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Shamli: दोषपूर्ण ट्रैक्टर बेचने पर एजेंसी पर 2.60 लाख रुपये का जुर्माना, उपभोक्ता आयोग की सख्ती

Tue, 27 Jan 2026 11:17 PM IST
डिंपल सिरोही न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शामली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शामली Published by: डिंपल सिरोही Updated Tue, 27 Jan 2026 11:17 PM IST
सार

शामली जिला उपभोक्ता आयोग ने दोषपूर्ण ट्रैक्टर बेचने के मामले में ट्रैक्टर एजेंसी और कंपनी पर 2.60 लाख रुपये का जुर्माना लगाया। उपभोक्ता को मानसिक और आर्थिक क्षति का मुआवजा देने का आदेश दिया गया।

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Consumer Court Fines Tractor Agency rs2.60 Lakh for Selling Defective Tractor in Shamli
जिला उपभोक्ता फोरम - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

शामली जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने दोषपूर्ण ट्रैक्टर विक्रय के मामले में ट्रैक्टर एजेंसी और कंपनी के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए कुल 2.60 लाख रुपये का जुर्माना और मुआवजा अदा करने का आदेश दिया है।

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बिना दस्तावेज दिए बेचा गया ट्रैक्टर
गांव मोहम्मदपुर राई निवासी नईम ने मैसर्स बालाजी ट्रैक्टर शामली और एस्कॉर्ट एग्री मशीनरी फरीदाबाद के खिलाफ परिवाद दायर किया था। नईम ने आयोग को बताया कि उसने 7.20 लाख रुपये में ट्रैक्टर खरीदा था। इसके अतिरिक्त बीमा और रजिस्ट्रेशन के नाम पर 30 हजार रुपये अलग से लिए गए। बिक्री के समय एजेंसी ने एक वर्ष की पूर्ण गारंटी और पांच वर्ष की वारंटी का आश्वासन दिया, लेकिन न तो कोई बिल दिया गया और न ही गारंटी कार्ड या सर्विस बुक सौंपी गई।
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पहले दिन से खराब निकला ट्रैक्टर
परिवादी के अनुसार ट्रैक्टर पहले ही दिन से सही तरीके से कार्य नहीं कर रहा था। एक दिसंबर 2020 को जब वह सर्विस के लिए गया तो कर्मचारियों ने आश्वासन दिया कि एक-दो सर्विस के बाद ट्रैक्टर ठीक हो जाएगा। इसके बावजूद गारंटी में होने के बावजूद उससे 9,338 रुपये लेकर ट्रैक्टर का पंप बदला गया, लेकिन समस्या बनी रही।

आयोग ने मुआवजा और अर्थदंड दोनों लगाया
मामले की सुनवाई के बाद आयोग अध्यक्ष हेमंत कुमार गुप्ता ने एजेंसी और कंपनी को संयुक्त रूप से दोषी ठहराया। आयोग ने परिवादी को मानसिक, शारीरिक और आर्थिक क्षति के प्रतिकर स्वरूप दो लाख रुपये तथा वाद व्यय के रूप में 10 हजार रुपये देने का आदेश दिया। इसके अलावा अनुचित व्यापार व्यवहार के लिए 50 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया, जो राजकोष में जमा कराया जाएगा।   

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