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Shamli News: कलक्ट्रेट आवासीय कालोनी का निर्माण शुरू, 30 जून तक अधूरा कार्य होगा पूरा
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- जीएसटी की धनराशि न आने से कलक्ट्रेट का कार्य पड़ा था अधूरा
संवाद न्यूज एजेंसी
शामली। कलक्ट्रेट आवासीय कार्यालय भवन का अधूरा निर्माण कार्य राजकीय निर्माण विभाग के ठेकेदार की ओर से शुरू कर दिया गया। राजकीय निर्माण निगम के अफसरों की ओर से कलक्ट्रेट कार्यालय के अधूरे निर्माण के लिए 4.50 करोड़ रुपये की लागत से री-एस्टीमेट तैयार करके डीएम रविंद्र सिंह को सौंप दिया है। शासन से धनराशि अवमुक्त होने के बाद कलक्ट्रेट निर्माण पूरा हो पाएगा।
पूर्वी यमुना नहर के किनारे नवीन जिला मुख्यालय में बधेव गांव के जंगल में कलक्ट्रेट आवासीय कालोनी में पचास प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। जिसमें अब तक 11 करोड़ रुपये से अधिक खर्च हो चुके हैं। राजकीय निर्माण निगम ने दो साल पहले 24 करोड़ रुपये से अधिक का री-एस्टीमेट बनाकर तत्कालीन डीएम के माध्यम से शासन को भिजवाया था। पांच माह पूर्व इसके लिए 5.58 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई। स्वीकृत धनराशि राजकीय निर्माण निगम को अवमुक्त होने के बाद अधूरे काम का निर्माण फिर शुरू हो चुका है। राजकीय निर्माण एजेंंसी के प्रोजेक्ट मैनेजर आरके राजा ने बताया कि अगले साल 30 जून 2024 तक निर्माण पूरा हो जाएगा।
जीएसटी की सितंबर तक आ सकती है धनराशि
शामली कलक्ट्रेट के लिए स्वीकृत 29.95 करोड़ रुपये की धनराशि में राजकीय निर्माण निगम 28 करोड़ रुपये की धनराशि खर्च कर चुका है। 1.95 करोड़ रुपये जीएसटी धनराशि शासन से अवमुक्त करने के लिए डीएम शामली के माध्यम से शासन को पैरवी की गई थी। सितंबर तक जीएसटी की धनराशि शासन से अवमुक्त होने की संभावना है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
शामली। कलक्ट्रेट आवासीय कार्यालय भवन का अधूरा निर्माण कार्य राजकीय निर्माण विभाग के ठेकेदार की ओर से शुरू कर दिया गया। राजकीय निर्माण निगम के अफसरों की ओर से कलक्ट्रेट कार्यालय के अधूरे निर्माण के लिए 4.50 करोड़ रुपये की लागत से री-एस्टीमेट तैयार करके डीएम रविंद्र सिंह को सौंप दिया है। शासन से धनराशि अवमुक्त होने के बाद कलक्ट्रेट निर्माण पूरा हो पाएगा।
पूर्वी यमुना नहर के किनारे नवीन जिला मुख्यालय में बधेव गांव के जंगल में कलक्ट्रेट आवासीय कालोनी में पचास प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। जिसमें अब तक 11 करोड़ रुपये से अधिक खर्च हो चुके हैं। राजकीय निर्माण निगम ने दो साल पहले 24 करोड़ रुपये से अधिक का री-एस्टीमेट बनाकर तत्कालीन डीएम के माध्यम से शासन को भिजवाया था। पांच माह पूर्व इसके लिए 5.58 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई। स्वीकृत धनराशि राजकीय निर्माण निगम को अवमुक्त होने के बाद अधूरे काम का निर्माण फिर शुरू हो चुका है। राजकीय निर्माण एजेंंसी के प्रोजेक्ट मैनेजर आरके राजा ने बताया कि अगले साल 30 जून 2024 तक निर्माण पूरा हो जाएगा।
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जीएसटी की सितंबर तक आ सकती है धनराशि
शामली कलक्ट्रेट के लिए स्वीकृत 29.95 करोड़ रुपये की धनराशि में राजकीय निर्माण निगम 28 करोड़ रुपये की धनराशि खर्च कर चुका है। 1.95 करोड़ रुपये जीएसटी धनराशि शासन से अवमुक्त करने के लिए डीएम शामली के माध्यम से शासन को पैरवी की गई थी। सितंबर तक जीएसटी की धनराशि शासन से अवमुक्त होने की संभावना है।
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