UP: किशोरी से दुष्कर्म मामले में कोर्ट का बड़ा फैसला, आरोपी को सुनाई 10 साल की सजा
अदालत ने किशोरी से दुष्कर्म के मामले में आरोपी को 10 साल की सजा सुनाई है। साथ ही कोर्ट ने 85 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
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शामली जनपद के कैराना में किशोरी को बहला-फुसलाकर ले जाने और दुराचार करने के मामले में दोष सिद्ध पाए जाने पर अपर जिला सत्र न्यायाधीश (विशेष न्यायालय पॉक्सो) मुमताज अली ने सजा सुनाई है। कोर्ट ने मुजरिम दीपक निवासी गांव धनैना थाना गढ़ीपुख्ता को दस साल कठोर कारावास और 85 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। दूसरे मामले में पुलिस पार्टी पर फायरिंग में मुजरिम द्वारा अदालत में जुर्म स्वीकार करने पर अपर जिला सत्र न्यायाधीश सुरेंद्र कुमार ने शहजाद निवासी कैराना को सात साल की सजा सुनाई।
जिला शासकीय अधिवक्ता संजय चौहान और विशेष लोक अभियोजक पुष्पेंद्र मलिक ने बताया कि थाना गढ़ीपुख्ता क्षेत्र में 11 जनवरी 2021 की रात दीपक निवासी गांव धनैना थाना गढ़ीपुख्ता में 17 वर्षीय किशोरी को बहला-फुसलाकर ले गया और दुराचार किया। 21 जनवरी को किशोरी के पिता ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसके बाद पुलिस ने किशोरी के कोर्ट में बयान कराए। पुलिस ने आरोपी दीपक को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया। मुकदमे की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से दस गवाह पेश किए गए। अपर जिला सत्र न्यायाधीश (विशेष न्यायालय पॉक्सो) मुमताज अली ने दोष सिद्ध पाए जाने पर दीपक को दस साल का कठोर कारावास और 85 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।
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दूसरे मामले में जिला शासकीय अधिवक्ता संजय चौहान और विशेष लोक अभियोजक सत्येंद्र धीरयान ने बताया कि दो अक्तूबर 2017 की रात कैराना कोतवाली में तैनात एसआई नेमचंद ने पुलिस टीम के साथ बदमाशों की घेराबंदी की। इस पर बदमाशों ने पुलिस पार्टी पर तमंचे से फायरिंग कर दी।
वहीं, पुलिस ने आरोपी शहजाद निवासी मोहल्ला ऑल कलां थाना कैराना को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया था। वहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया था। पिछले पांच साल से जेल में बंद मुजरिम शहजाद की अभी तक जमानत नहीं हो सकी है।
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वहीं, 12 जुलाई 2022 को जेल में बंद मुजरिम शहजाद ने पत्र के माध्यम से कोर्ट में जुर्म स्वीकार कर क्षमा याचना की थी। अपर जिला सत्र न्यायाधीश सुरेंद्र कुमार ने सोमवार को मुजरिम शहजाद को सात साल कारावास और छह हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।