60 लाख की रंगदारी मांगने वाले चार बदमाश दबोचे

ब्यूरो, अमर उजाला/ शामली Updated Thu, 07 Dec 2017 11:28 PM IST
Four Badmash arrested for demanding Rs 60 lakhs
पकडे़ गए रंगदारी मांगने के आरोपियों के बारे में बताते एएसपी। - फोटो : अमर उजाला
शामली में प्लास्टिक पाइप बनाने बनाने वाले उद्यमी से सुनील राठी गैंग के नाम पर 60 लाख रुपये की रंगदारी मांगने वाले चार बदमाशों को कोतवाली पुलिस ने कैराना रोड से दबोच लिया। 29 नवंबर को धमकी भरी चिट्ठी मिलने से उद्यमी और उसका परिवार दहशत में थे। रंगदारी मांगने वालों में पिता-पुत्र और मामा भी शामिल है, जबकि मुख्य आरोपी फरार है। अपर पुलिस अधीक्षक जगदीश शर्मा ने बताया कि शामली निवासी उद्यमी नरेश कुमार गिल की कंडेला स्थित औद्योगिक क्षेत्र में प्लास्टिक पाइप की फैक्ट्री है। 29 नवंबर को एक अज्ञात बदमाश ने फैक्ट्री पर पहुंचकर चौकीदार को बंद लिफाफा दिया और कहा कि इसे अपने मालिक को दे देना। फैक्ट्री मालिक नरेश गिल ने लिफाफा खोला, तो उसमें तीन कारतूस (खोखा) और नरेश गिल तथा उसके बेटे सिद्धार्थ का फोटो के साथ चिट्ठी रखी थी। चिट्ठी में लिखा था कि हम सुनील राठी गैंग के बदमाश हैं और 60 लाख रुपये का इंतजाम कर लो। नहीं तो तुम पिता पुत्र को जान से मार देंगे। इसके बाद 30 नवंबर को अज्ञात नंबर से नरेश गिल के मोबाइल पर कॉल आई और रंगदारी देने की बात कही। एक दिसंबर को फिर से धमकी भरी कॉल आई। रंगदारी की रकम बुढ़ीना कला में लाने के लिए कहा गया। इस कारण उद्यमी घबरा गया और शामली कोतवाली पहुंचकर अज्ञात बदमाशों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर बृहस्पतिवार को कैराना रोड से देवेंद्र, उसके पिता ओमपाल, गौरव पुत्र किरणपाल निवासी नून्नाखेड़ा और रविंद्र पुत्र बाबू निवासी गांव टोडा थाना झिंझाना को गिरफ्तार कर लिया, जबकि आरोपी सतेंद्र पुत्र ओमपाल मौके से फरार हो गया। अपर पुलिस अधीक्षक ने बताया कि फरार आरोपी सतेंद्र का मामा रविंद्र कंडेला में नरेश गिल की फैक्ट्री में ट्रक पर ड्राइवर था। रविंद्र ने ही 24 नवंबर को नून्नाखेड़ी में जाकर सतेंद्र को बताया था कि नरेश गिल पर बहुत पैसा है और उससे रुपये की उगाही की जा सकती है। इस पर सतेंद्र ने वह लिफाफा भेजकर धमकी दी और उसके बाद देवेंद्र तथा गौरव को भी अपने साथ मिला लिया। उन्होंने भी कॉल करके उद्यमी नरेश गिल को धमकी दी थी। अपर पुलिस अधीक्षक ने बताया कि रंगदारी की धमकी की घटना का शीघ्र खुलासा करने पर पुलिस टीम को पुरस्कृत किया जाएगा। इस दौरान कोतवाली प्रभारी अवनीश गौतम तथा अन्य पुलिसकर्मी भी मौजूद रहे। जेल से रची गई रंगदारी की पटकथा पुलिस के मुताबिक आरोपी सतेंद्र पूर्व में थाना तितावी (मुजफ्फरनगर) से रंगदारी मांगने के मामले में गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। जेल में उसकी मुलाकात तितावी निवासी बदमाश अनुज गंजा से हुई। अनुज गंजा से सतेंद्र की अच्छी दोस्ती हो गई थी और वहीं से रंगदारी मांगने की प्लानिंग बनाई गई थी। जेल से छूटकर आने के बाद सतेंद्र ने उस प्लानिंग को अंतिम रूप दिया और अन्य आरोपियों को साथ लेकर शामली के उद्यमी से रंगदारी मांग ली। डराने के लिए लिया था सुनील राठी का नाम पकड़े गए आरोपियों ने पुलिस को बताया कि रंगदारी मांगने के लिए सुनील राठी गैंग के नाम का सहारा लिया था, ताकि उद्यमी के दिल में दहशत पैदा हो जाए और आसानी से रकम मिल जाए। इसी के चलते एक दिसंबर को जब सतेंद्र ने उद्यमी नरेश गिल को कॉल की, तो उसने अपना नाम अंकित राठी बताया था।

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