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मवी कलां से कम मंजूर नहीं मुआवजा

Sun, 31 Jul 2022 11:48 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sun, 31 Jul 2022 11:48 PM IST
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Compensation not less than Mavi Kalan
संवाद न्यूज एजेंसी
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बाबरी (शामली)। दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर की भूमि के मुआवजे में अनियमितता के चलते धरने पर बैठे किसानों ने एलान किया कि बागपत के मवी कलां गांव से कम मुआवजा स्वीकार नहीं किया जाएगा। तेज बारिश की परवाह किए बिना चार दिन से किसान धरनास्थल पर डटे हैं। किसानों के बीच अभी तक कोई अधिकारी नहीं पहुंचा है।
क्षेत्र के 22 गांवों के किसानों ने 28 जुलाई से बुटराड़ा व करौदा हाथी गांव के बीच किसान संघर्ष समिति के बैनर तले धरना शुरू किया था। रविवार को किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सवित मलिक, बाबा शौकेंद्र, धर्मवीर निर्वाल, देवराज पहलवान, ब्रह्मपाल नाला आदि ने किसान संघर्ष समिति को समर्थन दिया। वक्ताओं ने अपने संबोधन में किसानों की मांगों का समर्थन करते हुए कहा कि बागपत के मवी कलां के किसानों को एक करोड़ रुपये प्रति बीघा जमीन का मुआवजा दिया जा रहा है। शामली जिले में ऐसा क्यों नहीं है। एक करोड़ रुपये से कम मुआवजा किसानों को मंजूर नहीं होगा। इसके लिए चाहे किसानों को कितने भी दिन धरना देना पड़े।
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सभा के अध्यक्षता बाबू प्रधान भैसानी ने की तथा संचालन समिति के सचिव विदेश मलिक ने किया। इस दौरान बिजेंद्र सिंह बाबरी, उमर खान बुटराड़ा, संजीव खानपुर, नरेंद्र खानपुर, योगेंद्र प्रधान खानपुर, प्रमोद बंतीखेड़ा, संदीप बंतीखेड़ा, महावीर कांजरहेड़ी, चंद्रवीर माजरा, वीरपाल ठेकेदार लांक, इंद्रपाल लांक, ठाकुर वीर सिंह गोगवान, सुरेश राणा ख्यावड़ी, चंद्रपाल हिरनवाड़ा, योगेंद्र प्रधान कैडी आदि मौजूद रहे।
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शहीद ऊधम सिंह का बलिदान दिवस
चार दिन से चल रहे धरने में किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सवित मलिक ने धरनास्थल पर किसानों के बीच पहुंचे और शहीद ऊधम सिंह का बलिदान दिवस मनाया। ऊधम सिंह के चित्र पर पुष्प अर्पित कर नमन किया। ऊधम सिंह के इतिहास की जानकारी देते हुए किसानों को बताया कि जलियांवाला बाग कांड का बदला लेने के लिए ऊधम सिंह ने लंदन में जाकर जनरल डायर को मारकर भारतीयों की मौत का बदला लिया व शहीद हुए। पीड़ित किसानों को अपने संगठन का समर्थन देते हुए कहा कि यह संगठन हमेशा किसानों के हक की लड़ाई लड़ता रहेगा। आज भी किसानों के लिए संगठन को मजबूत बनाने की अपील की है।
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