{"_id":"690ce7f88f9845f9c50831ec","slug":"crime-news-shamli-news-c-26-1-sal1002-152943-2025-11-06","type":"story","status":"publish","title_hn":"Shamli News: स्टांप खरीद में 2.54 करोड़ रुपये का फर्जीवाड़ा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Shamli News: स्टांप खरीद में 2.54 करोड़ रुपये का फर्जीवाड़ा
विज्ञापन
शामली। जिले में स्टांप खरीद में करोड़ों रुपये का फर्जीवाड़ा सामने आया है। निबंधन विभाग की ओर से की गई जांच में 2.54 करोड़ रुपये के स्टांप की कमी पाई गई है। अप्रैल से अक्तूबर माह के बीच जिलाधिकारी से लेकर सहायक महानिरीक्षक निबंधन तक के अधिकारियों ने 1085 स्थलीय निरीक्षण किए, जिनमें 168 लेखपत्रों में गड़बड़ी उजागर हुई।
यह फर्जीवाड़ा सामने आते ही विभागीय अधिकारियों में खलबली मच गई है। अब दोषियों के खिलाफ कोर्ट में वाद दर्ज कराए जा रहे हैं और जुर्माने की कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है।
दरअसल, जिले के शामली, कैराना और ऊन उपनिबंधन कार्यालयों में 500 उसे अधिक बैनामे और रजिस्ट्री होती हैं। नियमों के अनुसार, क्रय-विक्रय दस्तावेजों में सही दर से स्टांप ड्यूटी जमा करना अनिवार्य है लेकिन कई मामलों में कम मूल्य के स्टांप का उपयोग कर शासन को भारी राजस्व नुकसान पहुंचाया गया।
विज्ञापन
अप्रैल से अक्तूबर के बीच हुई जांच में सामने आया कि कई बैनामों में कम राशि का स्टांप चिपकाया गया, जबकि वास्तविक मूल्य अधिक था।
एआईजी स्टांप रविंद्र मेहता ने बताया कि यह राजस्व चोरी का गंभीर मामला है। सभी संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ विभिन्न कोर्टों में वाद दायर कराए जा रहे हैं, साथ ही राजस्व वसूली की प्रक्रिया जारी है। (संवाद)
विज्ञापन
यह फर्जीवाड़ा सामने आते ही विभागीय अधिकारियों में खलबली मच गई है। अब दोषियों के खिलाफ कोर्ट में वाद दर्ज कराए जा रहे हैं और जुर्माने की कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है।
विज्ञापन
दरअसल, जिले के शामली, कैराना और ऊन उपनिबंधन कार्यालयों में 500 उसे अधिक बैनामे और रजिस्ट्री होती हैं। नियमों के अनुसार, क्रय-विक्रय दस्तावेजों में सही दर से स्टांप ड्यूटी जमा करना अनिवार्य है लेकिन कई मामलों में कम मूल्य के स्टांप का उपयोग कर शासन को भारी राजस्व नुकसान पहुंचाया गया।
विज्ञापन
अप्रैल से अक्तूबर के बीच हुई जांच में सामने आया कि कई बैनामों में कम राशि का स्टांप चिपकाया गया, जबकि वास्तविक मूल्य अधिक था।
एआईजी स्टांप रविंद्र मेहता ने बताया कि यह राजस्व चोरी का गंभीर मामला है। सभी संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ विभिन्न कोर्टों में वाद दायर कराए जा रहे हैं, साथ ही राजस्व वसूली की प्रक्रिया जारी है। (संवाद)