शामली। दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर आ रही अड़चनों और किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए बृहस्पतिवार को प्रशासनिक व राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) अधिकारियों और किसानों के बीच बैठक हुई। किसानों ने बताया कि लांक गांव में चकबंदी प्रक्रिया के चलते मुआवजा प्रक्रिया अटकी है। चकबंदी लेखपाल के सत्यापन के बाद किसानों को मुआवजा दिया जाना था, लेकिन अभी किसानों के खाते में मुआवजा नहीं पहुंचा है।
कलक्ट्रेट में हुई इस बैठक में किसानों ने बताया कि डीएम कोर्ट में मुआवजा दर वृद्धि के 250 आर्बिट्रेशन वाद दायर हो चुके हैं, लेकिन अभी तक सुनवाई शुरू नहीं हुई है। किसानों ने सुनवाई में तेजी लाकर बढ़ी दर से मुआवजा देने की मांग की। किसान संघर्ष समिति के अध्यक्ष ठाकुर वीर सिंह, सचिव विदेश मलिक ने बताया कि लांक गांव के मुआवजे का मामला उठाया। साथ ही उन्होंने बताया कि एक्सप्रेसवे पर बन रहे अंडरपास की हाइट कम दी गई है। अंडरपास की हाइट साढ़े पांच फुट से ज्यादा रखने की मांग की गई। परिसंपत्तियों के मूल्यांकन में तेजी लाने की भी मांग की। एडीएम संतोष कुमार सिंह ने किसानों को आश्वासन दिया कि निर्माण एजेंसी के वाहनों से टूटने वाली सड़कों का निर्माण और मरम्मत समय पर कराई जाएगा। किसानों के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने लंबित मामलों का निस्तारण नहीं होने एनएचएआई अधिकारियों से भी नाराजगी जताई। एसडीएम सदर विशुराजा ने बताया कि किसान सिंचाई के लिए पानी निकासी पर चर्चा की। गांवों में रोस्टर के तहत पैमाइश में मिली खामियों को लेकर चर्चा की गई। बैठक में विजेंद्र सिंह, योगेंद्र प्रधान, चंद्रवीर सिंह, पप्पू मलिक, बहावड़ी से श्याम सिंह, एनएचएआई के सलाहकार प्रेमशंकर शर्मा, जेई आशुतोष कुमार, डिप्टी मैनेजर दीपक राणा, सोमपाल सिंह आदि मौजूद रहे।

शामली कलक्ट्रेट सभागार में आयोजित बैठक में मौजूद किसान।- फोटो : SHAMLI

शामली कलक्ट्रेट सभागार में आयोजित बैठक में मौजूद एनएचएआई के अधिकारी।- फोटो : SHAMLI