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बीस साल पहले मृत युवती को जीवित बता डाक्टरों ने हड़पे
Updated Thu, 27 Jul 2017 12:39 AM IST
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कैराना।
गांव बराला में 20 साल पहले सांप के काटने से एक युवती की मौत हो गई थी। गांव के ही दो लोगों ने युवती की मां को बताया कि उसकी बेटी जीवित है और सपेरों के कब्जे में है। युवती को वापस कराने के नाम पर परिजनों से आरोपियों ने 80 हजार रुपये हड़प लिए। अब रुपये मांगने पर जान से मारने की धमकी दे रहे हैं।
गांव बराला निवासी शमशाद ने कोतवाली में तहरीर देकर बताया कि 20 साल पहले उसकी बहन की सांप के काटने से मौत हो गई थी। उसके परिजनों ने बहन के शव को कब्रिस्तान में सपुर्द ए खाक कर दिया था। पांच माह पूर्व गांव के ही दो झोलाछाप डाक्टरों ने उसकी मां सईदा से कहा कि उसकी बेटी को सपेरे कब्र से निकाल ले गए थे और वह जिंदा है। आरोपियों ने सपेरों के कब्जे से युवती को मुक्त कराने पर उनसे 80 एेंठ लिए। जब उसने बेटी को वापस लाने की मांग की तो आरोपी बहाना बनाते रहे। बाद में और रुपयों की भी मांग की गई। आरोपियों की चाल को समझने के बाद जब उनसे रुपये वापस मांगे उन्हाेंने देने से इंकार कर दिया। सदमे में उसकी मां बीमार हो गई। इस मामले को लेकर गांव में पंचायत हुई, ग्राम प्रधान की मौजूदगी में एक आरोपी ने अपने हिस्से के 40 हजार रुपये में से पांच हजार रुपये लौटा दिए और बाकी रकम किस्तों में देने का वादा किया था। जबकि दूसरे आरोपी ने रुपये वापस करने से साफ इंकार करते कर दिया और उसके परिवार को जान से मारने की धमकी दी। पीड़ित की तहरीर पर पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
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गांव बराला में 20 साल पहले सांप के काटने से एक युवती की मौत हो गई थी। गांव के ही दो लोगों ने युवती की मां को बताया कि उसकी बेटी जीवित है और सपेरों के कब्जे में है। युवती को वापस कराने के नाम पर परिजनों से आरोपियों ने 80 हजार रुपये हड़प लिए। अब रुपये मांगने पर जान से मारने की धमकी दे रहे हैं।
गांव बराला निवासी शमशाद ने कोतवाली में तहरीर देकर बताया कि 20 साल पहले उसकी बहन की सांप के काटने से मौत हो गई थी। उसके परिजनों ने बहन के शव को कब्रिस्तान में सपुर्द ए खाक कर दिया था। पांच माह पूर्व गांव के ही दो झोलाछाप डाक्टरों ने उसकी मां सईदा से कहा कि उसकी बेटी को सपेरे कब्र से निकाल ले गए थे और वह जिंदा है। आरोपियों ने सपेरों के कब्जे से युवती को मुक्त कराने पर उनसे 80 एेंठ लिए। जब उसने बेटी को वापस लाने की मांग की तो आरोपी बहाना बनाते रहे। बाद में और रुपयों की भी मांग की गई। आरोपियों की चाल को समझने के बाद जब उनसे रुपये वापस मांगे उन्हाेंने देने से इंकार कर दिया। सदमे में उसकी मां बीमार हो गई। इस मामले को लेकर गांव में पंचायत हुई, ग्राम प्रधान की मौजूदगी में एक आरोपी ने अपने हिस्से के 40 हजार रुपये में से पांच हजार रुपये लौटा दिए और बाकी रकम किस्तों में देने का वादा किया था। जबकि दूसरे आरोपी ने रुपये वापस करने से साफ इंकार करते कर दिया और उसके परिवार को जान से मारने की धमकी दी। पीड़ित की तहरीर पर पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
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