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Shamli News: ठंड बढ़ने के साथ अस्पतालाें में बढ़े कोल्ड डायरिया के मरीज
Sun, 14 Jan 2024 03:03 PM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
Updated Sun, 14 Jan 2024 03:03 PM IST
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शामली। ठंड बढ़ने के साथ सरकारी व निजी अस्पतालों में कोल्ड डायरिया के मरीज बढ़ गए हैं। ओपीडी में आने वाले बीमार बच्चों में लगभग 20 प्रतिशत बच्चे कोल्ड डायरिया के आ रहे हैं। इसके अलावा नजला, खांसी, बुखार और त्वचा रोग संबंधी मरीज आ रहे हैं। चिकित्सकों का कहना है कि बच्चों को ठंड से बचाने के तरीके अपनाने चाहिए और साफ-सफाई का ध्यान रखना चाहिए।
जिले में ठंड का प्रकोप चल रहा है। ठंड बढ़ने के साथ अस्पतालों में कोल्ड डायरिया से पीड़ित बच्चों की संख्या भी बढ़ गई है। सामान्य तौर पर पहले कोल्ड डायरिया के मरीजों की संख्या दो या तीन होती थी, लेकिन जब से ठंड बढ़ी है तो ओपीडी में आने वाले बच्चों में करीब 20 प्रतिशत बच्चे कोल्ड डायरिया से पीड़ित आ रहे हैं। इनमें कई बच्चों को उल्टी तक भी होने की समस्या बन रही है। सीएचसी के बाल रोग विशेज्ञज्ञ डॉ. उपकार मलिक ने बताया कि ठंड लगने से बच्चे बीमार हो रहे हैं। इस मौसम में बच्चों को ठंड से बचाना चाहिए। ठंड लगने से बच्चों को नजला, जुकाम, खांसी व बुखार हो रहा है। ज्यादा ठंड बढ़ने से कोल्ड डायरिया के केस बढ़ गए हैं। ओपीडी में आने वाले मरीजों में 20-22 प्रतिशत बच्चे कोल्ड डायरिया के आ रहे हैं। कई बच्चों में कोल्ड डायरिया के साथ उल्टी होने के भी केस आ रहे हैं। ठंड का असर सात-आठ साल तक के बच्चों पर ज्यादा पड़ रहा है। इसलिए जरूरी है कि बच्चों को ठंड से बचाया जाए और साफ-सफाई का भी खास ध्यान रखें। अगर किसी बच्चे को कोई शिकायत होती है तो चिकित्सक की सलाह से ही उपचार कराएं। जिला अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. अशोक कुमार ने बताया कि ठंड की वजह से कोल्ड डायरिया के केस आ रहे हैं। इसके अलावा बच्चों में ज्यादातर नजला, खांसी, बुखार व एलर्जी के मामले आ रहे हैं। सभी को दवा उपलब्ध कराई जा रही है।
ये बरतें सावधानी
- बच्चे को बासी भोजन न खिलाएं।
- ज्यादा ठंडे पानी को न पिलाए, गुनगुना पानी पिलाए।
- कमरे को पूरी तरह बंद न रखे, हवा के आवागमन के लिए रोशनदान को खुला रखे।
- रात को सोते समय कमरा बंद कर हीटर या अंगीठी न जलाएं।
- साफ-सफाई का ध्यान रखे, बच्चा स्वस्थ है तो उसे दो-तीन दिन में नहलाते रहे।
- बच्चे को ठंडे पानी में न भीगने दे।
- बच्चों को गीले कपड़े न पहनाएं, अच्छी तरह सुखाए गए कपड़े पहनाएं।
- बच्चे का स्वास्थ्य खराब होने पर चिकित्सक की सलाह से उपचार कराएं।
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जिले में ठंड का प्रकोप चल रहा है। ठंड बढ़ने के साथ अस्पतालों में कोल्ड डायरिया से पीड़ित बच्चों की संख्या भी बढ़ गई है। सामान्य तौर पर पहले कोल्ड डायरिया के मरीजों की संख्या दो या तीन होती थी, लेकिन जब से ठंड बढ़ी है तो ओपीडी में आने वाले बच्चों में करीब 20 प्रतिशत बच्चे कोल्ड डायरिया से पीड़ित आ रहे हैं। इनमें कई बच्चों को उल्टी तक भी होने की समस्या बन रही है। सीएचसी के बाल रोग विशेज्ञज्ञ डॉ. उपकार मलिक ने बताया कि ठंड लगने से बच्चे बीमार हो रहे हैं। इस मौसम में बच्चों को ठंड से बचाना चाहिए। ठंड लगने से बच्चों को नजला, जुकाम, खांसी व बुखार हो रहा है। ज्यादा ठंड बढ़ने से कोल्ड डायरिया के केस बढ़ गए हैं। ओपीडी में आने वाले मरीजों में 20-22 प्रतिशत बच्चे कोल्ड डायरिया के आ रहे हैं। कई बच्चों में कोल्ड डायरिया के साथ उल्टी होने के भी केस आ रहे हैं। ठंड का असर सात-आठ साल तक के बच्चों पर ज्यादा पड़ रहा है। इसलिए जरूरी है कि बच्चों को ठंड से बचाया जाए और साफ-सफाई का भी खास ध्यान रखें। अगर किसी बच्चे को कोई शिकायत होती है तो चिकित्सक की सलाह से ही उपचार कराएं। जिला अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. अशोक कुमार ने बताया कि ठंड की वजह से कोल्ड डायरिया के केस आ रहे हैं। इसके अलावा बच्चों में ज्यादातर नजला, खांसी, बुखार व एलर्जी के मामले आ रहे हैं। सभी को दवा उपलब्ध कराई जा रही है।
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ये बरतें सावधानी
- बच्चे को बासी भोजन न खिलाएं।
- ज्यादा ठंडे पानी को न पिलाए, गुनगुना पानी पिलाए।
- कमरे को पूरी तरह बंद न रखे, हवा के आवागमन के लिए रोशनदान को खुला रखे।
- रात को सोते समय कमरा बंद कर हीटर या अंगीठी न जलाएं।
- साफ-सफाई का ध्यान रखे, बच्चा स्वस्थ है तो उसे दो-तीन दिन में नहलाते रहे।
- बच्चे को ठंडे पानी में न भीगने दे।
- बच्चों को गीले कपड़े न पहनाएं, अच्छी तरह सुखाए गए कपड़े पहनाएं।
- बच्चे का स्वास्थ्य खराब होने पर चिकित्सक की सलाह से उपचार कराएं।