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आम बजट : सपने जो रह गए अधूरे

Wed, 22 Jan 2020 12:21 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Wed, 22 Jan 2020 12:21 AM IST
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Common Budget: Dreams that remain incomplete
आम बजट : सपने जो रह गए अधूरे
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शामली। आम बजट में सालों से की जा रहीं घोषणाएं अभी तक परवान नहीं चढ़ पाई हैं। बजट में मेरठ-पानीपत नई रेलवे लाइन, दिल्ली-शामली, सहारनपुर रेलवे लाइन का दोहरीकरण हो अथवा कैथल-करनाल, शामली, मेरठ नई रेलवे लाइन की योजना का सपना अधूरा रह गया है।
ढाई दशक के बाद मेरठ-पानीपत नई रेलवे लाइन की सर्वे की घोषणा किए जाने के बाद सालों से धरातल पर योजना नहीं उतर पाई है। 2009 में केंद्रीय रेलमंत्री ममता बनर्जी ने मेरठ-पानीपत नई रेलवे लाइन के दोबारा सर्वेक्षण की घोषणा की थी। 2016 मेेें आम बजट में मेरठ-पानीपत नई रेलवे लाइन का 2200 करोड़ रुपये, दिल्ली- शामली, सहारनपुर रेलवे मार्ग के दोहरीकरण, विद्युतीकरण के लिए 1500 करोड़ रुपये का प्राविधान रखा गया था। कैथल-करनाल, शामली और मेरठ रेलवे लाइन का सर्वे की घोषणा की गई थी। कैथल-करनाल, शामली और मेरठ नई लाइन का सर्वे हो चुका है। बजट के प्राविधान के बाद दिल्ली-शामली, सहारनपुर रेलवे मार्ग का दोहरीकरण कार्य शुरू नहीं हो पाया है। आम बजट में घोषणा किए जाने के बाद रेलवे की परियोजना एक सपना बन कर रह गई है।
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रेलवे परियोजनाओं को बार बार भेजा
शामली। अग्रवाल मित्र मंडल के सचिव अनुज बंसल का कहना है कि दिल्ली-शामली, सहारनपुर के विद्युतीकरण, दोहरीकरण, मेरठ-पानीपत नई रेलवे लाइन, कैथल करनाल, शामली, मेरठ नई रेलवे लाइन की स्थापना, धीमानपुरा-बुढ़ाना रोड पर अंडरपास की स्थापना और दिल्ली से कासिमपुर खेड़ी तक चलने वाली पैसेंजर ट्रेन को शामली तक चलवाने की मांग की गई। इसके लिए राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, केंद्रीय रेलमंत्री पीयूष गोयल को पत्र लिखे गए, लेकिन यह मांग पूरी नहीं हो सकी।
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गन्ना पैकेज भुगतान का अता पता नहीं
शामली। किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सवित मलिक का कहना है कि केंद्र सरकार ने चीनी मिलों को गन्ना पैकेज दिए जाने के लिए दस हजार करोड़ रुपये दिए जाने की घोषणा की थी, लेकिन अभी तक गन्ना पैकेज का पता नहीं है। चीनी मिलों को गन्ना पैकेज मिला अथवा नहीं, किंतु किसानों को गन्ने का पैकेज नहीं मिल पाया है। फसल बीमा योजना में खामियों को दुरुस्त करने के साथ फसलों की बिक्री के लिए जिला व मंडल स्तर पर मंडियों की स्थापना की जाए।

पुुराने उद्योगों को बजट में पैकेज दिया जाए
शामली। इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के चेयरमैन अशोक मित्तल का कहना है कि आयकर सीमा बढ़ाने और उद्योगों को पैकेज दिए जाने की बजट में व्यवस्था की जानी चाहिए। शामली इंडस्ट्रियल स्टेट एसोसिएशन के अध्यक्ष अंकित गोयल का कहना है कि नए उद्योगों को प्रोत्साहन के साथ-साथ पुराने उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए पैकेज दिया जाए। प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम व मृदा लोन की ऋण की सीमा बढ़ाई जाए।
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