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Shamli News: आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने पर पूर्व कोतवाल पर मुकदमा
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कैराना। कैराना कोतवाली में पूर्व में तैनात रहे इंस्पेक्टर प्रेमवीर राणा अधिक संपत्ति के मामले में फंस गए हैं। उनके विरुद्ध मेरठ के थाना सतर्कता अधिष्ठान में भ्रष्टाचार निवारण के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
सन 2021 में कैराना लोकसभा की पूर्व सांसद तब्बसुम हसन व उनके बेटे विधायक नाहिद हसन सहित 38 समर्थकों के विरुद्ध गैंगस्टर एक्ट लगाकर प्रेमवीर राणा चर्चाओं में आए थे। अगस्त 2020 में प्रेमवीर राणा को कैराना कोतवाली का चार्ज दिया गया था। उस दौरान चार्ज संभालने के बाद उन्होंने स्टेटमेंट दिया था। कोतवाली के मुख्य गेट पर थाने में दलालों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाने का एक बोर्ड भी लगाया गया था। कोतवाल के नजदीक रहने वाले एक सिपाही की एक पीड़ित से रुपये लेने की वीडियो भी वायरल हुई थी। इसके बाद तत्कालीन पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल ने सिपाही को सस्पेंड कर दिया था। स्थानीय सपा विधायक चौधरी नाहिद हसन ने पीड़ितों के साथ की जा रही नाइंसाफी के खिलाफ आवाज उठाई थी।
विधायक ने इंस्पेक्टर की कार्यप्रणाली के विरूद्ध जेल भरो आंदोलन की घोषणा कर दी थी, लेकिन पुलिस विभाग के उच्चाधिकारियों के द्वारा इंस्पेक्टर प्रेमवीर राणा के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई करने के आश्वासन के बाद जेल भरो आंदोलन स्थगित कर दिया था। एक महिला एसआई ने भी तत्कालीन कोतवाल की शिकायत की थी, जिसके बाद उन्हें पद से हटा दिया गया था। हालांकि करीब 10 दिन बाद प्रेमवीर राणा ने फिर से कोतवाली का चार्ज संभाल लिया था। अब मेरठ के थाना सतर्कता अधिष्ठान में भ्रष्टाचार निवारण के तहत पूर्व कोतवाली प्रभारी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
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सन 2021 में कैराना लोकसभा की पूर्व सांसद तब्बसुम हसन व उनके बेटे विधायक नाहिद हसन सहित 38 समर्थकों के विरुद्ध गैंगस्टर एक्ट लगाकर प्रेमवीर राणा चर्चाओं में आए थे। अगस्त 2020 में प्रेमवीर राणा को कैराना कोतवाली का चार्ज दिया गया था। उस दौरान चार्ज संभालने के बाद उन्होंने स्टेटमेंट दिया था। कोतवाली के मुख्य गेट पर थाने में दलालों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाने का एक बोर्ड भी लगाया गया था। कोतवाल के नजदीक रहने वाले एक सिपाही की एक पीड़ित से रुपये लेने की वीडियो भी वायरल हुई थी। इसके बाद तत्कालीन पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल ने सिपाही को सस्पेंड कर दिया था। स्थानीय सपा विधायक चौधरी नाहिद हसन ने पीड़ितों के साथ की जा रही नाइंसाफी के खिलाफ आवाज उठाई थी।
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विधायक ने इंस्पेक्टर की कार्यप्रणाली के विरूद्ध जेल भरो आंदोलन की घोषणा कर दी थी, लेकिन पुलिस विभाग के उच्चाधिकारियों के द्वारा इंस्पेक्टर प्रेमवीर राणा के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई करने के आश्वासन के बाद जेल भरो आंदोलन स्थगित कर दिया था। एक महिला एसआई ने भी तत्कालीन कोतवाल की शिकायत की थी, जिसके बाद उन्हें पद से हटा दिया गया था। हालांकि करीब 10 दिन बाद प्रेमवीर राणा ने फिर से कोतवाली का चार्ज संभाल लिया था। अब मेरठ के थाना सतर्कता अधिष्ठान में भ्रष्टाचार निवारण के तहत पूर्व कोतवाली प्रभारी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
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