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कोरोना से बचना है, वैक्सीन का टीका जरूरी है
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शामली। किशोरों को कोरोनारोधी टीकाकरण में गति देने में स्कूल-कॉलेजों का सहयोग रहा है। वहां पर बूथ बनाए जाने और शिक्षकों द्वारा अभिभावकों को प्रेरित करने पर किशोरों में टीकाकरण की रफ्तार बढ़ी थी। अब पांच से 11 साल के बच्चों को टीके की मंजूरी मिल चुकी है। हालांकि अभी शासन की तरफ से टीके लगाने की शुरूआत करने की गाइड लाइन जारी नहीं हुई है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग अपने स्तर पर तैयारी कर रहा है। कॉलेजों के प्रधानाचार्यों का कहना है कि कोरोना से बचने के लिए टीकाकरण जरूरी है।
जिले में शनिवार को 15 से 17 साल तक के 31 किशोरों को पहली डोज और 777 को दूसरी डोज का टीका लगा है। इन्हें मिलाकर अब तक 99530 किशोरों को पहली डोज और 92222 किशोरों को दूसरी डोज लग चुकी है। 12 से 14 साल के 535 किशोरों को पहली डोज और 35 किशोरों को दूसरी डोज का टीका लगा है। अब तक 34213 किशोरों को पहली डोज और 561 को दूसरी डोज लगी है। किशोरों को टीकाकरण की रफ्तार शुरूआत में धीमी रही थी। बाद में स्वास्थ्य विभाग ने स्कूल-कॉलेजों में बूथ बनाए और टीकाकरण में शिक्षकों और प्रधानाचार्यों का सहयोग मिला तो टीकाकरण की रफ्तार बढ़ी थी। अब बच्चों को टीकाकरण की बारी है।
आरके इंटर कालेज शामली के प्रधानाचार्य कैप्टन लोकेंद्र सिंह का कहना है कि यह बात तय हो चुकी है कि कोरोना से बचाव करना है तो वैक्सीन का टीका लगवाना जरूरी है। पूर्व में भी कॉलेज में बूथ बनाकर किशोरों को टीकाकरण कराया गया है। इसलिए उनकी अभिभावकों से अपील है कि बच्चों को टीकाकरण जरूर कराएं।
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वीवी इंटर कालेज शामली के प्रधानाचार्य एसके आर्य का कहना है कि कोरोना से बचाव के लिए सरकार ने सभी अस्पतालों में नि:शुल्क टीके की व्यवस्था की है। टीकाकरण ही कोरोना से बचने का सुरक्षित कवच है। इसलिए अभिभावक इसके प्रति जागरूक हो और पांच से 11 साल तक के बच्चों को वैक्सीन का टीका लगवाएं।
श्री जैन कन्या इंटर कालेज शामली की प्रधानाचार्या डॉ. रुचिता ढाका का कहना है कि दूसरी लहर में कोरोना ने कहर बरपाया था। तीसरी लहर में कोरोना वायरस घातक नहीं रहा था। इसकी वजह यही मानी गई थी कि अधिकतर लोगों को टीका लग चुका था। इससे यह तय माना गया कि कोरोना से बचने का उपाय एक मात्र टीका ही है। सभी अभिभावकों से अनुरोध है कि अपने बच्चों को वैक्सीन का टीका अवश्य लगवाएं।
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जिले में शनिवार को 15 से 17 साल तक के 31 किशोरों को पहली डोज और 777 को दूसरी डोज का टीका लगा है। इन्हें मिलाकर अब तक 99530 किशोरों को पहली डोज और 92222 किशोरों को दूसरी डोज लग चुकी है। 12 से 14 साल के 535 किशोरों को पहली डोज और 35 किशोरों को दूसरी डोज का टीका लगा है। अब तक 34213 किशोरों को पहली डोज और 561 को दूसरी डोज लगी है। किशोरों को टीकाकरण की रफ्तार शुरूआत में धीमी रही थी। बाद में स्वास्थ्य विभाग ने स्कूल-कॉलेजों में बूथ बनाए और टीकाकरण में शिक्षकों और प्रधानाचार्यों का सहयोग मिला तो टीकाकरण की रफ्तार बढ़ी थी। अब बच्चों को टीकाकरण की बारी है।
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आरके इंटर कालेज शामली के प्रधानाचार्य कैप्टन लोकेंद्र सिंह का कहना है कि यह बात तय हो चुकी है कि कोरोना से बचाव करना है तो वैक्सीन का टीका लगवाना जरूरी है। पूर्व में भी कॉलेज में बूथ बनाकर किशोरों को टीकाकरण कराया गया है। इसलिए उनकी अभिभावकों से अपील है कि बच्चों को टीकाकरण जरूर कराएं।
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वीवी इंटर कालेज शामली के प्रधानाचार्य एसके आर्य का कहना है कि कोरोना से बचाव के लिए सरकार ने सभी अस्पतालों में नि:शुल्क टीके की व्यवस्था की है। टीकाकरण ही कोरोना से बचने का सुरक्षित कवच है। इसलिए अभिभावक इसके प्रति जागरूक हो और पांच से 11 साल तक के बच्चों को वैक्सीन का टीका लगवाएं।
श्री जैन कन्या इंटर कालेज शामली की प्रधानाचार्या डॉ. रुचिता ढाका का कहना है कि दूसरी लहर में कोरोना ने कहर बरपाया था। तीसरी लहर में कोरोना वायरस घातक नहीं रहा था। इसकी वजह यही मानी गई थी कि अधिकतर लोगों को टीका लग चुका था। इससे यह तय माना गया कि कोरोना से बचने का उपाय एक मात्र टीका ही है। सभी अभिभावकों से अनुरोध है कि अपने बच्चों को वैक्सीन का टीका अवश्य लगवाएं।