{"_id":"6020316e8ebc3ed6512301a4","slug":"community-toilets-could-not-be-handed-over-to-groups-shamli-news-mrt524245414","type":"story","status":"publish","title_hn":"समूहों को नहीं सौंपे जा सके सामुदायिक शौचालय","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
समूहों को नहीं सौंपे जा सके सामुदायिक शौचालय
विज्ञापन
समूहों को नहीं सौंपे जा सके सामुदायिक शौचालय
शामली। ग्राम पंचायतों में बनाए गए सभी सामुदायिक शौचालयों की देखरेख का जिम्मा स्वयं सहायता समूहों को नहीं सौंपा जा सका है। ग्राम पंचायतों में जो शौचालय बन गए हैं वे अभी देखरेख के अभाव में बंद पड़े हुए हैं। पंचायतीराज विभाग को सभी सामुदायिक शौचालयों की जिम्मेदारी स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को देने के निर्देेश दिए गए हैं।
जिले की 230 ग्राम पंचायतों में सामुदायिक शौचालयों का निर्माण होना था, लेकिन 20 ग्राम पंचायतों में जमीन नहीं मिली। अब तक 145 ग्राम पंचायतों में शौचालयों का निर्माण पूरा हो चुका है। इन शौचालयों की देखरेख की जिम्मेदारी स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को दी जानी है। अब तक बन चुके 145 शौचालयों में से केवल 90 की ही जिम्मेदारी महिलाओं को दी गई है। अन्य बिना देखरेख के ही चल रहे हैं। सीडीओ शंभूनाथ तिवारी ने पंचायती राज विभाग को अब तक बन चुके सभी शौचालयों की जिम्मेदारी समूहों की महिलाओं को सौंपने के निर्देश दिए हैं।
छह हजार रुपये मासिक मानदेय
शामली। सामुदायिक शौचालय की देखरेख की जिम्मेदारी संभालने वाली महिला को छह हजार रुपये मासिक मानदेय दिया जाएगा। इसके अलावा प्रत्येक माह तीन हजार रुपये का साफ-सफाई का सामान भी दिया जाएगा। इससे शौचालयों की देखभाल और साफ-सफाई होती रहेगी जिससे ग्रामीण इनका उपयोग कर सकेंगे।
विज्ञापन
खेल मैैदानों का तैयार होगा लेखा-जोखा
शामली। जनपद के 50 गांवों में बनाए गए खेल मैदानों का पूरा लेखाजोखा तैयार किया जाएगा। डीएम जसजीत कौर ने सभी खेल मैदानों की वीडियो एवं फोटोग्राफी कराने के साथ ही मैैदान बनने से पहले और बाद की स्थिति के फोटो तैयार कराने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही खेल मैदान बनाने में खर्च की गई धनराशि और गांव में उपलब्ध कराए गए खेल सामान आदि का ब्योरा भी दर्ज कर रिपोर्ट उपलब्ध कराने को कहा है।
विज्ञापन
शामली। ग्राम पंचायतों में बनाए गए सभी सामुदायिक शौचालयों की देखरेख का जिम्मा स्वयं सहायता समूहों को नहीं सौंपा जा सका है। ग्राम पंचायतों में जो शौचालय बन गए हैं वे अभी देखरेख के अभाव में बंद पड़े हुए हैं। पंचायतीराज विभाग को सभी सामुदायिक शौचालयों की जिम्मेदारी स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को देने के निर्देेश दिए गए हैं।
जिले की 230 ग्राम पंचायतों में सामुदायिक शौचालयों का निर्माण होना था, लेकिन 20 ग्राम पंचायतों में जमीन नहीं मिली। अब तक 145 ग्राम पंचायतों में शौचालयों का निर्माण पूरा हो चुका है। इन शौचालयों की देखरेख की जिम्मेदारी स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को दी जानी है। अब तक बन चुके 145 शौचालयों में से केवल 90 की ही जिम्मेदारी महिलाओं को दी गई है। अन्य बिना देखरेख के ही चल रहे हैं। सीडीओ शंभूनाथ तिवारी ने पंचायती राज विभाग को अब तक बन चुके सभी शौचालयों की जिम्मेदारी समूहों की महिलाओं को सौंपने के निर्देश दिए हैं।
विज्ञापन
छह हजार रुपये मासिक मानदेय
शामली। सामुदायिक शौचालय की देखरेख की जिम्मेदारी संभालने वाली महिला को छह हजार रुपये मासिक मानदेय दिया जाएगा। इसके अलावा प्रत्येक माह तीन हजार रुपये का साफ-सफाई का सामान भी दिया जाएगा। इससे शौचालयों की देखभाल और साफ-सफाई होती रहेगी जिससे ग्रामीण इनका उपयोग कर सकेंगे।
विज्ञापन
खेल मैैदानों का तैयार होगा लेखा-जोखा
शामली। जनपद के 50 गांवों में बनाए गए खेल मैदानों का पूरा लेखाजोखा तैयार किया जाएगा। डीएम जसजीत कौर ने सभी खेल मैदानों की वीडियो एवं फोटोग्राफी कराने के साथ ही मैैदान बनने से पहले और बाद की स्थिति के फोटो तैयार कराने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही खेल मैदान बनाने में खर्च की गई धनराशि और गांव में उपलब्ध कराए गए खेल सामान आदि का ब्योरा भी दर्ज कर रिपोर्ट उपलब्ध कराने को कहा है।