बेटी की हत्या से लोगों में गम और गुस्सा है। बुधवार की रात ढाई बजे बोरे में बंद मां बेटी की लाशें देख हरिनगर बिड़ौली गांव में सनसनी फैल गई। सनसनीखेज वारदात की सूचना मिलते ही पुलिस घटनास्थल पर पहुंच गई। पुलिस के आते ही पूरा गांव सर्द रात में गांव में एकत्र हो गया। हर कोई मां-बेटी की हत्या को लेकर पुलिस प्रशासन के प्रति नाराजगी जता रहा था। इसी परिवार में मृतक का बेटा चार साल पहले लापता हो गया था। उसके बारे में आज तक पुलिस सुराग लगाने में नाकाम है। हरिनगर बिड़ौली में हुई वारदात से पूरा गांव सहमा था। ग्रामीण कुछ भी खुलकर बोलने को तैयार नहीं थे। मृतक महिला के भतीजे का परिवार और ग्रामीण पीड़ित परिवार की किसी से रंजिश होने से इंकार कर रहा था। ग्रामीणों के अनुसार बुधवार रात में घर में खाना भी नहीं बनाया गया था, क्योंकि उनकी रिश्तेदारी में मंगलौरा में किसी बच्चे का जन्मदिन मनाया गया था। वहीं से कोई घर में खाना भी पैक कराकर दे गया था, जिसे मां-बेटी ने खाया था। घर में खाना बनाने की कोई सबूत नहीं मिले हैं। इसके अलावा ग्रामीणों का कहना था कि प्रतिदिन रात में दस बजे बिजली आने के बाद सुबह तक मां-बेटी चक्की चलाकर पूरी रात आटा पीसती थी, लेकिन बुधवार की रात्र नौ बजे के बाद चक्की चलने की आवाज नहीं आई। इसलिए अंदाजा लगाया जा रहा है कि हत्यारों ने रात को नौ दस बजे से पहले ही उनकी हत्या कर दी हो। इसके बाद देर रात दो बजे बोरे में भरकर उनके शवों को कहीं ठिकाने लगाने ले जा रहे हों।
चार साल पहले लापता हुआ था बेटा
झिंझाना। परिजनों के अनुसार मां बेटी के पास मात्र मकान था। अन्य कोई संपत्ति उनके पास नहीं थी। बेटी सोनू शामली वीवी इंटर कालेज में पढ़ रही थी। चार वर्ष पूर्व कमला के पुत्र हरेंद्र ने अपनी बड़ी बहन बबीता की शादी बरवाला जिला बागपत में कराई थी। उसके यहां सावन का सामान लेकर गया था, लेकिन आज तक वापस नहीं लौटा। पुलिस को तहरीर देने के बाद आज भी उसकी गुमशुदगी तक दर्ज नहीं हुई। वो आज भी लापता है। मां बेटी को आज भी उसके लौटने का इंतजार था। लोगों में चर्चा थी कि शायद उसकी भी हत्या ही हो गई हो।
बेटे के गम में गई थी पिता की जान
झिंझाना। ग्रामीणों का कहना था कि अपने बेटे के गायब होने से सहंसरपाल भी काफी परेशान रहता था। बेटे के गम में वो परेशान रहने लगा। करीब डेढ़ साल पहले उसकी भी मौत हो गई। ग्रामीणों का कहना था कि संहसरपाल की मौत के बाद मां बेटी ने हिम्मत नहीं हारी और कमला आटा चक्की चलाकर परिवार का भरण पोषण करने लगी।
चारपाई के पास मिला जग और गिलास
झिंझाना। जिस ढंग से मां बेटी की हत्या की गई। उससे पुलिस मान रही है कि वारदात को पूरे सुनियोजित ढंग से अंजाम दिया गया है। हत्यारे परिवार के परिचित रहे होंगे। पुलिस और ग्रामीणों के अनुसार घर में कोई भी सामान तोड़ा फोड़ा नहीं गया था। ना ही वहां मारपीट जैसे कोई निशान थे। ना ही घर की कोई तलाशी आदि ली गई थी। घर में चारपाई के पास पानी का जग और दो गिलास रखे हुए मिले हैं। जिससे पुलिस अंदाजा लगा रही है कि हत्यारे परिवार के पूर्व परिचित रहे होंगे।
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मरने वाली महिला कमला (50) पत्नी स्वर्गीय सहंसरपाल और उसकी बेटी सोनू (23) अकेली एक मकान में रहती थी। सोनू शामली के वीवी इंटर कॉलेज में कक्षा-12 की छात्रा थी। जीवन यापन के लिए कमला ने घर में ही आटा चक्की लगाई हुई थी। बुधवार रात करीब दो बजे पड़ोसी मोहर सिंह की पत्नी मुकेश ने सड़क पर कुछ आहट सुनी। उसने उठकर देखा तो दो युवक कंधे पर दो बोरे ले जा रहे है। उसने समझा कि चोर कमला की चक्की से आटा चोरी कर ले जा रहे हैं, जिस पर उसने शोर मचा दिया। गांव में जाग हो गई। कमला का भतीजा सतीश भी मौके पर पहुंच गया थाना झिंझाना पुलिस को सूचना दी।
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बोरे खोलकर देखे गए तो उनमें मां-बेटी के शव थे। गले पर फीते के निशान थे जिससे आशंका जताई जा रही रही है कि फीतों से ही गला घोंटकर हत्या की गई है। घर में पानी के दो गिलास भी मिले है, पुलिस का मानना है कि हत्यारे पहले से ही परिवार के परिचित थे। डीआईजी शरद सचान और एसपी अजय कुमार ने बताया कि हत्या की वजह स्पष्ट नहीं है, लेकिन कई बिंदुओं पर जांच की जा रही है। कुछ अहम जानकारियां मिली हैं। जल्द ही केस का खुलासा हो जाएगा। मृतक कमला का बेटा भी कुछ साल से लापता है, जिस का आज तक कोई सुराग नहीं लगा है। मृत महिला के भतीजे ने घटना की रिपोर्ट अज्ञात में दर्ज कराई है।
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मां-बेटी की हत्या से गम और गुस्सा
झिंझाना (शामली)। हरिनगर बिड़ौली गांव में मां और बेटी की हत्या से लोगों में गम और गुस्सा है। बुधवार की रात ढाई बजे बोरे में बंद मां बेटी की लाशें देख हरिनगर बिड़ौली गांव में सनसनी फैल गई। सनसनीखेज वारदात की सूचना मिलते ही पुलिस घटनास्थल पर पहुंच गई। पुलिस के आते ही पूरा गांव सर्द रात में गांव में एकत्र हो गया। हर कोई मां-बेटी की हत्या को लेकर पुलिस प्रशासन के प्रति नाराजगी जता रहा था। इसी परिवार में मृतक का बेटा चार साल पहले लापता हो गया था। उसके बारे में आज तक पुलिस सुराग लगाने में नाकाम है। हरिनगर बिड़ौली में हुई वारदात से पूरा गांव सहमा था। ग्रामीण कुछ भी खुलकर बोलने को तैयार नहीं थे। मृतक महिला के भतीजे का परिवार और ग्रामीण पीड़ित परिवार की किसी से रंजिश होने से इंकार कर रहा था। ग्रामीणों के अनुसार बुधवार रात में घर में खाना भी नहीं बनाया गया था, क्योंकि उनकी रिश्तेदारी में मंगलौरा में किसी बच्चे का जन्मदिन मनाया गया था। वहीं से कोई घर में खाना भी पैक कराकर दे गया था, जिसे मां-बेटी ने खाया था। घर में खाना बनाने की कोई सबूत नहीं मिले हैं। इसके अलावा ग्रामीणों का कहना था कि प्रतिदिन रात में दस बजे बिजली आने के बाद सुबह तक मां-बेटी चक्की चलाकर पूरी रात आटा पीसती थी, लेकिन बुधवार की रात्र नौ बजे के बाद चक्की चलने की आवाज नहीं आई। इसलिए अंदाजा लगाया जा रहा है कि हत्यारों ने रात को नौ दस बजे से पहले ही उनकी हत्या कर दी हो। इसके बाद देर रात दो बजे बोरे में भरकर उनके शवों को कहीं ठिकाने लगाने ले जा रहे हों।
चार साल पहले लापता हुआ था बेटा
झिंझाना। परिजनों के अनुसार मां बेटी के पास मात्र मकान था। अन्य कोई संपत्ति उनके पास नहीं थी। बेटी सोनू शामली वीवी इंटर कालेज में पढ़ रही थी। चार वर्ष पूर्व कमला के पुत्र हरेंद्र ने अपनी बड़ी बहन बबीता की शादी बरवाला जिला बागपत में कराई थी। उसके यहां सावन का सामान लेकर गया था, लेकिन आज तक वापस नहीं लौटा। पुलिस को तहरीर देने के बाद आज भी उसकी गुमशुदगी तक दर्ज नहीं हुई। वो आज भी लापता है। मां बेटी को आज भी उसके लौटने का इंतजार था। लोगों में चर्चा थी कि शायद उसकी भी हत्या ही हो गई हो।
बेटे के गम में गई थी पिता की जान
झिंझाना। ग्रामीणों का कहना था कि अपने बेटे के गायब होने से सहंसरपाल भी काफी परेशान रहता था। बेटे के गम में वो परेशान रहने लगा। करीब डेढ़ साल पहले उसकी भी मौत हो गई। ग्रामीणों का कहना था कि संहसरपाल की मौत के बाद मां बेटी ने हिम्मत नहीं हारी और कमला आटा चक्की चलाकर परिवार का भरण पोषण करने लगी।
चारपाई के पास मिला जग और गिलास
झिंझाना। जिस ढंग से मां बेटी की हत्या की गई। उससे पुलिस मान रही है कि वारदात को पूरे सुनियोजित ढंग से अंजाम दिया गया है। हत्यारे परिवार के परिचित रहे होंगे। पुलिस और ग्रामीणों के अनुसार घर में कोई भी सामान तोड़ा फोड़ा नहीं गया था। ना ही वहां मारपीट जैसे कोई निशान थे। ना ही घर की कोई तलाशी आदि ली गई थी। घर में चारपाई के पास पानी का जग और दो गिलास रखे हुए मिले हैं। जिससे पुलिस अंदाजा लगा रही है कि हत्यारे परिवार के पूर्व परिचित रहे होंगे।