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खनन माफिया को नहीं सीबीआई का डर
ब्यूराो /अमर उजाला, शामली
Updated Mon, 16 Jan 2017 12:12 AM IST
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crime
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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शामली। केंद्र सरकार भले ही खनन की जांच करने के लिए सीबीआई की टीम लगा दे और पुलिस अधीक्षक भले ही स्वयं खड़े होकर रेत से भरी ट्रॉलियां क्यों न पकड़ ले? लेकिन अवैध खनन का धंधा जारी है।
एसडीएम शामली ने शनिवार की रात बड़ी मात्रा में अवैध रेत से भरे वाहनों को पकड़ लिया और लाइन में खड़ा कर दिया। हालांकि रविवार शाम तक इसके खिलाफ कोई लिखा पढ़ी नहीं हो सकी थी। कैराना क्षत्र में यमुना में जबरदस्त अवैध रेत खनन किया जा रहा है। इसके साथ ही मंगलौरा में भी रेत माफिया जमकर खनन करा रहे हैं।
रेत खनन पर केंद्र सरकार ने सीबीआई की जांच बैठा दी थी, जिसके चलते कई बार शामली में सीबीआई की टीम जांच भी करने पहुंची थी। इस डर से कुछ दिन तो रेत खनन बंद रहा, लेकिन अब फिर कैराना और झिंझाना में रेत का काला कारोबार किया जा रहा है। शनिवार रात एसडीएम एमपी सिंह ने शामली से झिंझाना के मंगलौरा से खनन कर ला रहे 11 ट्रक और पांच ट्रॉलों को पकड़ कर पुलिस को सौंप दिया।
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हालांकि एसडीएम को रायल्टी के संबंध में कागजात भी दिखाए गए। इनकी जांच हो रही है। बताया जाता है कि इस कार्रवाई की सूचना पर रेत माफिया ट्रकों तथा ट्रॉले छोड़ने के लिए सेटिंग करने लगा, लेकिन एसडीएम ने मामले में जांच के बाद कार्रवाई की बात कही।
कैराना, ऊन प्रशासन को नहीं दिखता खनन
कैराना तहसील के यमुना पुल और बसेड़ा, ऊन तहसील के मंगलौर प्वाइंटों पर अवैध रेत खनन किया जा रहा है। पुलिस अधीक्षक डॉ. अजय पाल शर्मा द्वारा छह दिन पूर्व की गई कार्रवाई और रविवार की रात एसडीएम एमपी सिंह द्वारा की गई कार्रवाई से खनन होने की पुष्टि भी होती है। लेकिन कैराना और ऊन तहसील के अधिकारियों को अवैध खनन नहीं दिखता है। यदि तहसील अधिकारी चौकसी बरतें तो शायद खनन पर रोक लग जाए।
रेत से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉलियां और ट्रक पकड़े गए है, उनकी जांच की जा रही है। जांच के बाद ही अग्रिम कार्रवाई की जाएगी
- एमपी सिंह, उपजिलाधिकारी शामली।
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एसडीएम शामली ने शनिवार की रात बड़ी मात्रा में अवैध रेत से भरे वाहनों को पकड़ लिया और लाइन में खड़ा कर दिया। हालांकि रविवार शाम तक इसके खिलाफ कोई लिखा पढ़ी नहीं हो सकी थी। कैराना क्षत्र में यमुना में जबरदस्त अवैध रेत खनन किया जा रहा है। इसके साथ ही मंगलौरा में भी रेत माफिया जमकर खनन करा रहे हैं।
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रेत खनन पर केंद्र सरकार ने सीबीआई की जांच बैठा दी थी, जिसके चलते कई बार शामली में सीबीआई की टीम जांच भी करने पहुंची थी। इस डर से कुछ दिन तो रेत खनन बंद रहा, लेकिन अब फिर कैराना और झिंझाना में रेत का काला कारोबार किया जा रहा है। शनिवार रात एसडीएम एमपी सिंह ने शामली से झिंझाना के मंगलौरा से खनन कर ला रहे 11 ट्रक और पांच ट्रॉलों को पकड़ कर पुलिस को सौंप दिया।
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हालांकि एसडीएम को रायल्टी के संबंध में कागजात भी दिखाए गए। इनकी जांच हो रही है। बताया जाता है कि इस कार्रवाई की सूचना पर रेत माफिया ट्रकों तथा ट्रॉले छोड़ने के लिए सेटिंग करने लगा, लेकिन एसडीएम ने मामले में जांच के बाद कार्रवाई की बात कही।
कैराना, ऊन प्रशासन को नहीं दिखता खनन
कैराना तहसील के यमुना पुल और बसेड़ा, ऊन तहसील के मंगलौर प्वाइंटों पर अवैध रेत खनन किया जा रहा है। पुलिस अधीक्षक डॉ. अजय पाल शर्मा द्वारा छह दिन पूर्व की गई कार्रवाई और रविवार की रात एसडीएम एमपी सिंह द्वारा की गई कार्रवाई से खनन होने की पुष्टि भी होती है। लेकिन कैराना और ऊन तहसील के अधिकारियों को अवैध खनन नहीं दिखता है। यदि तहसील अधिकारी चौकसी बरतें तो शायद खनन पर रोक लग जाए।
रेत से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉलियां और ट्रक पकड़े गए है, उनकी जांच की जा रही है। जांच के बाद ही अग्रिम कार्रवाई की जाएगी
- एमपी सिंह, उपजिलाधिकारी शामली।