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गोशालाओं में ठंड से बीमार हो रहे गोवंश
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कैराना गौशाला में बंधे गौवंश
- फोटो : SHAMLI
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गोशालाओं में ठंड से बीमार हो रहे गोवंश
शामली। शीतलहर और ठंड के मौसम में गोशालाओं में गोवंश ठिठुर रहे हैं। गोशालाओं का संचालन करने वाले लोग ठंड से बचाव के इंतजाम किए जाने के दावे कर रहे हैं, लेकिन इसके बाद भी गोवंश ठंड लगने से बीमार हो रहे हैं। खुले में टीन शेड और तिरपाल के इंतजाम गोवंशों के लिए नाकाफी साबित हो रहे हैं। अमर उजाला टीम ने गोशालाओं की पड़ताल कर हकीकत जानी।
मसावी गोशाला में दो गोवंश बीमार
थानाभवन। मसावी गांव के जंगल में स्थित थानाभवन देहात की गोशाला में करीब 90 गोवंश हैं। मौके पर दो गाय बीमार मिलीं। हालांकि, कर्मचारियों का कहना है कि इनमें से एक गाय खंड विकास कार्यालय की तरफ से घायल अवस्था में भेजी गई है। लेकिन दूसरी गाय ठंड लगने से बीमार हुई है। वैसे तो गोवंशों को ठंड से बचाने के लिए नीचे फर्श, ऊपर टीन शेड और साइडों में टाट लटकाए हुए हैं, लेकिन प्रशासन के निर्देश के बाद भी प्रत्येक गोवंश के ऊपर अलग से टाट नहीं डाला गया है। गोशाला संचालक और ग्राम प्रधान के पुत्र रहीम का कहना है कि सर्दी से बचाव के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। एक गाय बीडीओ के द्वारा भेजी गई थी, जो किसी वाहन की टक्कर लगने से घायल हुई थी, उसका उपचार कराया जा रहा है।
ठंड लगने से कई गोवंश बीमार
कांधला। कस्बे के कैराना रोड स्थित गोविंद गोशाला में करीब 75 गोवंश हैं। जिनकी देख रेख के लिए दो गोसेवक रखे गए हैं। सर्दी से बचाव के लिए गोवंश के लिए पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। गोशाला में मौजूद गोसेवक वाजिद ने बताया कि सर्दी के मौसम में कई गोवंश की तबीयत खराब हुई, लेकिन उन्हें चिकित्सा दिलाकर उपचार कराया गया। गोशाला प्रबंधक तरुण कंसल ने बताया कि हमारे यहां गोवंश को सर्दी से बचाने और उनके रहने, खाने पीने की पूर्ण व्यवस्था की गई है। गांव कनियान और भनेड़ा स्थित गोशाला में टीन शेड के नीचे गोवंश सर्दी के मौसम में ठिठुर रहे हैं, जिनमें से कई गोवंश बीमार हैं। कनियान के ग्राम प्रधान रामलाखन ने बताया कि गांव के लोगों की मदद से गोवंश की पूरी देख रेख की जा रही है। गांव भनेड़ा स्थित गोशाला में मौजूद गोसेवक रामू ने बताया कि सर्दी में गोवंश के बचाव के लिए इंतजाम पूरे नहीं हैं, जिसके चलते कई गोवंश बीमार चल रहे हैं।
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ठंड से बचाने के लिए लगाए तिरपाल
कैराना। कैराना स्थित गोशाला का हाल देखा गया तो वहा लिंटर के नीचे 48 छोटे बड़े गोवंश बंधे हुए थे। गोवंशों की देखभाल करने और चारा पानी आदि देने के लिए वहां मौजूद कर्मचारी अमित कुमार ने बताया कि वह अपनी पत्नी व बच्चों के साथ यहीं पर रहता है। उसकी पत्नी भी गोवंशों की देखभाल करती है। इसके अलावा यहां पर टीटू भी कार्य करता है। लिंटर के नीचे छपाव के अंदर गोवंशों के चारों और तिरपाल लगाई गई थी, ताकि गोवंशों को सर्दी न लग सके। गोशाला कमेटी के सचिव सुरेंद्र कुमार मित्तल ने बताया कि कमेटी की दुकानों के किराए से आमदनी के कारण गोवंशों को भरपूर चारा मिलता है। साथ ही गोवंशों के बंधने के स्थान के चारों और तिरपाल लगाई गई है ताकि ठंड न लग सके। गोशाला में कोई भी गोवंश बीमार नहीं हुआ।
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शामली। शीतलहर और ठंड के मौसम में गोशालाओं में गोवंश ठिठुर रहे हैं। गोशालाओं का संचालन करने वाले लोग ठंड से बचाव के इंतजाम किए जाने के दावे कर रहे हैं, लेकिन इसके बाद भी गोवंश ठंड लगने से बीमार हो रहे हैं। खुले में टीन शेड और तिरपाल के इंतजाम गोवंशों के लिए नाकाफी साबित हो रहे हैं। अमर उजाला टीम ने गोशालाओं की पड़ताल कर हकीकत जानी।
मसावी गोशाला में दो गोवंश बीमार
थानाभवन। मसावी गांव के जंगल में स्थित थानाभवन देहात की गोशाला में करीब 90 गोवंश हैं। मौके पर दो गाय बीमार मिलीं। हालांकि, कर्मचारियों का कहना है कि इनमें से एक गाय खंड विकास कार्यालय की तरफ से घायल अवस्था में भेजी गई है। लेकिन दूसरी गाय ठंड लगने से बीमार हुई है। वैसे तो गोवंशों को ठंड से बचाने के लिए नीचे फर्श, ऊपर टीन शेड और साइडों में टाट लटकाए हुए हैं, लेकिन प्रशासन के निर्देश के बाद भी प्रत्येक गोवंश के ऊपर अलग से टाट नहीं डाला गया है। गोशाला संचालक और ग्राम प्रधान के पुत्र रहीम का कहना है कि सर्दी से बचाव के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। एक गाय बीडीओ के द्वारा भेजी गई थी, जो किसी वाहन की टक्कर लगने से घायल हुई थी, उसका उपचार कराया जा रहा है।
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ठंड लगने से कई गोवंश बीमार
कांधला। कस्बे के कैराना रोड स्थित गोविंद गोशाला में करीब 75 गोवंश हैं। जिनकी देख रेख के लिए दो गोसेवक रखे गए हैं। सर्दी से बचाव के लिए गोवंश के लिए पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। गोशाला में मौजूद गोसेवक वाजिद ने बताया कि सर्दी के मौसम में कई गोवंश की तबीयत खराब हुई, लेकिन उन्हें चिकित्सा दिलाकर उपचार कराया गया। गोशाला प्रबंधक तरुण कंसल ने बताया कि हमारे यहां गोवंश को सर्दी से बचाने और उनके रहने, खाने पीने की पूर्ण व्यवस्था की गई है। गांव कनियान और भनेड़ा स्थित गोशाला में टीन शेड के नीचे गोवंश सर्दी के मौसम में ठिठुर रहे हैं, जिनमें से कई गोवंश बीमार हैं। कनियान के ग्राम प्रधान रामलाखन ने बताया कि गांव के लोगों की मदद से गोवंश की पूरी देख रेख की जा रही है। गांव भनेड़ा स्थित गोशाला में मौजूद गोसेवक रामू ने बताया कि सर्दी में गोवंश के बचाव के लिए इंतजाम पूरे नहीं हैं, जिसके चलते कई गोवंश बीमार चल रहे हैं।
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ठंड से बचाने के लिए लगाए तिरपाल
कैराना। कैराना स्थित गोशाला का हाल देखा गया तो वहा लिंटर के नीचे 48 छोटे बड़े गोवंश बंधे हुए थे। गोवंशों की देखभाल करने और चारा पानी आदि देने के लिए वहां मौजूद कर्मचारी अमित कुमार ने बताया कि वह अपनी पत्नी व बच्चों के साथ यहीं पर रहता है। उसकी पत्नी भी गोवंशों की देखभाल करती है। इसके अलावा यहां पर टीटू भी कार्य करता है। लिंटर के नीचे छपाव के अंदर गोवंशों के चारों और तिरपाल लगाई गई थी, ताकि गोवंशों को सर्दी न लग सके। गोशाला कमेटी के सचिव सुरेंद्र कुमार मित्तल ने बताया कि कमेटी की दुकानों के किराए से आमदनी के कारण गोवंशों को भरपूर चारा मिलता है। साथ ही गोवंशों के बंधने के स्थान के चारों और तिरपाल लगाई गई है ताकि ठंड न लग सके। गोशाला में कोई भी गोवंश बीमार नहीं हुआ।

कांधला गौशाला में बंधे गौवंश- फोटो : SHAMLI