{"_id":"5940304b8664195f5d8b4808","slug":"cleaning-of-drains-in-papers","type":"story","status":"publish","title_hn":"कागजों में ही नालों की सफाई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कागजों में ही नालों की सफाई
शामली, अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 14 Jun 2017 12:04 AM IST
विज्ञापन
clean
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शामली। बरसात का सीजन सिर पर आ गया है। वैसे तो नगर पालिका ने नालों की सफाई का अभियान चला रखा है, लेकिन अभी भी बहुत से नालों की सफाई नहीं हुई है।
नाले गंदगी से अटे हुए हैं, जो बरसात आने पर जलभराव की समस्या को बढ़ावा दे सकते हैं। नालों की पर्याप्त सफाई नहीं होने की वजह से हर साल जलभराव की समस्या पैदा होती है, जिससे नागरिकों को परेशान होना पड़ता है।
शामली नगर में बरसात के समय कई स्थानों पर जलभराव होता है। इनमें नेहरू मार्केट, आर्यपुरी, बैंड मार्केट, कबाड़ी बाजार, सीबी गुप्ता कॉलोनी आदि शामिल हैं।
बरसात में जलभराव की समस्या से बचाव के लिए ही हर साल नगर पालिका नालों की सफाई कराती है। इस बार भी नालों की सफाई का अभियान चल रहा है, जिसके चलते मंडी के पीछे से शांतिनगर होता हुआ दयानंदनगर से खेड़ीकरमू की तरफ जाने वाले मुख्य नाले की सफाई जेसीबी से कराई जा रही है। इसके बावजूद मोहल्ला शांतिनगर से पीछे का पूरा नाला गंदगी से अटा हुआ है। ब्लाक रोड पर और मंडी रोड पर सड़क के किनारे से के छोटे नाले भी गंदगी से भरे हैं।
नाला सफाई पर खर्च हुए थे 20 लाख रुपये
शहर के नालों की सफाई पर बीते वर्ष नगर पालिका परिषद शामली ने करीब 20 लाख रुपये चार किश्तों में खर्च किए थे। इस बार भी नाला सफाई पर मोटी धनराशि खर्च की जा रही है।
विज्ञापन
अब देखना यह है कि इस बार पालिका द्वारा कराई गई सफाई कितनी कारगर रहती है और बरसात के दिनों में जलभराव की समस्या से कितनी निजात मिलेगी। नगर पालिका परिषद के सफाई निरीक्षक गोविंद का कहना है कि शहर में 43 नाले हैं, जिनमें से 35 की सफाई कराई जा चुकी है। बचे हुए नालों की सफाई जल्दी ही कराई जाएगी।
विज्ञापन
नाले गंदगी से अटे हुए हैं, जो बरसात आने पर जलभराव की समस्या को बढ़ावा दे सकते हैं। नालों की पर्याप्त सफाई नहीं होने की वजह से हर साल जलभराव की समस्या पैदा होती है, जिससे नागरिकों को परेशान होना पड़ता है।
शामली नगर में बरसात के समय कई स्थानों पर जलभराव होता है। इनमें नेहरू मार्केट, आर्यपुरी, बैंड मार्केट, कबाड़ी बाजार, सीबी गुप्ता कॉलोनी आदि शामिल हैं।
बरसात में जलभराव की समस्या से बचाव के लिए ही हर साल नगर पालिका नालों की सफाई कराती है। इस बार भी नालों की सफाई का अभियान चल रहा है, जिसके चलते मंडी के पीछे से शांतिनगर होता हुआ दयानंदनगर से खेड़ीकरमू की तरफ जाने वाले मुख्य नाले की सफाई जेसीबी से कराई जा रही है। इसके बावजूद मोहल्ला शांतिनगर से पीछे का पूरा नाला गंदगी से अटा हुआ है। ब्लाक रोड पर और मंडी रोड पर सड़क के किनारे से के छोटे नाले भी गंदगी से भरे हैं।
विज्ञापन
नाला सफाई पर खर्च हुए थे 20 लाख रुपये
शहर के नालों की सफाई पर बीते वर्ष नगर पालिका परिषद शामली ने करीब 20 लाख रुपये चार किश्तों में खर्च किए थे। इस बार भी नाला सफाई पर मोटी धनराशि खर्च की जा रही है।
विज्ञापन
अब देखना यह है कि इस बार पालिका द्वारा कराई गई सफाई कितनी कारगर रहती है और बरसात के दिनों में जलभराव की समस्या से कितनी निजात मिलेगी। नगर पालिका परिषद के सफाई निरीक्षक गोविंद का कहना है कि शहर में 43 नाले हैं, जिनमें से 35 की सफाई कराई जा चुकी है। बचे हुए नालों की सफाई जल्दी ही कराई जाएगी।