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Shamli News: कमांडेट के बेटे विवेक और दरोगा की बेटी गरिमा बनीं पीसीएस अधिकारी
Wed, 01 Apr 2026 01:27 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
Updated Wed, 01 Apr 2026 01:27 AM IST
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पीसीएस परीक्षा परिणाम में नायब तहसीलदार बने लपराना गांव के विवेक खैवाल । परिजन
शामली। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग परीक्षा 2024 का परिणाम घोषित होने पर जनपद शामली के दो होनहारों ने सफलता हासिल कर जिले का नाम रोशन किया है। कमांडेंट के बेटे विवेक खैवाल और दरोगा की बेटी गरिमा ने पीसीएस परीक्षा उत्तीर्ण कर उत्कृष्ट रैंक प्राप्त की है।
जनपद के गांव लपराना निवासी विनोद खैवाल के पुत्र विवेक खैवाल ने 154वीं रैंक हासिल कर नायब तहसीलदार पद के लिए चयनित होकर सफलता प्राप्त की। विवेक पिछले कई वर्षों से दिल्ली में रहकर तैयारी कर रहे थे और यह उनका चौथा प्रयास था। उन्होंने बताया कि नियमित रूप से करीब आठ घंटे पढ़ाई कर उन्होंने यह मुकाम हासिल किया।
विवेक के पिता विनोद खैवाल बीएसएफ में कमांडेंट के पद पर तैनात हैं और वर्तमान में गाजियाबाद में रहते हैं। विवेक की वर्ष 2021 में शादी हुई थी और उनकी पत्नी डॉ. गायत्री गणित विषय की प्रोफेसर हैं, जिन्होंने तैयारी में उनका सहयोग किया।
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वहीं, आदर्श मंडी थाने में तैनात बुलंदशहर निवासी दरोगा नेमपाल सिंह की पुत्री गरिमा ने 145वीं रैंक प्राप्त कर वाणिज्य विभाग में असिस्टेंट कमिश्नर पद हासिल किया। गरिमा ने दिल्ली में रहकर वर्ष 2023 से तैयारी शुरू की थी और पहले ही प्रयास में सफलता प्राप्त की। वह प्रतिदिन लगभग 10 घंटे अध्ययन करती थीं।
गरिमा ने इंटरमीडिएट के बाद मेरठ स्थित चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय से बीए एलएलबी की पढ़ाई की, जिसमें वह विश्वविद्यालय टॉपर भी रहीं। उनकी इस उपलब्धि से परिवार और क्षेत्र में खुशी का माहौल है।
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जनपद के गांव लपराना निवासी विनोद खैवाल के पुत्र विवेक खैवाल ने 154वीं रैंक हासिल कर नायब तहसीलदार पद के लिए चयनित होकर सफलता प्राप्त की। विवेक पिछले कई वर्षों से दिल्ली में रहकर तैयारी कर रहे थे और यह उनका चौथा प्रयास था। उन्होंने बताया कि नियमित रूप से करीब आठ घंटे पढ़ाई कर उन्होंने यह मुकाम हासिल किया।
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विवेक के पिता विनोद खैवाल बीएसएफ में कमांडेंट के पद पर तैनात हैं और वर्तमान में गाजियाबाद में रहते हैं। विवेक की वर्ष 2021 में शादी हुई थी और उनकी पत्नी डॉ. गायत्री गणित विषय की प्रोफेसर हैं, जिन्होंने तैयारी में उनका सहयोग किया।
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वहीं, आदर्श मंडी थाने में तैनात बुलंदशहर निवासी दरोगा नेमपाल सिंह की पुत्री गरिमा ने 145वीं रैंक प्राप्त कर वाणिज्य विभाग में असिस्टेंट कमिश्नर पद हासिल किया। गरिमा ने दिल्ली में रहकर वर्ष 2023 से तैयारी शुरू की थी और पहले ही प्रयास में सफलता प्राप्त की। वह प्रतिदिन लगभग 10 घंटे अध्ययन करती थीं।
गरिमा ने इंटरमीडिएट के बाद मेरठ स्थित चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय से बीए एलएलबी की पढ़ाई की, जिसमें वह विश्वविद्यालय टॉपर भी रहीं। उनकी इस उपलब्धि से परिवार और क्षेत्र में खुशी का माहौल है।

पीसीएस परीक्षा परिणाम में नायब तहसीलदार बने लपराना गांव के विवेक खैवाल । परिजन