{"_id":"616733c714fb07067c66c505","slug":"controversy-over-the-intersection-of-budian-khap-shamli-news-mrt5605678191","type":"story","status":"publish","title_hn":"बुड़ियान खाप की चौधराहट को लेकर विवाद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बुड़ियान खाप की चौधराहट को लेकर विवाद
विज्ञापन
कांधला क्षेत्र के गांव भभीसा में खाप के लोगो को सम्बोधित करते चौधरी सतवीर सिंह
- फोटो : SHAMLI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कांधला (शामली)। बुड़ियान खाप की चौधराहट को लेकर बुधवार को विवाद हो गया। भभीसा में हुई पंचायत में राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित सतवीर सिंह को पगड़ी बांधकर खाप की जिम्मेदारी सौंपी गई। पंचायत में 12 गांव के लोग, थांबेदार और भाकियू नेता गौरव टिकैत भी मौजूद रहे। हालांकि बाद में दूसरे पक्ष के लोगों ने इसे गलत परंपरा बताते हुए 20 अक्तूबर को पंचायत बुलाई है।
पंचायत में सिरोहा खाप के चौधरी रणधीर सिंह ने कहा कि सामाजिक मंचों पर अपनी खाप को मजबूती देने के लिए सभी लोगों की सहमति से राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित चौधरी सतवीर सिंह को खाप की पगड़ी बांधी गई है। खाप के लोग एक हैं और फैसला सहमति से लिया गया है। इस दौरान चौधरी वीरभान सिंह, चौधरी ईश्वर सिंह सतवीर पंवार, चौधरी रामपाल सिंह, चौधरी महेश सिंह, दारा सिंह, राजकुमार सिंह, चौधरी महक सिंह, चौधरी छत्रपाल सिंह आदि मौजूद रहे।
यह रहे खाप चौधरी
1950 में चौधरी जहान सिंह को सौरम महापंचायत में बुड़ियान खाप की पगड़ी दी गई थी। उनके बाद गांव भभीसा निवासी चौधरी जसबीर सिंह चौधरी बनाए गए। जसबीर सिंह का कई महीने पहले निधन हो गया था, जिसके बाद उनके बेटे सचिन चौधरी को पगड़ी बांधी गई थी। मामले में नया मोड़ तब आया, जब बुधवार को भभीसा की पंचायत ने सतवीर सिंह को पगड़ी बांध दी है।
विज्ञापन
गलत परंपरा, 20 को करेंगे पंचायत
बुड़ियान खाप चौधरी सचिन ने कहा कि यह गलत परंपरा है। हमारे पारिवारिक लोगों ने आपसी मनमुटाव के चलते यह काम किया है। पंचायत में यूपी की किसी खाप का कोई चौधरी नहीं था। इस मामले में हम चौधरी नरेश टिकैत से मिले थे। तब उन्होंने कार्यक्रम में आने से इनकार कर दिया था। सर्वखाप के मंत्री सुभाष बालियान से भी बातचीत की गई थी। उन्होंने कहा था कि हमारे पास सभी का रिकॉर्ड है। इस तरह पगड़ी नहीं बदली जाती। मेरे पिता की 20 अक्तूबर को बरसी है। उसी दिन पंचायत का आयोजन कर इस बारे में निर्णय लिया जाएगा।
यह बुड़ियान खाप का आपसी मामला
भाकियू नेता गौरव टिकैत का कहना है कि कार्यक्रम के लिए भाकियू अध्यक्ष एवं बालियान खाप के चौधरी नरेश टिकैत को निमंत्रण मिला था। वह आज कहीं दूसरी जगह चले गए, इस वजह से मैं कार्यक्रम में शामिल हुआ था। यह बुड़ियान खाप और सतवीर सिंह के परिवार का मामला है।
विज्ञापन
पंचायत में सिरोहा खाप के चौधरी रणधीर सिंह ने कहा कि सामाजिक मंचों पर अपनी खाप को मजबूती देने के लिए सभी लोगों की सहमति से राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित चौधरी सतवीर सिंह को खाप की पगड़ी बांधी गई है। खाप के लोग एक हैं और फैसला सहमति से लिया गया है। इस दौरान चौधरी वीरभान सिंह, चौधरी ईश्वर सिंह सतवीर पंवार, चौधरी रामपाल सिंह, चौधरी महेश सिंह, दारा सिंह, राजकुमार सिंह, चौधरी महक सिंह, चौधरी छत्रपाल सिंह आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
यह रहे खाप चौधरी
1950 में चौधरी जहान सिंह को सौरम महापंचायत में बुड़ियान खाप की पगड़ी दी गई थी। उनके बाद गांव भभीसा निवासी चौधरी जसबीर सिंह चौधरी बनाए गए। जसबीर सिंह का कई महीने पहले निधन हो गया था, जिसके बाद उनके बेटे सचिन चौधरी को पगड़ी बांधी गई थी। मामले में नया मोड़ तब आया, जब बुधवार को भभीसा की पंचायत ने सतवीर सिंह को पगड़ी बांध दी है।
विज्ञापन
गलत परंपरा, 20 को करेंगे पंचायत
बुड़ियान खाप चौधरी सचिन ने कहा कि यह गलत परंपरा है। हमारे पारिवारिक लोगों ने आपसी मनमुटाव के चलते यह काम किया है। पंचायत में यूपी की किसी खाप का कोई चौधरी नहीं था। इस मामले में हम चौधरी नरेश टिकैत से मिले थे। तब उन्होंने कार्यक्रम में आने से इनकार कर दिया था। सर्वखाप के मंत्री सुभाष बालियान से भी बातचीत की गई थी। उन्होंने कहा था कि हमारे पास सभी का रिकॉर्ड है। इस तरह पगड़ी नहीं बदली जाती। मेरे पिता की 20 अक्तूबर को बरसी है। उसी दिन पंचायत का आयोजन कर इस बारे में निर्णय लिया जाएगा।
यह बुड़ियान खाप का आपसी मामला
भाकियू नेता गौरव टिकैत का कहना है कि कार्यक्रम के लिए भाकियू अध्यक्ष एवं बालियान खाप के चौधरी नरेश टिकैत को निमंत्रण मिला था। वह आज कहीं दूसरी जगह चले गए, इस वजह से मैं कार्यक्रम में शामिल हुआ था। यह बुड़ियान खाप और सतवीर सिंह के परिवार का मामला है।