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रिश्तेदारों ने मांगी थी रंगदारी
शामली/अमर उजाला/ब्यूरो
Updated Mon, 03 Sep 2018 11:58 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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शामली। शहर के एक व्यापारी से एक करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। एसटीएफ, स्वॉट टीम और शामली कोतवाली पुलिस ने रंगदारी मांगने के पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। व्यापारी से कुख्यात बदमाश सुनील राठी के नाम से रंगदारी मांगी गई थी। गिरफ्तार पांच आरोपियों में से तीन नजफगढ़ (दिल्ली) और दो मुजफ्फरनगर के रहने वाले हैं। आरोपियों में तीन पीड़ित व्यापारी के रिश्तेदार हैं, जिन्होंने व्यापार में घाटा होने पर रंगदारी मांगने का षड्यंत्र रचा था।
सोमवार को कैराना रोड स्थित कैंप कार्यालय पर प्रेसवार्ता के दौरान पुलिस अधीक्षक दिनेश कुमार ने बताया कि शामली की कमला कालोनी निवासी उद्यमी परमानंद शर्मा से करीब एक माह पूर्व एक करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी गई थी। रंगदारी कुख्यात बदमाश सुनील राठी के नाम का सहारा लेकर चिट्ठी भेजकर और कॉल करके मांगी गई थी। इस मामले में शामली कोतवाली में अज्ञात बदमाशों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हुई थी।
मामले की जांच करने के लिए स्वॉट टीम, सर्विलांस टीम के साथ ही एसटीएफ टीम भी लगी हुई थी। मुखबिर से सूचना मिलने पर सोमवार सुबह करीब साढ़े चार बजे शामली में मेरठ रोड से पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। आरोपियों के कब्जे से एक पिस्टल 32 बोर, कारतूस, मोबाइल फोन और दो सिम कार्ड बरामद हुए। गिरफ्तार आरोपी सचिन और नितिन पीड़ित व्यापारी परमानंद के साले के बेटे हैं, जबकि तीसरा आरोपी देवभूषण उर्फ मोनू भी इनका रिश्तेदार है।
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गिरफ्तार पांचों आरोपियों को दोपहर बाद न्यायालय में पेश करके जेल भेज दिया गया। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि आरोपियों को गिरफ्तार करने में शामिल पुलिस टीम को पुरस्कृत किया जाएगा। वहीं, इसके अलावा पुलिस अधीक्षक ने बताया कि सचिन और नितिन पीड़ित व्यापारी परमानंद शर्मा के साले के बेटे हैं। इन दोनों ने पहले तो सुनार की दुकान खोली थी, जो फेल हो गई। इसके बाद इंवर्टर बैटरी का व्यापार किया था, उसमें भी घाटा आ गया और करीब एक करोड़ रुपये की देनदारी हो गई थी।
इसी के चलते आरोपी सचिन ने अपने फूफा परमानंद से रंगदारी मांगने का षड्यंत्र रचा था। रंगदारी मांगने में लगाया खूब दिमाग : पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि बागपत की जेल में कुख्यात डॉन मुन्ना बजरंगी की हत्या का मामला होने पर उन्होंने कुख्यात बदमाश सुनील राठी के नाम का सहारा लेकर रंगदारी मांगने का प्लान बनाया। इसके बाद हरिद्वार से एक सिम कार्ड खरीदा, जिससे व्यापारी परमानंद को धमकी दी गई। उस सिम कार्ड को तोड़कर गंगनहर में फेंक दिया था। इसके बाद एक सिम कार्ड मेरठ से खरीदा और उससे कॉल करके धमकी दी गई। इसके बाद चिट्ठी भेजकर रंगदारी की मांग की गई थी।
विकास ने बताया था रंगदारी मांगने का तरीका
व्यापारी से एक करोड़ रुपये रंगदारी मांगने के मामले में गिरफ्तार आरोपी अनिल और सचिन ने बताया कि मुजफ्फरनगर के ककरौली थाना क्षेत्र के रहने वाले विकास ने रंगदारी मांगने के तरीका बताया था। सचिन और अनिल की मुलाकात मुजफ्फरनगर में विकास से हुई थी। विकास ने उन्हें बताया था कि पहले तो एक सिम कार्ड खरीदकर हरिद्वार से कॉल करनी है और फिर मेसेज भेजना हैं। इसके बाद मेरठ से दूसरा सिमकार्ड खरीदकर कॉल करनी है तथा फिर चिट्ठी भेजनी है। बकौल अनिल उसको विकास ने बताया था कि कॉल करने पर खुद को राठी बताना। अनिल ने यह भी बताया कि उसे रंगदारी की धमकी देने के लिए कॉल करने और चिट्ठी भेजने के लिए 50 हजार रुपये मिलने थे। इसके चलते पुलिस अब विकास को गिरफ्तार करने के प्रयास में भी लग गई है।
गिरफ्तार आरोपी
1. सचिन पुत्र देवराज जांगडा निवासी मकान नंबर 144/145 अभय पार्क नया बाजार नजफगढ़ (दिल्ली)
2. नितिन पुत्र देवराज जांगड़ा निवासी मकान नंबर 144/145 अभय पार्क नया बाजार नजफगढ़ (दिल्ली)
3. देवभूषण उर्फ मोनू पुत्र ब्रजपाल जांगड़ा निवासी मकान नंबर 1050 मैन बाजार नजफगढ़ (दिल्ली)
4. पुष्पेंद्र उर्फ बबलू पुत्र धर्मवीर निवासी भोकरहेड़ी थाना भोपा, मुजफ्फरनगर
5. अनिल पुत्र दलबीर निवासी मोहपुर थाना ककरौली, मुजफ्फरनगर
अनिल और मोनू का है आपराधिक रिकार्ड
रंगदारी मांगने के मामले में गिरफ्तार अनिल और देवभूषण उर्फ मोनू का पुराना आपराधिक रिकार्ड बताया गया है। पुलिस के मुताबिक अनिल ने कुछ समय पूर्व देहरादून में रूपेश त्यागी नामक बदमाश के इशारे पर व्यापारी से रंगदारी मांगी थी। उसका मुकदमा देहरादून में दर्ज है। देहरादून जेल में ही अनिल की मुलाकात रूपेश त्यागी से हुई थी। इसके अलावा देवभूषण उर्फ मोनू की नजफगढ़ के एक बदमाश मोहित के गैंग से अदावत चल रही है, जिसमें मोनू के खिलाफ जानलेवा हमला का मामला भी दर्ज है।
एक आरोपी पूर्व में भेजा जा चुका है जेल
व्यापारी से रंगदारी मांगने के मामले में शामली कोतवाली पुलिस ने पूर्व में मिथुन पुत्र गजेंद्र निवासी देवीपुरा थाना ज्वालापुर (हरिद्वार) को गिरफ्तार कर लिया था। उसको न्यायालय में पेश करके जेल भेज दिया था।
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सोमवार को कैराना रोड स्थित कैंप कार्यालय पर प्रेसवार्ता के दौरान पुलिस अधीक्षक दिनेश कुमार ने बताया कि शामली की कमला कालोनी निवासी उद्यमी परमानंद शर्मा से करीब एक माह पूर्व एक करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी गई थी। रंगदारी कुख्यात बदमाश सुनील राठी के नाम का सहारा लेकर चिट्ठी भेजकर और कॉल करके मांगी गई थी। इस मामले में शामली कोतवाली में अज्ञात बदमाशों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हुई थी।
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मामले की जांच करने के लिए स्वॉट टीम, सर्विलांस टीम के साथ ही एसटीएफ टीम भी लगी हुई थी। मुखबिर से सूचना मिलने पर सोमवार सुबह करीब साढ़े चार बजे शामली में मेरठ रोड से पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। आरोपियों के कब्जे से एक पिस्टल 32 बोर, कारतूस, मोबाइल फोन और दो सिम कार्ड बरामद हुए। गिरफ्तार आरोपी सचिन और नितिन पीड़ित व्यापारी परमानंद के साले के बेटे हैं, जबकि तीसरा आरोपी देवभूषण उर्फ मोनू भी इनका रिश्तेदार है।
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गिरफ्तार पांचों आरोपियों को दोपहर बाद न्यायालय में पेश करके जेल भेज दिया गया। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि आरोपियों को गिरफ्तार करने में शामिल पुलिस टीम को पुरस्कृत किया जाएगा। वहीं, इसके अलावा पुलिस अधीक्षक ने बताया कि सचिन और नितिन पीड़ित व्यापारी परमानंद शर्मा के साले के बेटे हैं। इन दोनों ने पहले तो सुनार की दुकान खोली थी, जो फेल हो गई। इसके बाद इंवर्टर बैटरी का व्यापार किया था, उसमें भी घाटा आ गया और करीब एक करोड़ रुपये की देनदारी हो गई थी।
इसी के चलते आरोपी सचिन ने अपने फूफा परमानंद से रंगदारी मांगने का षड्यंत्र रचा था। रंगदारी मांगने में लगाया खूब दिमाग : पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि बागपत की जेल में कुख्यात डॉन मुन्ना बजरंगी की हत्या का मामला होने पर उन्होंने कुख्यात बदमाश सुनील राठी के नाम का सहारा लेकर रंगदारी मांगने का प्लान बनाया। इसके बाद हरिद्वार से एक सिम कार्ड खरीदा, जिससे व्यापारी परमानंद को धमकी दी गई। उस सिम कार्ड को तोड़कर गंगनहर में फेंक दिया था। इसके बाद एक सिम कार्ड मेरठ से खरीदा और उससे कॉल करके धमकी दी गई। इसके बाद चिट्ठी भेजकर रंगदारी की मांग की गई थी।
विकास ने बताया था रंगदारी मांगने का तरीका
व्यापारी से एक करोड़ रुपये रंगदारी मांगने के मामले में गिरफ्तार आरोपी अनिल और सचिन ने बताया कि मुजफ्फरनगर के ककरौली थाना क्षेत्र के रहने वाले विकास ने रंगदारी मांगने के तरीका बताया था। सचिन और अनिल की मुलाकात मुजफ्फरनगर में विकास से हुई थी। विकास ने उन्हें बताया था कि पहले तो एक सिम कार्ड खरीदकर हरिद्वार से कॉल करनी है और फिर मेसेज भेजना हैं। इसके बाद मेरठ से दूसरा सिमकार्ड खरीदकर कॉल करनी है तथा फिर चिट्ठी भेजनी है। बकौल अनिल उसको विकास ने बताया था कि कॉल करने पर खुद को राठी बताना। अनिल ने यह भी बताया कि उसे रंगदारी की धमकी देने के लिए कॉल करने और चिट्ठी भेजने के लिए 50 हजार रुपये मिलने थे। इसके चलते पुलिस अब विकास को गिरफ्तार करने के प्रयास में भी लग गई है।
गिरफ्तार आरोपी
1. सचिन पुत्र देवराज जांगडा निवासी मकान नंबर 144/145 अभय पार्क नया बाजार नजफगढ़ (दिल्ली)
2. नितिन पुत्र देवराज जांगड़ा निवासी मकान नंबर 144/145 अभय पार्क नया बाजार नजफगढ़ (दिल्ली)
3. देवभूषण उर्फ मोनू पुत्र ब्रजपाल जांगड़ा निवासी मकान नंबर 1050 मैन बाजार नजफगढ़ (दिल्ली)
4. पुष्पेंद्र उर्फ बबलू पुत्र धर्मवीर निवासी भोकरहेड़ी थाना भोपा, मुजफ्फरनगर
5. अनिल पुत्र दलबीर निवासी मोहपुर थाना ककरौली, मुजफ्फरनगर
अनिल और मोनू का है आपराधिक रिकार्ड
रंगदारी मांगने के मामले में गिरफ्तार अनिल और देवभूषण उर्फ मोनू का पुराना आपराधिक रिकार्ड बताया गया है। पुलिस के मुताबिक अनिल ने कुछ समय पूर्व देहरादून में रूपेश त्यागी नामक बदमाश के इशारे पर व्यापारी से रंगदारी मांगी थी। उसका मुकदमा देहरादून में दर्ज है। देहरादून जेल में ही अनिल की मुलाकात रूपेश त्यागी से हुई थी। इसके अलावा देवभूषण उर्फ मोनू की नजफगढ़ के एक बदमाश मोहित के गैंग से अदावत चल रही है, जिसमें मोनू के खिलाफ जानलेवा हमला का मामला भी दर्ज है।
एक आरोपी पूर्व में भेजा जा चुका है जेल
व्यापारी से रंगदारी मांगने के मामले में शामली कोतवाली पुलिस ने पूर्व में मिथुन पुत्र गजेंद्र निवासी देवीपुरा थाना ज्वालापुर (हरिद्वार) को गिरफ्तार कर लिया था। उसको न्यायालय में पेश करके जेल भेज दिया था।